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WhatsApp को बिना खोले पढ़ें मैसेज जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 02, 2020
जब भी हमें WhatsApp पर मैसेज आता है उसे पढ़ने पर ब्लू टिक का साइन सेंडर के पास चला जाता है. इससे सेंडर को पता चल जाता है कि रिसीवर ने मैसेज पढ़ लिया है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम मैसेज पढ़ना भी चाहते हैं और ये भी चाहते हैं कि रिसीवर के पास ब्लू टिक का साइन नहीं जाए. हम आज आपको ऐसी ही ट्रिक बताएंगे, जिससे आप मैसेज पढ़ भी लेंगे और ब्लू टिक भी नहीं जाएगा. ....  समाचार पढ़ें
सिलिकॉन वैली चाहता है कि भारत की तरह अमेरिका भी Tik Tok पर लगाए प्रतिबंध जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 02, 2020
सिलिकॉन वैली चाहता है कि भारत की तरह अमेरिका भी Tik Tok पर लगाए प्रतिबंधभारतीय-अमेरिकी पूंजीपति का कहना है कि वैश्विक आईटी हब सिलिकॉन वैली में किसी को भी भारत द्वारा टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का कोई खेद नहीं है बल्कि वहां लोग चाहते हैं कि अमेरिका भी चीन की इस लोकप्रिय एप के खिलाफ ऐसा ही कदम उठाए. भारत ने टिकटॉक सहित चीन की 59 एप्स पर सोमवार को प्रतिबंध लगा दिया था. भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण सीमा पर जारी गतिरोध के बीच यह कदम उठाया गया. ....  समाचार पढ़ें
जानें PUBG Mobile पर क्या रहा सरकार का फैसला जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 30, 2020
भारत-चीन तनाव के बीच केंद्र सरकार ने चीन पर डिजिटल स्ट्राइक करते हुए पॉपुलर ऐप टिक टॉक समेत 59 मोबाइल ऐप्स को भारत में बैन कर दिया. इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी बहुत फेमस एप शामिल हैं. बैन किए गए ऐप्स के भारत में यूजर्स की संख्या करोड़ों थी. लेकिन अभी भी कई चीनी ऐप ऐसे हैं जो भारत में काफी पॉपुलर हैं. जैसे पबजी मोबाइल. टिक टॉक पर बैन लगने के बाद पबजी को बैन करने की भी मांग की है. ....  समाचार पढ़ें
TikTok समेत ये एप्स थे भारत में काफी पॉपुलर जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 30, 2020
दिल्ली: भारत-चीन तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और चीन के 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया है. जिन एप पर बैन लगाया गया है उनमें मशहूर टिक-टॉक एप भी शामिल है. इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी बहुत फेमस एप शामिल हैं. आइए जानते हैं बैन किए गए सभी एप के बारे में. इन एप्स के लाखों या करोड़ों यूजर्स थे. ये एप लोगों के बीच काफी पॉपुलर थे. ....  समाचार पढ़ें
सफेद दाग को रोकेगी ये बूटी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 25, 2020
दुर्लभ बूटी विषनाग से सफेद दाग (ल्यूकोडर्मा) को खत्म करने में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. करीब 10 हजार फुट की ऊंचाई पर मिलने वाली विषनाग और अन्य बूटियों के मिश्रण से तैयार डीआरडीओ की ल्यूकोस्किन के अब सफल परिणाम सामने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार देश में करीब 4 से 5 फीसदी लोगों में सफेद दाग की परेशानी देखने को मिलती है. जबकि विश्व स्तर पर यह आंकड़ा करीब 1 से दो फीसदी है. रक्षा अनुसंधान विकास संस्थान (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों ने एक लंबे अध्ययन के बाद ल्यूकोस्किन दवा को तैयार किया. विषना ....  समाचार पढ़ें
आपको भी है रात में नींद न आने की समस्या? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 25, 2020
- अगर आप जल्दी और कम खाएंगे तो आपके लिए बेहतर है. अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि आप रात को देर से ना खाएं और रात के समय बहुत हैवी ना खाएं. रात में हैवी खाते हैं तो एसिडिटी, ब्लोटिंग और बाकी समस्याएं हो सकती हैं जो कि आपकी नींद डिस्टर्ब कर सक ....  समाचार पढ़ें
जानिए- किन-किन 6 राशियों के लिए ये ग्रहण शुभ नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 19, 2020
यह सूर्य ग्रहण इस साल का पहला और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण है जो कि 21 जून को लगेगा. यह ग्रहण उस दिन लग रहा है जो पूरे वर्ष के दिनों में सबसे बड़ा दिन है और इस दिन रात सबसे छोटी होती है. इस दिन सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर होता है. ऐसी ही अन्य घटनाओं के चलते यह सूर्य ग्रहण और भी खास बन गया है. इन विशेष परिस्थितयों के कारण इस सूर्य ग्रहण का महत्त्व भी विशेष हो गया है. ऐसे में इसके प्रभाव भी विभिन्न राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ते हैं. ....  समाचार पढ़ें
 21 जून सूर्यग्रहण: जानिए सूर्यग्रहण का सभी 12 राशियों पर प्रभाव जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 19, 2020
आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि मृगसिरा व आद्रा नक्षत्र दिन रविवार को मिथुन राशि में चूड़ामणियोग बन रहा है. इसी दिन अर्थात 21 जून रविवार को मिथुन राशि पर सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. चूँकि 21 जून को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण चूड़ामणियोग में लग रहा है इस लिए इस सूर्य ग्रहण को चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भी कहते हैं. इसके अलावा इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण भी कहा जा ....  समाचार पढ़ें
21 जून को इतना लंबा सूर्य ग्रहण होगा कि दिन में होगी रात जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 19, 2020
इस साल का सबसे लंबा और पहला सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को लगेगा. यह सूर्य ग्रहण करीब 6 घंटे का होगा. भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण सुबह 09:15 पर आरंभ होगा और 03:04 बजे समाप्त होगा. सूर्य ग्रहण दोपहर 12:10 बजे अपने चरम पर होगा. करीब 6 घंटे के लम्बे समय तक दिन में भी पृथ्वी पर रात जैसा अंधेरा छाया रहेगा क्योंकि सूर्य ग्रहण लगने से सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंचेगा और अंधेरा छा जायेगा. ....  समाचार पढ़ें
फोन में मौजूद Unused App को ऐसे करें चेक जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 08, 2020
आजकल स्मार्टफोन में हैंग होने की समस्या बहुत ही कॉमन हो गई है. इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि हम अपने फोन में ऐसे कई ऐप्स रखते हैं जिनका हम बहुत ही कम इस्तेमाल करते हैं. ये अनयूज्ड ऐप ना सिर्फ हमारे फोन में स्पेस बढ़ाते हैं बल्कि समय-समय पर इन्हें अपडेट करने में डेटा भी यूज होता है. ....  समाचार पढ़ें
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 14, 2020
अपने घर पर ही रहकर मनायें गुरू पूर्णिमा का पर्व: सिद्धार्थ गौतम राम जी वाराणसी: देश भले ही अनलॉक हो गया है। लेकिन इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है । ऐसी स्थिति मे अपने भक्तों को संक्रमण से दूर रखने के लिए विश्व विख्यात अघोरपीठ औघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान क्रीकुण्ड शिवाला के पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने कहा कि आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कोरोना वैश्विक महामारी कोविड19 के प्रकोप के कारण सम्पूर्ण मानव जाति के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। ....  लेख पढ़ें
देश मना रहा है रंगों का त्योहार होली, जानें क्या है परंपरा जय प्रकाश पाण्डेय ,  Mar 21, 2019
रंगों का त्योहार होली आज देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर लोग मिलकर, रंग लगाकर एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं. यही नहीं सोशल मीडिया भी बधाई संदेशों से पटा है. होली के त्योहार को धुलंडी नाम से जाना जाता है. धुलंडी पर बच्चे-बड़े सभी मिलकर हंसते-गाते एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं. कई जगहों पर गीत-संगीत और भजन के साथ यह त्योहार मनाया जाता है. ....  लेख पढ़ें
स्वामी सहजानन्द सरस्वती: जिनके जीवन गाथा में निहित है जगत सन्देश गोपाल जी राय ,  Feb 21, 2019
ह ठीक है कि उनके जीते जी जमींदारी प्रथा का अंत नहीं हो सका। लेकिन यह उनके द्वारा ही प्रज्ज्वलित की गई ज्योति की लौ ही है जो आज भी बुझी नहीं है, और चौराहे पर खड़े किसान आंदोलन को मूक अभिप्रेरित कर रही है। यूं तो आजादी मिलने के साथ हीं जमींदारी प्रथा को कानून बनाकर खत्म कर दिया गया। लेकिन आज यदि स्वामीजी होते तो फिर लट्ठ उठाकर देसी हुक्मरानों के खिलाफ भी संघर्ष का ऐलान कर देते। दुर्भाग्यवश, किसान सभा भी है और उनके नाम पर अनेक संघ और संगठन भी सक्रिय हैं, लेकिन स्वामीजी जैसा निर्भीक नेता दूर-दूर तक नहीं दिखता। किसी सियासी मृगमरीचिका में भी नहीं। ....  लेख पढ़ें
जब करपात्री जी मिले अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम से अमिय पाण्डेय ,  Nov 19, 2018
बात करीब 1957 की है, बाबा जशपुर पैलेस मे थे,उन दिनो राजा साहब के गुरू स्वामी करपात्री जी भी महल मे ही प्रवास कर रहे थे, दरअसल राजा विजयभूषण जू देव का प्रथम दर्शन बाबा से अष्टभुजी( विँध्याचल) मे हुआ था,वहाँ पर किसी ने किशोर अवधूत की महिमा के बारे मे राजपरिवार को बताया थाl, फिलहाल इस घटना के पहले बाबा २-३ बार जशपुर पैलेस राजासाहब के अनुनय विनय पर जा चुके थे ....  लेख पढ़ें
मैलानी आश्रम अघोरियों के लिए शक्ति प्रतिष्ठित नीरज वर्मा ,  Nov 15, 2018
ये सब बहुत कुछ आपकी आंतरिक पवित्रता व अध्यात्मिक सामर्थ्य पर निर्भर है । ये स्थान आने वाले दिनों में क्रमशः एक महान शक्तिपीठ के रूप में स्थापित होने की संभावनाओं को दरकिनार नहीं करता है । और न ही आम जनमानस की लौकिक और आध्यात्मिक जगत की पारलौकिक लालसाओं की पूर्ति से इनकार करेगा । ....  लेख पढ़ें
रावण को शत शत नमन अमित मौर्या ,  Oct 18, 2018
रावण उत्तम कुल का था. वह वह पुलत्स्कर का नाती और विशेश्रवा का बेटा था. पुलत्स्कर ने विश्व संस्कृत को प्रथम रंगमंच दिया था और ग्रीक नाट्य साहित्य में उसका उल्लेख "पुलित्ज़र" के नाम से मिलता है. रावण ने अपनी बहन के आन के लिए अपना सबकुछ लुटा दिया और सीता को कभी भी अपने हरम में ले जाने के लिए कभी जबरजस्ती नही की वह ज्योतिष का प्रकांड विद्वान् था. उसकी लिखित "रावण संहिता" ज्योतिष विज्ञान की महान कृति है. रावण ने नृत्य और योग के मानक प्रस्तुत किये. प्रायः जो विद्वान् और पढ़े लिखे होते हैं वह कायर होते हैं और निर्णायक मौकों पर आर -पार की लड़ाई या युद्ध से बचते हैं पर रावण विद्वत्ता और साहस का अद्भुत संयोग था. वह महान विद्वान् और प्रतापी योद्धा था. वह रक्षसः आन्दोलन का प्रणेता था. इसीलिए उसे राक्षस कहा गया. हुआ यह कि उस समय इंद्र का राज्य था उसे लोग इंद्र इस लिए कहते थे क्यों कि वह इन्द्रीय हरकतें यानी कि वासना में लिप्त था . इंद्र एक आदिवासी /बनवासी ....  लेख पढ़ें
अमित मौर्य ,  Jul 31, 2018
धर्म सत्ता स्थापित करने का गैर राजनीति उपकरण जब -जब और जहां-जहां बना संस्कृत विकृति हो ही गयी ...संस्कृति छद्म और पाखण्ड से परे एक सात्विक परम्परा होती है ...वैदिक युग के बाद त्रेता में राम के नेतृत्व में धर्म और राजनीति का घाल मेल हुआ परिणाम सामने आया ...जर (आधिपत्य ), जोरू (पत्नी ) और जमीन के विवादों का वहिरुत्पाद "आध्यात्म " कहा जाने लगा ... ....  लेख पढ़ें
हम हर समुद्रमंथन में अमृत से ले कर अप्सरा तक निगाह तो रखते हैं पर विष नहीं पीना चाहते अमित मौर्या ,  Jul 26, 2018
श्रावण मास का प्रारम्भ हो गया है हर तरफ ओम नमः शिवाय साल भर शराब मांस का भक्षण करने वाले श्रावण मास में इससे दूर रहते है क्या ढकोसला है क्या इसके बाद शिव आराधना नही करते हो श्रावण मास में शराब व मांस का परित्याग लेकिन कोई सुंदरी मिल जाये तो उससे सम्बन्ध बनाने में नही चूकते जिंदा मांस में पूण्य मिलता है क्या शंकर .हमको आज भी शंकर चाहिए ....  लेख पढ़ें
विकृत समाज: भारत में मानव समाज का अस्तित्व डॉ० रवि प्रकाश श्रीवास्तव ,  Jul 26, 2018
सामाजिक व्यवस्था के विकास में वेदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्ण का परिचय ऋग्वेद के 10 वें मंडल से प्रारम्भ होता है, जिसमें यह उदघोषित किया गया है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैष्य और शूद्र सृष्टि के समय परम पुरुष ब्रह्मा के क्रमषः मुख, भुजाओं, जंघा तथा चरणों से प्रकट हुए। विधिवेत्ताओं की दृष्टि में प्रत्येक वर्ण के लिये उत्तरदा ....  लेख पढ़ें
धरती पर चंद्रमा का असरः कभी केवल 18 घंटे का था दिन, बढ़ रही दूरी से जल्द ही 25 घंटे का होगा दिन जनता जनार्दन डेस्क ,  Jun 07, 2018
चंद्रमा के पृथ्वी से दूर जाने के कारण हमारे ग्रह पर दिन लंबे होते जा रहे हैं. एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि 1.4 अरब वर्ष पहले धरती पर एक दिन महज 18 घंटे का होता था. संभव है कि धरती से चंद्रमा की बढ़ती दूरी के चलते आने वाले समय में धरती पर 25 घंटे का दिन होने लगे. ....  लेख पढ़ें
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