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Jun 22, 2011, 5:28 am    by : जय प्रकाश पांडेय
आजकल टेलीविजन के समाचार चैनलों पर सरकारी एड का बोलबाला है, जिसमें देश और देशवासी लहलहाते, खुशहाल और प्रसन्नचित्त दिखाई देते हैं. यहां केवल टेलीविज़न की बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि इनमें गीत-
Jun 01, 2011, 1:52 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह देश, यहां का माहौल, सब कुछ जल्दी से पा लेने और जल्दी से भूल जाने की मानसिकता, और नहीं तो जैसा है वैसा स्वीकार कर लेने की हमारी प्रवृत्ति से ही हर्षद मेहता, तेलगी, बलवा, राजा, रादिया और स्पीक एशिय