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Oct 17, 2016, 12:31 pm    by : जय प्रकाश पाण्डेय
भारतीय सदियों तक विदेशी आक्रमण और अंग्रेज़ी उपनिवेशवाद का शिकार रहा है, इसलिए विशिष्टता की सोच वालों से हम अभी भी कतराते हैं. हमारी सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' वाली है. रूस ने भी अपनी तमाम विस्तार