Friday, 23 October 2020  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 
खोजें
May 13, 2015, 12:53 pm    by : जय प्रकाश पाण्डेय
अजीब प्रजातंत्र है हमारा भी और चमत्कारिक न्याय व्यवस्था. आपके पास पैसे हैं, रसूख है, कानून की अपने हिसाब से व्याख्या करने वाला दिमागदार वकील है, तो फिर आप जैसे चाहो इससे खेल सकते हो. कहने को तो ह