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Feb 07, 2016, 6:09 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
महबूबा को सरकार बनाने की जल्दबाजी नहीं है, उसकी कुछ वजहें हैं. राज्य और पार्टी को लेकर उनकी सोच अपने पिता से अलग है. कट्टरपंथ, आतंकवाद, भारत, पाकिस्तान और कश्मीरियों पर भी महबूबा की सोच थोड़ी सा
Nov 02, 2015, 5:57 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
शिव सेना के पिछले काफी दिनों से आक्रामक रहे तेवर का लाभ उसे आखिर मिल ही गया और शिव सेना ने मुबंई के उपनगर कल्याण-डोंबीवली निकाय चुनाव में जीत हासिल कर ली. इस चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी और
Sep 08, 2015, 1:19 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
यह अब कोई छिपी बात नहीं है कि एक राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का अपना कोई अलग वजूद नहीं, सिवाय इसके कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक राजनीतिक शाखा भर है. संघ ने लाल कृष्ण आडवाणी को किनारे लगा क
Jul 25, 2015, 1:18 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक बिहार पर बहुत मेहरबान हो गए हैं और 25 जुलाई को पटना में उन्होंने राज्य की तरक्की के लिए 3.75 लाख करोड़ रुपए देने की घोषणा कर दी. जबान से किसी को कुछ भी देने में क्या
Jun 27, 2015, 1:06 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
साहब चुप हैं. क्योंकि इस बार दोनों ही तरफ से दांव पर उनके अपने हैं. बड़े मोदी चाह कर भी छोटे मोदी से जुड़ी कंट्रोवर्सी को दबवा नहीं पा रहे हैं. छोटे मोदी, यानी ललित मोदी! कौन है यह ललित मोदी? आसमान
Apr 14, 2015, 2:17 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
प्रधानमंत्री जी! छोटे लोगों की जरूरतें भी छोटी होती हैं और वह संतुष्ट भी बहुत कम में हो जाते हैं. बड़े लोगों के लिए आप जो भी करना चाहते हैं करिए, पर छोटों को भूलिए मत...और यह भी मत भूलिए कि जब किसान अ
Apr 08, 2015, 3:51 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
देश की राजधानी दिल्ली में फिलहाल घोषणाओं का मौसम है. वादों, उद्घाटनों और बड़बोलेपन के दौर ने सियासी पारे को अच्छा-खासा उपर चढ़ा दिया है. यह अलग बात है कि प्रकृति अभी दिल्लीवासियों पर मेहरबान है औ
Feb 10, 2015, 5:51 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 के नतीजों का सबक जितना हारने वालों के लिए है, उतना ही जीतने वालों के लिए भी। यह लोकतंत्र में जनता के असली 'राजा' होने का वह सबक है, जिसे सत्ता, पैसे और ताकत के दंभ में अ
May 18, 2014, 3:14 am    by : जय प्रकाश पांडेय
जनादेश 2014! किस तरह का था? भाजपा जीती या कांग्रेस हारी ? नरेंद्र मोदी लहर थी या राहुल गांधी फेल हुए? जातीय समीकरण टूटे या विकास की बयार बही? जैसे सवालों के उत्तर से कहीं बड़ा है, और इसे लेकर राजनीतिक
Dec 08, 2013, 4:38 am    by : जय प्रकाश पांडेय
राज्य विधान सभा 2013 के दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम से आये चुनावी नतीजों में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो चौंकाने वाला हो, सिवाय इसके की राजनीतिक विश्लेषकों और चाटुकार संस्कृति