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Jun 19, 2016, 6:11 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
उत्तर प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग आख़िरी पंक्ति के वोटर माने जाते हैं, तो ब्राह्मण पहली पंक्ति के. अति पिछड़ा वर्ग के लोगों की संख्या ब्राह्मणों की तुलना में काफी कम और वे एकजुट भी नहीं है. उनकी
Nov 21, 2015, 5:36 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
नीतीश कुमार ने जब पांचवीं बार राजनीतिक रूप से जागरूक कहे जाने वाले सुबे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो उनके चेहरे पर वह तेज नहीं था, जो जीत की खुशी का होना चाहिए. लालू के परिवारवाद ने उनके
Sep 24, 2015, 4:47 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
बिहार में विधान सभा चुनाव की सरगर्मी अपने शबाब पर है. वैसे तो किसी भी राज्य में विधानसभा का चुनाव उस राज्य के निवासियों के भविष्य से जुड़ा स्थानीय चुनाव होता है, पर जब से नरेन्द्र मोदी की अगुआई
Mar 07, 2015, 12:25 pm    by : जय प्रकाश पाण्डेय
आम आदमी पार्टी में जो कुछ चल रहा, उससे यह उजागर होता है कि हमारे नेताओं में अहम कितना है? और सफलता कैसे इनका दिमाग खराब कर देती है. योगेन्द्र यादव और प्रशान्त भूषण का योगदान 'आप' की दिल्ली की स
Feb 10, 2015, 5:51 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 के नतीजों का सबक जितना हारने वालों के लिए है, उतना ही जीतने वालों के लिए भी। यह लोकतंत्र में जनता के असली 'राजा' होने का वह सबक है, जिसे सत्ता, पैसे और ताकत के दंभ में अ
May 18, 2014, 3:14 am    by : जय प्रकाश पांडेय
जनादेश 2014! किस तरह का था? भाजपा जीती या कांग्रेस हारी ? नरेंद्र मोदी लहर थी या राहुल गांधी फेल हुए? जातीय समीकरण टूटे या विकास की बयार बही? जैसे सवालों के उत्तर से कहीं बड़ा है, और इसे लेकर राजनीतिक
Dec 08, 2013, 4:38 am    by : जय प्रकाश पांडेय
राज्य विधान सभा 2013 के दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम से आये चुनावी नतीजों में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो चौंकाने वाला हो, सिवाय इसके की राजनीतिक विश्लेषकों और चाटुकार संस्कृति
May 14, 2011, 4:43 am    by : जय प्रकाश पांडेय
'ये जो पब्लिक है, ये सब जानती है, ये जो पब्लिक है...' संभवत: 70 के दशक में लोगों की जबान पर चढ़ चुके इस गाने की आगे की लाइनें हैं- 'हीरे-मोती तुमने छिपाए, कुछ हम लोग न बोले, पर आटा-चावल भी छिपा तो भूखो