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Dec 18, 2017, 12:37 pm    by : जय प्रकाश पाण्डेय
'क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं...', वैसे तो यह पंक्तियां कही थीं, भाजपा के शीर्ष पुरूष अटल विहारी वाजपेयी ने पर यह राहुल गांधी पर सटीक बैठती है. राहुल अंततः कांग्रेस अध्यक्ष
May 08, 2016, 6:05 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
भारतीय जनता पार्टी आक्रामक है, न केवल राष्ट्रवाद के मसले पर बल्कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी. अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की डील पर इटली की कोर्ट से आए फैसले ने उसे ऐसा हथियार मुहैय
May 20, 2015, 11:06 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
अपनी 56 दिनों की बेहद चर्चित और निजी छुट्टी बिताकर जब राहुल गांधी लौटे, तो पहले हफ्ते में ही उन्होंने न केवल दबे कुचले विपक्ष को एक तरह से अपनी आवाज दी, बल्कि सत्तासीन भाजपा और प्रधानमंत्री नरें
May 18, 2014, 3:14 am    by : जय प्रकाश पांडेय
जनादेश 2014! किस तरह का था? भाजपा जीती या कांग्रेस हारी ? नरेंद्र मोदी लहर थी या राहुल गांधी फेल हुए? जातीय समीकरण टूटे या विकास की बयार बही? जैसे सवालों के उत्तर से कहीं बड़ा है, और इसे लेकर राजनीतिक
Dec 08, 2013, 4:38 am    by : जय प्रकाश पांडेय
राज्य विधान सभा 2013 के दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम से आये चुनावी नतीजों में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो चौंकाने वाला हो, सिवाय इसके की राजनीतिक विश्लेषकों और चाटुकार संस्कृति
Jun 07, 2011, 5:36 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह देश गावों का, गरीबों का, प्रतीकों का देश है. इक्कीसवीं सदी में भी पेड़, नदियाँ, और पत्थर देशवासियों की आस्था के प्रतीक हैं. अपना भला हो, इसके लिए वह निर्जीव जगहों पर भी एक लोटा जल चढ़ा देता है. प