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Dec 05, 2020, 11:10 am    by : दीपक सेन
'शहर ए आजम' में महाभारत, मौर्य, तोमर, चौहान, सल्तनत, मुगल और ब्रिटिश काल के अवशेष हैं। लेकिन एक रॉक आर्ट विशेषज्ञ को दिल्ली में कुछ ऐसे चिह्न मिले हैं, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे पाषाण
Apr 06, 2013, 12:10 pm    by : राजीव रंजन प्रसाद
बस्तर में माड़िया जनजाति की जीवन शैली ने पाषाण युगीन कई परिपाटियों को अब भी बचा कर रखा है। इस समाज में मृतक स्मृति चिन्ह आज भी एक परंपरा के रूप में जीवित है। इतना ही नहीं, अबूझमाड़िया मुख्यत: स्
May 29, 2012, 16:03 pm    by : जनता जनार्दन संवाददाता
असमानता को विकसित समाज का दोष माना जाता है, लेकिन एक नए अध्ययन के मुताबिक करीब सात हजार वर्ष पहले नवपाषाण युग में भी वर्ण व्यवस्था हुआ करती थी और समाज में सभी को बराबरी का दर्जा हासिल नहीं था। म