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Jun 30, 2011, 6:49 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह एक घोषित तथ्य है कि अपने हालिया प्रधानमंत्री को यह पद जनता के बीच उनकी शोहरत के चलते या बतौर सत्तारूढ़ दल का नेता होने के चलते नहीं मिला है. उन्हें यह पद कांग्रेस अध्यक्षा की तरफ से अमूमन उस
Jun 22, 2011, 5:28 am    by : जय प्रकाश पांडेय
आजकल टेलीविजन के समाचार चैनलों पर सरकारी एड का बोलबाला है, जिसमें देश और देशवासी लहलहाते, खुशहाल और प्रसन्नचित्त दिखाई देते हैं. यहां केवल टेलीविज़न की बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि इनमें गीत-
Jun 07, 2011, 5:36 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह देश गावों का, गरीबों का, प्रतीकों का देश है. इक्कीसवीं सदी में भी पेड़, नदियाँ, और पत्थर देशवासियों की आस्था के प्रतीक हैं. अपना भला हो, इसके लिए वह निर्जीव जगहों पर भी एक लोटा जल चढ़ा देता है. प
Jun 01, 2011, 1:52 am    by : जय प्रकाश पांडेय
यह देश, यहां का माहौल, सब कुछ जल्दी से पा लेने और जल्दी से भूल जाने की मानसिकता, और नहीं तो जैसा है वैसा स्वीकार कर लेने की हमारी प्रवृत्ति से ही हर्षद मेहता, तेलगी, बलवा, राजा, रादिया और स्पीक एशिय