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गोवर्धन पूजा 2017: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 20, 2017
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व के दिन शाम के समय खास पूजा रखी जाती है। बता दें कि इसी दिन श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन इंद्र का मानमर्दन कर गिरिराज की पूजा की थी। इस दिन मंदिरों में ....  समाचार पढ़ें
पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनी दीपावली अमिय पाण्डेय ,  Oct 20, 2017
देश भर में गुरुवार को प्रकाश का पर्व पूरे हर्षोल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया। मकान और इमारतें रोशनी में नहा उठी। लोगों ने मिठाइयों और दूसरे उपहारों के साथ एक दूसरे को शुभकमानाएं दीं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं ....  समाचार पढ़ें
आज देशभर में मध्यरात्री से होगी काली पूजा जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 19, 2017
प्रखंड में काली पूजा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार की रात्रि दिवाली व लक्ष्मी पूजा के बाद निशा काल में मां काली की पूजा-अर्चना की जाएगी। यहां दो स्थानों पर गांधी चौक स्थित शांति क्लब पत्थलगडा और बरवाडीह में सुमन क्लब में काली पूजा का भव्य आयोजन होता है। काली पूजा को लेकर इन दोनों स्थानों पर आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं। पूजा समितियां द्वारा काली पूजा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ....  समाचार पढ़ें
 Diwali विश करने के लिए ये हैं बेहतरीन 10 मैसेज जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 19, 2017
इस दौरान हम दोस्तों और अपने से बड़ों को अलग-अलग तरह के मैसेज फॉरवर्ड करते हैं. तो आपके इस काम को और आसान बनाने के लिए हम लाए हैं ऐसे 10 मैसेज जिन्हें फॉ ....  समाचार पढ़ें
 दीवाली में अद्भुत संयोग से बरसेगी लक्ष्मी कृपा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 19, 2017
दीपावली की शाम देव मंदिरों के साथ ही गृह द्वार, कूप, बावड़ी, गोशाला, इत्यादि में दीपदान करना चाहिए। रात्रि के अंतिम प्रहर में लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्रा का निस्तारण किया जाता है। व्यापारी वर्ग को इस रात शुभ तथा स्थिर लग्न में अपने प्रतिष्ठान की उन्नति के लिए कुबेर लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। ....  समाचार पढ़ें
अयोध्या में 1.71 लाख दीयों से रोशन होगा सरयू तट जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 18, 2017
योगी सरकार ने अयोध्या में इस बार दिवाली भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है। इस दौरान सरयू के तीन किलोमीटर एरिया को 1 लाख 71 हजार दीपों से रोशन किया जाएगा। राम घाट पार्क से सरयू घाट के बीच पड़ने वाले सभी नौ घाटों को लाइटिंग से सजाया गया है। दिवाली के इस जश्न में पहली बार सीएम और राज्यपाल एक साथ मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही साधु-संतों के साथ पूरे अयोध्या के लोगों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया है ....  समाचार पढ़ें
इलाहाबाद विवि छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्रसभा का जलवा जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 15, 2017
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लगभग 45.5 फीसद मतदान हुआ। यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज में सर्वाधिक रिकॉर्ड 98 फीसद वोटिंग हुई। यहां निर्वाचक मंडल के 191 प्रतिनिधियों ने विभिन्न पदों के लिए मतदान किया। सीएमपी में लगभग 37 फीसद वोटिंग हुई। ईसीसी में आकाश अध्यक्ष, शिवांकर उपाध्यक्ष व उत्कर्ष मंत्री चुने गए हैं। ....  समाचार पढ़ें
मोरान हिंगरीजान के वेतन वंचित शिक्षक का उपचार के अभाव में निधन राजु मिश्रा ,  Oct 15, 2017
वेतन वंचित शिक्षक का धन के अभाव में उपचार न होने से आज मृत्यु हो गई जिससे मोरान हिंगरीजान क्षेत्र में शोक की लहर है । चराईदेव जिले के सोनारी शिक्षा खण्ड अंतर्गत हिंगरीजान प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक महेन्द्र शाहु का आज निधन हो गया । उन्हें 2012 के फरवरी महिने से वेतन नहीं मिला था ....  समाचार पढ़ें
तोड़े वो सारे भ्रम जो आज तक अंडे खाने वालों के मन मे थे जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 14, 2017
आज वर्ल्ड एग डे है. दुनियाभर में विश्व अंडा दिवस मनाया जा रहा है. आईईसी वियना 1996 सम्मेलन में हर साल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में 'वर्ल्ड एग डे' का जश्न मनाने का निर्णय लिया गया था.क्यों मनाते हैं 'वर्ल्ड एग डे'-ये दिन अंडे से होने वाले स्वास्थ्य लाभों ....  समाचार पढ़ें
15 अक्टूबर को चंदौली में होने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा,जिलाधिकारी ने मातहतों को दिए निर्देश अमिय पाण्डेय ,  Oct 13, 2017
जिलाधिकारी श्री हेमन्त कुमार ने आगामी 15 अक्टूबर,2017 को होने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा (टी0ई0टी0) की परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने को लेकर बाबत सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी ली। उस दौरान प्रधानाध्याको को पेपर आने के पश्चात व पेपर को खोलने एवं सील करने के समय विडियोग्राफी करने के निर्देश दिये। ....  समाचार पढ़ें
मानस मीमांसाः बाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में मूल अन्तर दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 16, 2017
बाल्मीकिजी राम के समकालीन थे। उन्हें कहीं- कहीं दशरथ के मंत्रियों के समूह में सम्मिलित होना भी बताया गया है। अतः वे सर्वश्रेष्ठ राजा के रूप में राम को सर्व सद्गुण-संपन्नता के साथ अधिष्ठापित करते हैं। किन्तु गोस्वामीजी का मुख्य उद्देश्य राम की ईश्वरता की ओर श्रोता का ध्यान आकृष्ट करना रहा है। बाल्मीकि के राम अनुकरणीयता की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ हैं । ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः तुलसीदास के राम ब्यक्ति नहीं ब्रह्म, पूज्य व आराध्य, ऐतिहासिक दृष्टि दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 15, 2017
दक्षिण तो दक्षिण, उत्तर में भी राम निर्विवाद नहीं हैं । यहाँ भी उन्हें एक ओर वर्ण-ब्यवस्था के आधार पर आलोचना का विषय बनाया जा रहा है। राम शुद्र बिरोधी और ब्राह्मणवादी हैं. कोई आश्चर्य नहीं होगा कि कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणों को क्षत्रिय राम से विरत रहने की प्रेरणा दी जाय। श्रीराम को ब्राह्मण द्वेषी सिद्ध किया जाय ,क्योंकि उन्होंने महा विद्वान रावण का बध किया था। तब राम किसके पूज्य व आराध्य रह जायेंगे?यह सब ऐतिहासिक दृष्टि की देन है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः श्री राम और श्री कृष्ण लीला उतनी सत्य जितना यह जगत दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 14, 2017
महाभारत के मुख्य नायक पांडव हैं और प्रतिद्वंद्वी उनके ही बन्धु कौरव हैं। दोनों राज्य के लिए संघर्ष करते हुए, करोड़ों ब्यक्तियों को कट जाने देते हैं। रामचरितमानस में बन्धुत्व के आदर्श राम और भरत हैं, जो एक दूसरे के लिए राज्य का परित्याग करने में संतोष का अनुभव करते हैं। स्वभावतः संघर्ष -प्रिय मानव मन, कौरवों-पांडवों के चरित्र को अपना आदर्श मान लेता है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः निज अनुभव अब कहौं खगेसा, बिनु हरि भजन न जाहिं कलेसा दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 12, 2017
भक्ति में भगवान के दर्शन भी हो सकते हैं--यह भक्ति की विशेषता है, जबकि ज्ञान की परानिष्ठा होने पर भी भगवान के दर्शन नहीं होते। रामायण में भी भक्ति को मणि की तरह बताया है किन्तु ज्ञान को तो दीपक की तरह बताया है। दीपक को तो जलाने में घी, बत्ती आदि की जरूरत होती है और हवा लगने से वह बुझ भी जाता है, पर मणि को न तो घी, बत्ती की जरूरत है और न ही वह हवा से बुझती ही है ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहिं कपट छल छिद्र न भावा दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 11, 2017
एक तो ज्ञान का, पुरुषार्थ का मार्ग है, जिससे हम बुद्धि को निर्मल बनायें। पर तुलसीदासजी तो नन्हें बालक की तरह हैं। वे मानते हैं कि अगर बड़ा बालक हो, तो उसे अपनी गन्दगी तो धोना ही पड़ेगा, क्योंकि ब्यक्ति तो मल का ही बना है- गंदगी दूर करने के लिए पहले कपड़े को साबुन से धोएँ और बाद में स्वच्छ जल से कपड़े में लगे साबुन को धोएँ। इसी तरह से साधना और सत्कर्म से मलिनता को धोने के उपरान्त फिर साधन को भी धो डालिए। और वह भी शुद्ध जल से । ....  लेख पढ़ें
हंसें, कि हंसने के हैं कई लाभ, स्वास्थ्य लाभ केवल एक जनता जनार्दन डेस्क ,  Sep 09, 2017
खुल के हँसो, ज़ोरदार हँसो क्योंकि हँसने से सकारात्मक सोच बढ़ती है। हँसी को हम उस असरदार दवा की तरह मानते हैं, जो दुखों और घावों को ठीक करने में सबसे ज़्यादा असरकारक है। हँसने के कारण आपकी सोच सकारात्मक हो जाती है। हँसी वो चमत्कारिक योग है जिससे तमाम समस्याओं का समाधान अपने आप ही हो जाता है। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसाः अस संजोग ईस जब करई, तबहुँ कदाचित सो निरुअरई दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 09, 2017
विचार तो मथानी है। मथानी चलाइए, यह तो बिल्कुल ठीक है, लेकिन यह तो देख लीजिए कि आप मथानी चला कहाँ रहे हैं? आप पानी में मथानी चलाते रहिए,दिन रात परिश्रम करते रहिए तो भी उस पानी से मक्खन निकलेगा क्या? इसलिए अंतःकरण में यदि केवल पानी भरा हो, तो फिर विचार मंथन से क्या निकलेगा। और अगर वह पानी गंदा हो तो मंथन से उभर कर गंदगी ही तो ऊपर आयेगी। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसा, सुंदर कांडः तब लगि कुसल न जीव कहुँ सपनेहु नहिं विश्राम दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 08, 2017
तथ्य तो यह है कि जीव सबसे बड़ा है पर जीवन की सच्चाई में ऐसा दिखाई दे रहा है कि जीव जो है अपने शरीर के साथ, अपनी इन्द्रियों के साथ विषयों का गुलाम हो गया है। ऐसा षड़यंत्र विचित्र हो गया कि जो स्वामी था, वह बेचारा सेवक हो गया है। और बेचारा निरंतर दुःख अनुभव कर रहा है, वासना और अतृप्ति का अनुभव कर रहा है। जीव के अंतःकरण में फिर मोह, अहंकार आदि की प्रबृत्तियाँ आ जाती हैं। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसा: पुनि रघुबीरहिं भगति पियारी, माया खलु नर्त्तकी बिचारी दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 07, 2017
अंतःकरण में संसारिक "भय” के संस्कार इतने प्रबल होते हैं कि उनसे ऊपर उठकर भगवान तक जाना, जीव के लिए संभव नहीं। किन्तु भगवान, रुष्ट नहीं हो जाते हैं। अपितु उन्होंने अनुभव किया कि, मुझे उनको अपनी ओर आकृष्ट करने के लिए भय के उन निमित्त कारणों को भी समाप्त करना होगा, जो जीव और ईश्वर के बीच ब्यवधान बने हुए हैं। ....  लेख पढ़ें
मानस मीमांसा: कलप कलप प्रति प्रभु अवतरहीं, चारु चरित नाना बिधि करहीं दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 06, 2017
भगवान शिव में परम तत्त्वज्ञ के रूप में ब्रह्म के निर्गुण-निराकार स्वरूप का बोध है। अचानक उनके अंतःकरण में एक संकल्प जाग्रत हुआ--”कितना अच्छा हो कि यह निर्गुण निराकार ब्रह्म, सगुण साकार बनकर विश्व में अवतरित हो और ऐसा चरित्र प्रस्तुत करे जो लोक-मंगल के लिए आदर्श बन जाए!! ”वह आदर्श लीला कौन सी हो सकती है,इसकी एक रूप-रेखा उनके अन्तर्मन में बनी। यह स्फुरणा ही राम-चरित्र का मूलसूत्र बन गयी। ....  लेख पढ़ें
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