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Jun 07, 2011, 5:36 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह देश गावों का, गरीबों का, प्रतीकों का देश है. इक्कीसवीं सदी में भी पेड़, नदियाँ, और पत्थर देशवासियों की आस्था के प्रतीक हैं. अपना भला हो, इसके लिए वह निर्जीव जगहों पर भी एक लोटा जल चढ़ा देता है. प