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Mar 21, 2011, 4:43 am    by : अनंत विजय
एक दिन दफ्तर के साथियों से कविता पर बात शुरू हुई । मेरे मन में सवाल बार-बार कौध रहा था खि अब कोई दिनकर, बच्चन या श्याम नारायण पांडे जैसी कविताएं कोई क्यों नहीं लिखता । आज जिस तरह की कविताएं लिखी ज