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Nov 14, 2017, 6:56 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
यह ठीक है कि अमेरिका इस्लामिक स्टेट या बाहर के आतंकियों से निबटने में सक्षम है, पर वह घरेलू हथियार लॉबी के हाथों पड़ गए लोगों की सनक का शिकार होने से कैसे बचेगा. रंगभेदी हिंसा या कहीं भी अचानक ग
Jan 26, 2015, 2:04 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
हम और हमारी मीडिया चाहे जितना मुगालता पाल लें, यह तय है कि अमेरिका की दोस्ती किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि भारत में कार्यपालिका के उस मुखिया से है, जो उसके लिए मौकों और बाजार के नए द्वार खोल
Jan 04, 2015, 5:15 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
होना तो यह चाहिए था कि हर बदलने वाले दिन के साथ इनसान बेहतरी की तरफ बढ़ता, पर हो इसका उलटा रहा है. 'वसुधैव कुटुम्बकम' का दर्शन मानने वाले देश के नागरिक अब मानव मात्र, सम्पूर्ण विश्व तो दूर, अपने
May 18, 2014, 3:14 am    by : जय प्रकाश पांडेय
जनादेश 2014! किस तरह का था? भाजपा जीती या कांग्रेस हारी ? नरेंद्र मोदी लहर थी या राहुल गांधी फेल हुए? जातीय समीकरण टूटे या विकास की बयार बही? जैसे सवालों के उत्तर से कहीं बड़ा है, और इसे लेकर राजनीतिक
Mar 25, 2011, 10:52 am    by : जय प्रकाश पांडेय
अजीब बात है, हिन्दी वाला होकर भी अपनी ज़बान में आप सबसे पूरे एक साल बाद मुखातिब हूँ। वह भी आन लाइन मीडिया में- क्यों और कैसे, की एक लंबी दास्तान है। विस्तार से फ़ुर्सत में फिर कभी, फिलहाल तो यही क