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Aug 02, 2015, 4:57 am    by : जय प्रकाश पाण्डेय
आंख के बदले आंख की सजा अब भी कबाईली, असभ्य समाजों में प्रचलित है. तो क्या न्याय के नाम पर राज्य संचालित मौत की सजा जायज है? जब राज्य किसी को जन्म नहीं दे सकता, तो उसकी जान लेने का अधिकार उसे कैसे?