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चाचा नेहरू: सैयदराजा किड्स पब्लिक स्कूल में मनाया गया बाल दिवस  जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 14, 2019
सैयदराजा किड्स पब्लिक स्कूल में चाचा नेहरू के जन्मोत्सव पर बाल दिवस का विधिवत आयोजन किया गया जिसमें स्कूली बच्चो ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, सर्वप्रथम चाचा नेहरू को याद करते हुए उनके चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया गया व उनके जीवन और ईमानदारी की किस्सा को विस्तार से बताया गया. साथ ही पूरे स्कूल में टॉप आने वाले 70 बच्चो को प्रथम,सेकंड व थर्ड के आधार ....  समाचार पढ़ें
शहीद स्मारक स्थल सैयदराजा में नवयुवक संघर्ष सेवा समिति ने 1100 दीप जलाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि अमिय पाण्डेय ,  Nov 12, 2019
शहीद स्मारक स्थल सैयदराजा में नवयुवक संघर्ष सेवा समिति ने दीप जलाकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया व समिती के ....  समाचार पढ़ें
जय बाबा कीनाराम जी! जब आने लगी संतो की थाली से मदिरा की महक आगे हुआ क्या? अमिय पाण्डेय ,  Nov 11, 2019
कीनाराम बाबा स्थल चन्दौली में स्थित है यह एक अघोरपीठ के रूप में जाना जाता है जिसकीएकबंगी का ....  समाचार पढ़ें
अगर आप भी बाल झड़ने की समस्या से हैं परेशान तो? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 09, 2019
विटामिन बी कॉमप्लेक्स- सबसे पहले विटामिन बी कॉम्‍पलेक्स को अपनी डाइट में शामिल करिए. इससे स्कॉल्प और बालों की जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है. इससे बाल भी बढ़ते हैं. बी कॉम्‍पलेक्स लेने से कुछ दिनों में ही असर दिखने लगता है. ये डैमेज हेयर रिपेयर और शाइनिंग के लिए भी काफी मददगार होता है. चिकन, सैमन मछली और टूना मछली विटामिन बी कॉम्पलेक्स के सबसे अच्छे ....  समाचार पढ़ें
चन्दौली: मानसरोवर तालाब मुग़लसराय में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर, सुरक्षा के लिये मुस्तैद वालंटियर अमिय पाण्डेय ,  Oct 31, 2019
छठ पूजा त्यौहार के मद्देनजर मानसरोवर तालाब के घाटों पर होने वाली व्रती महिलाओं व श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सूर्य देव मंदिर पूजा कमेटी ने इस बार घाटों को सीमांकित कर परिचय पत्र लेने के बाद देना शुरू कर दिया है। ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।सभी श्रद्धालुओं को घाट ....  समाचार पढ़ें
कम खाना चाहते हैं तो अकेले करें भोजन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 29, 2019
अगर शरीर को सुडौल बनाने के लिए कम भोजन करना चाहते हैं तो अच्छा होगा कि अकेले में खाना खाएं. एक नए शोध से पता चला है कि व्यक्ति दोस्तों और परिजनों के साथ अधिक मात्रा में भोजन कर लेता है. अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि 'सामाजिक रूप से' भोजन करते वक्त व्यक्ति अधिक खाना खाता है, जबकि अकेले में वह उससे कई गुणा कम भोजन करता है. ....  समाचार पढ़ें
डीएम चन्दौली नवनीत सिंह चहल ने दीपावली पर जनपदवासियों को दी शुभकामनाएं अमिय पाण्डेय ,  Oct 26, 2019
नवनीत सिंह चहल ने दीपावली पर समस्त जनपदवासियों को दी है शुभकामनाएं ....  समाचार पढ़ें
रहना है फिट तो ये 6 टिप्स आजमाएं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 24, 2019
दीवाली का त्योहार आने वाला है और साल भर इस त्योहार का लोगों को इंतजार रहता है लेकिन इस त्योहारी सीजन को पूरी तरह धमाकेदार बनाने के लिए जरूरी है कि आपकी हेल्थ ठीक रहे. चूंकि दीवाली के उत्सव के पांच दिनों के दौरान लोग जमकर मिठाइयों का सेवन करते हैं और खूब तला-भुना भोजन लेते हैं तो ऐसे में बीमार होने की भी संभावना रहती है. ....  समाचार पढ़ें
चन्दौली: श्री त्रिदण्डी देव हनुमत टेक्निकल कालेज में मना फ्रेशर पार्टी अमिय पाण्डेय ,  Oct 19, 2019
श्री त्रिदंडी देव हनुमत टेक्निकल कालेज में फ्रेशर पार्टी का आयोजन नव प्रवेशी छात्र के लिए हुए यह ....  समाचार पढ़ें
जय बाबा कीनाराम: बाबा के स्थल पर पूजी गयी कन्याएं अमिय पाण्डेय ,  Oct 07, 2019
कीनाराम बाबा अघोरस्थल में पूंजी गयी कन्याएं, ज्ञात हो कि कीनाराम बाबा का जन्म चन्दौली के रामगढ़ में हुआ था और इसके पीठाधीश्वर सिद्धार्थ गौतम राम हैं। हर वर्ष कीनाराम बाबा का जन्मोत्सव होता है और हर वर्ष नवरात्रि पर कृ कुंड पर कन्या पूजन की धूम भी रहती हैं आज नवमी का त्यौहार है सिद्धिदात्री की पूजा आज होती है कृ कुंड में आज विधिवत कन्याओ को पूजा गया एवं भैरो के पाव पखा ....  समाचार पढ़ें
देश मना रहा है रंगों का त्योहार होली, जानें क्या है परंपरा जय प्रकाश पाण्डेय ,  Mar 21, 2019
रंगों का त्योहार होली आज देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर लोग मिलकर, रंग लगाकर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं. यही नहीं सोशल मीडिया भी बधाई संदेशों से पटा है. होली के त्योहार को धुलंडी नाम से जाना जाता है. धुलंडी पर बच्चे-बड़े सभी मिलकर हंसते-गाते एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं. कई जगहों पर गीत-संगीत और भजन के साथ यह त्योहार मनाया जाता है. ....  लेख पढ़ें
स्वामी सहजानन्द सरस्वती: जिनके जीवन गाथा में निहित है जगत सन्देश गोपाल जी राय ,  Feb 21, 2019
ह ठीक है कि उनके जीते जी जमींदारी प्रथा का अंत नहीं हो सका। लेकिन यह उनके द्वारा ही प्रज्ज्वलित की गई ज्योति की लौ ही है जो आज भी बुझी नहीं है, और चौराहे पर खड़े किसान आंदोलन को मूक अभिप्रेरित कर रही है। यूं तो आजादी मिलने के साथ हीं जमींदारी प्रथा को कानून बनाकर खत्म कर दिया गया। लेकिन आज यदि स्वामीजी होते तो फिर लट्ठ उठाकर देसी हुक्मरानों के खिलाफ भी संघर्ष का ऐलान कर देते। दुर्भाग्यवश, किसान सभा भी है और उनके नाम पर अनेक संघ और संगठन भी सक्रिय हैं, लेकिन स्वामीजी जैसा निर्भीक नेता दूर-दूर तक नहीं दिखता। किसी सियासी मृगमरीचिका में भी नहीं। ....  लेख पढ़ें
जब करपात्री जी मिले अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम से अमिय पाण्डेय ,  Nov 19, 2018
बात करीब 1957 की है, बाबा जशपुर पैलेस मे थे,उन दिनो राजा साहब के गुरू स्वामी करपात्री जी भी महल मे ही प्रवास कर रहे थे, दरअसल राजा विजयभूषण जू देव का प्रथम दर्शन बाबा से अष्टभुजी( विँध्याचल) मे हुआ था,वहाँ पर किसी ने किशोर अवधूत की महिमा के बारे मे राजपरिवार को बताया थाl, फिलहाल इस घटना के पहले बाबा २-३ बार जशपुर पैलेस राजासाहब के अनुनय विनय पर जा चुके थे ....  लेख पढ़ें
मैलानी आश्रम अघोरियों के लिए शक्ति प्रतिष्ठित नीरज वर्मा ,  Nov 15, 2018
ये सब बहुत कुछ आपकी आंतरिक पवित्रता व अध्यात्मिक सामर्थ्य पर निर्भर है । ये स्थान आने वाले दिनों में क्रमशः एक महान शक्तिपीठ के रूप में स्थापित होने की संभावनाओं को दरकिनार नहीं करता है । और न ही आम जनमानस की लौकिक और आध्यात्मिक जगत की पारलौकिक लालसाओं की पूर्ति से इनकार करेगा । ....  लेख पढ़ें
रावण को शत शत नमन अमित मौर्या ,  Oct 18, 2018
रावण उत्तम कुल का था. वह वह पुलत्स्कर का नाती और विशेश्रवा का बेटा था. पुलत्स्कर ने विश्व संस्कृत को प्रथम रंगमंच दिया था और ग्रीक नाट्य साहित्य में उसका उल्लेख "पुलित्ज़र" के नाम से मिलता है. रावण ने अपनी बहन के आन के लिए अपना सबकुछ लुटा दिया और सीता को कभी भी अपने हरम में ले जाने के लिए कभी जबरजस्ती नही की वह ज्योतिष का प्रकांड विद्वान् था. उसकी लिखित "रावण संहिता" ज्योतिष विज्ञान की महान कृति है. रावण ने नृत्य और योग के मानक प्रस्तुत किये. प्रायः जो विद्वान् और पढ़े लिखे होते हैं वह कायर होते हैं और निर्णायक मौकों पर आर -पार की लड़ाई या युद्ध से बचते हैं पर रावण विद्वत्ता और साहस का अद्भुत संयोग था. वह महान विद्वान् और प्रतापी योद्धा था. वह रक्षसः आन्दोलन का प्रणेता था. इसीलिए उसे राक्षस कहा गया. हुआ यह कि उस समय इंद्र का राज्य था उसे लोग इंद्र इस लिए कहते थे क्यों कि वह इन्द्रीय हरकतें यानी कि वासना में लिप्त था . इंद्र एक आदिवासी /बनवासी ....  लेख पढ़ें
अमित मौर्य ,  Jul 31, 2018
धर्म सत्ता स्थापित करने का गैर राजनीति उपकरण जब -जब और जहां-जहां बना संस्कृत विकृति हो ही गयी ...संस्कृति छद्म और पाखण्ड से परे एक सात्विक परम्परा होती है ...वैदिक युग के बाद त्रेता में राम के नेतृत्व में धर्म और राजनीति का घाल मेल हुआ परिणाम सामने आया ...जर (आधिपत्य ), जोरू (पत्नी ) और जमीन के विवादों का वहिरुत्पाद "आध्यात्म " कहा जाने लगा ... ....  लेख पढ़ें
हम हर समुद्रमंथन में अमृत से ले कर अप्सरा तक निगाह तो रखते हैं पर विष नहीं पीना चाहते अमित मौर्या ,  Jul 26, 2018
श्रावण मास का प्रारम्भ हो गया है हर तरफ ओम नमः शिवाय साल भर शराब मांस का भक्षण करने वाले श्रावण मास में इससे दूर रहते है क्या ढकोसला है क्या इसके बाद शिव आराधना नही करते हो श्रावण मास में शराब व मांस का परित्याग लेकिन कोई सुंदरी मिल जाये तो उससे सम्बन्ध बनाने में नही चूकते जिंदा मांस में पूण्य मिलता है क्या शंकर .हमको आज भी शंकर चाहिए ....  लेख पढ़ें
विकृत समाज: भारत में मानव समाज का अस्तित्व डॉ० रवि प्रकाश श्रीवास्तव ,  Jul 26, 2018
सामाजिक व्यवस्था के विकास में वेदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्ण का परिचय ऋग्वेद के 10 वें मंडल से प्रारम्भ होता है, जिसमें यह उदघोषित किया गया है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैष्य और शूद्र सृष्टि के समय परम पुरुष ब्रह्मा के क्रमषः मुख, भुजाओं, जंघा तथा चरणों से प्रकट हुए। विधिवेत्ताओं की दृष्टि में प्रत्येक वर्ण के लिये उत्तरदा ....  लेख पढ़ें
धरती पर चंद्रमा का असरः कभी केवल 18 घंटे का था दिन, बढ़ रही दूरी से जल्द ही 25 घंटे का होगा दिन जनता जनार्दन डेस्क ,  Jun 07, 2018
चंद्रमा के पृथ्वी से दूर जाने के कारण हमारे ग्रह पर दिन लंबे होते जा रहे हैं. एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि 1.4 अरब वर्ष पहले धरती पर एक दिन महज 18 घंटे का होता था. संभव है कि धरती से चंद्रमा की बढ़ती दूरी के चलते आने वाले समय में धरती पर 25 घंटे का दिन होने लगे. ....  लेख पढ़ें
विश्व पर्यावरण दिवस 2018: जब जीवन ही न होगा, तो कहां होंगे हम जय प्रकाश पाण्डेय ,  Jun 05, 2018
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल हमें इस बात का मौका देता है कि हम देखें, समझें और जानें कि प्रकृति के संरक्षण में हर व्यक्ति, परिवार, गांव, शहर, जाति, राज्य, देश और समूचे विश्व की क्या भूमिका है. सारी दुनिया में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. ....  लेख पढ़ें
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