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नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, क्या सचमुच प्रभु लौटे निज-धाम? रामवीर सिंह ,  Jun 26, 2017
इस धरती पर वेदों की रक्षा करने वाले ब्राह्मणरूपी धान की खेती को विकसित करने के लिए आप नवीन "बृंद बलाहक" मेघों के समान हैं। प्रभु ! आप अनाथों के नाथ और दीन लोगों को प्रेम से स्वीकार करने वाले हैं। अपनी भुजाओं के बल पर आपने पृथ्वी का भार उतार दिया है। खर-दूषण को मारा है, विराध को मारकर ज़मीन में गाढ़ दिया है। इस प्रकार निशाचरों को नष्ट करने में आप कुशल हैं। ....  समाचार पढ़ें
पूरे देश में ईद की धूम, राष्ट्रपति, पीएम मोदी ने दी बधाई जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 26, 2017
पूरे देश में ईद का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद के मौके पर सभी को बधाई दी है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईद के शुभ मौके पर आशा व्यक्त की कि यह ईद सभी के जीवन में समृद्धि लाएगा और एकता और भाईचारे में हमारे विश्वास को सुदृढ़ करेगा, जो भारत की समग्र सांस्कृतिक विरासत रहा है. ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, किमि गवने निज धाम रामवीर सिंह ,  Jun 25, 2017
प्रभु नगर से बाहर आ गए हैं। अयोध्या में जो मुक्ति नहीं चाहते, भक्ति चाहते हैं उन्हे नगर में छोड़ दिया। वशिष्ठ वहॉं मार्ग दर्शन के लिए पहुँच ही गए हैं। प्रभु ने नाना प्रकार के रथ, हाथी, घोड़े मँगवाए और सब साथियों को उनकी रुचि अनुरूप बॉंट दिए। हनुमानजी और भरत शत्रुघ्न जी साथ में हैं। यहॉं लक्ष्मणजी का नाम नहीं है। लेकिन जिस कल्प की कथा कही जा रही है, उसमें वे भी साथ थे। ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, कर्म और ज्ञान की सीमा है, भक्ति की नहीं रामवीर सिंह ,  Jun 24, 2017
कर्म और ज्ञान की सीमा है। भक्ति की नहीं। कर्म के द्वारा कर्म के बंधन नहीं छूट सकते। क्यों कि कर्म करने से ही तो वासनाएँ बनी हैं। सकाम कर्म तो हैं ही बंधन में बॉंधने वाले। वे बंधन के मैल को क्या धोएँगे। अपने अंदर के मल (काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि) जब तक रहेंगे दु:ख और अशांति तो बनी ही रहेगी। बुद्धि मलिन होगी तो अपने दुर्गुण भी अच्छे लगेंगे तथा दूसरे के गुणों में भी बुराई दिखाई देती रहेगी। वैसे भी ये मानसिक समस्याएँ हैं। केवल परमात्मा की कृपा से ही हल होती हैं। ....  समाचार पढ़ें
कैंपस प्लेसमेंट: श्री त्रिदण्डी देव हनुमत टेक्निकल कॉलेज के 28 छात्रों का चयन अमिय पाण्डेय ,  Jun 23, 2017
माँ खंडवारी उच्च शिक्षण संस्थान चहनिया की नवीनतम इकाई श्री त्रिदण्डी देव हनुमत टेक्निकल कालेज बिसुपुर में गुड़गांव की कंपनी के अधिकारियो की देखरेख में मैकेनिकल इंजी. ब्रांच के तृतीय वर्ष के 28 छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा द्वारा चयन किया ....  समाचार पढ़ें
पीएसएलवी-सी38 लांच: अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उड़ान, कार्टोसेट-2 और 30 नैनो सेटेलाइट का प्रक्षेपण जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 23, 2017
30 सह-उपग्रहों के साथ कार्टोसैट-2 सीरीज के पीएसएलवी-सी3 ने शुक्रवार सुबह 9.20 मिनट पर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. लॉन्च के वक्त इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने साथी वैज्ञानिकों को बधाई दी। ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, जब बशिष्ठ जी को हुआ मोह रामवीर सिंह ,  Jun 23, 2017
ब्राह्मण का श्रेष्ठ कर्म है वेद पढ़ना और पढ़ाना। पुरोहिताई का कर्म इसलिए मंदा है क्यों कि यज्ञ करने कराने में तथा दान लेने में, यजमान और दाता की भूलचूक या पाप की ज़िम्मेदारी पुरोहित की होती है। यजमान के पापों से पुरोहित की तप:शक्ति क्षीण होती है. बशिष्ठ जी कह रहे हैं कि हे भगवान आपकी महिमा तो अपार है। मैं बखान नहीं कर सकता। वेद भी नहीं कर पाते। मैं तो उतना ही जानता हूँ जितना वेद जानते हैं। जब वेद ही ठीक से नहीं जानते तो मैं कैसे जान सकता हूँ। ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, असि सिख तुम्ह बिनु देइ न कोऊ रामवीर सिंह ,  Jun 22, 2017
संसार में धर्म आध्यात्म की ओर मोड़ने वाले या तो प्रभु स्वयं हैं या वो जिन्हें भक्ति करते करते परमात्म भाव प्राप्त हो गया है।माता पिता भाई सब स्वार्थवश होते हैं। शिशुकाल से ही किसी भौतिक व्यवसाय में फँसाने की योजना बनाते रहते हैं। पुरजन भगवान की बात सुन कर हर्षित हैं और जब भगवान ने जाने का संकेत कर दिया तो अपने अपने घर की ओर बिदा भी हो लिए। लेकिन चलते समय भी आपस में वही चर्चा कर रहे हैं जो प्रभु ने सुनाई है। ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः उत्तरकांड व्याख्या, भक्ति एक सरल मार्ग रामवीर सिंह ,  Jun 21, 2017
व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए कि सज्जन लोगों के साथ रहे, उन्हीं में प्रीति रखे। इस लोक से लेकर स्वर्गलोक तक के विषय सुखों को कोई महत्ता न दे, त्याग दे। भौतिकता के जाल में न फँसे, दृढ़ता के साथ भक्ति से जुड़ा रहे। कभी कभी भक्ति का पक्ष लेकर लोग ज्ञान पक्ष और शास्त्रों को हेय समझते हैं। निंदा करते हैं। यह ग़लत है। भक्ति में सरकता तो ज़रूरी है किंतु किसी से विरोध भी नहीं होना। ....  समाचार पढ़ें
स्कूलों में खेल एवं शारीरिक शिक्षा का हिस्सा होगा योग जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 21, 2017
यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 25 हजार से अधिक स्कूलों में जुलाई से शुरू हो रहे सत्र में बच्चों को योग शिक्षा के अंतर्गत कपालभाती से लेकर हठयोग और ताड़ासन तक के प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक पक्ष की जानकारी दी जाएगी. बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक में पढ़ाए जाने वाले नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के कोर्स में व्यापक बदलाव किया है. ....  समाचार पढ़ें
क्या आज वाकई योग दिवस है? आजकल हम आसन को योग और पत्ती को पेड़ कहते हैं! त्रिभुवन ,  Jun 21, 2017
हमने सिर्फ़ आसनों को ही योग का नाम दे दिया है। आसन सिखाने वाला हर व्यक्ति अपने आपको योग गुुरु घोषित कर रहा है आैर मुझे लगता है कि यह न केवल ग़लत है, बल्कि भारतीय मनीषा की मानव-समाज को सबसे बड़ी देन का यह उपहास और अवमूल्यन है और यह नाक़ाबिले-बर्दाश्त भी। ....  लेख पढ़ें
भारत में महामारी का रूप ले रही थायरॉइड की बीमारी जनता जनार्दन डेस्क ,  Jun 11, 2017
भारत में थायरॉइड के मरीजों की संख्या किस कदर बढ़ रही है, इसका खुलासा हाल ही में डायग्नोस्टिक चेन एसआरएल द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक 32 फीसदी भारतीय थायरॉइड से जुड़ी विभिन्न प्रकार की बीमारियों की शिकार है. ....  लेख पढ़ें
प्रकृति की अनदेखी का खामियाजा भुगतने को रहें तैयार जनता जनार्दन डेस्क ,  Jun 05, 2017
प्रकृति हो या मानव जीवन समाज हो अथवा देश, सभी की उचित स्थिति सुख-समृद्धि तभी तक रह सकती है, जब तक उनमें पर्याप्त संतुलन बना रहे। लेकिन कुछ सालों से पर्यावरण पूरी तरह से असंतुलित हो गया है। पर्यावरण दिवस मनाने के मायने क्या हैं, इसको समझना जरूरी है ....  लेख पढ़ें
कश्मीरी छात्रों की किस्मत बदलने का बीड़ा आईआईटी छात्रों ने उठाया जनता जनार्दन डेस्क ,  May 19, 2017
कश्मीर में सिर्फ पत्थरबाज ही नहीं, बल्कि देश के शीर्ष संस्थानों में अपनी कामयाबी का झंडा गाड़ने को आतुर मेधावी छात्र भी रहते हैं, जिनके भीतर हर वक्त कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है. लेकिन, घाटी के बद से बदतर होते हालात के कारण न तो उन्हें निर्बाध इंटरनेट सेवाएं मिल पा रही हैं ....  लेख पढ़ें
'जिल्लत की जिंदगी जीने से बेहतर है बंदूक उठाना' जनता जनार्दन डेस्क ,  May 19, 2017
धरती का स्वर्ग' कहे जाने वाले कश्मीर के लोगों में सरकार विश्वास पैदा करने को लेकर हरसंभव प्रयत्न कर रही है, लेकिन कुछेक घटनाएं ऐसी घट जाती हैं, जिनसे सारे प्रयासों पर पानी फिर जाता है। एक ऐसे ही मामले में कश्मीर के एक छात्र ने कहा है कि सुरक्षाबलों द्वारा उन्हें आतंकवादी के रूप में देखे जाने और 'जिल्लत की जिंदगी जीने से बेहतर' है कि वे बंदूक उठा लें। ....  लेख पढ़ें
गर्मियों में पहाड़ पर हैं या समंदर किनारे! त्वचा ठीक रखने के लिए शहनाज हुसैन के टिप्स जनता जनार्दन डेस्क ,  May 11, 2017
गर्मियों की छुट्टियों में ठंडे पहाड़ों और समुद्री तटों पर घूमने-फिरने का आनंद जरूर लें, लेकिन इन मौकों पर सौंदर्य के लिहाज से जागरूक रहना भी जरूरी है, क्योंकि समुद्री तटों तथा पहाड़ों की बर्फ के पारदर्शी सतहों पर सूर्य की किरणें मैदानी इलाकों के बजाय ज्यादा तेज होती हैं, जिससे त्वचा में जलन, कालापन, सनबर्न व मुहांसों जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ....  लेख पढ़ें
पृथ्वी दिवस 2017: धरती माता को बचाने के लिए भारत की पहल पांडुरंग हेगड़े ,  Apr 21, 2017
संयुक्त राष्ट्र 22 अप्रैल को एक विशेष दिवस के रूप में पृथ्वी मातृ दिवस मनाता है। 1970 में 10000 लोगों के साथ प्रारंभ किये गये इस दिवस को आज 192 देशों के एक अरब लोग मनाते हैं। इसका बुनियादी उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा और भविष्य में पीढ़ियों के साथ अपने संसाधनों को साझा करने के लिए मनुष्यों को उनके दायित्व के बारे में जागरूक बनाना है। ....  लेख पढ़ें
5 सालों में सरकारी स्कूलों में घटे 1.3 करोड़ छात्र, निजी स्कूलों में बढ़े 1.7 करोड़ विद्यार्थी देवानिक साहा ,  Apr 20, 2017
देश के 20 राज्यों में पिछले पांच वर्षो के दौरान सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में 1.3 करोड़ की कमी आई है, जबकि दूसरी ओर निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में 1.7 करोड़ का इजाफा हुआ है। हाल ही में आए एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ, जो देश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की खस्ताहालत को बयां करती है। ....  लेख पढ़ें
मानसून और पूर्वानुमानः कितनी सच्चाई, कितना फसाना मंजू चौहान ,  Apr 19, 2017
मानसून कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आधी से ज्यादा खेती-बाड़ी मानसूनी बारिश पर ही निर्भर करती है। लेकिन जहां सिंचाई के साधन हैं भी, वहां भी मानसूनी बारिश जरूरी है, क्योंकि बारिश नहीं होगी तो नदियां-झीलें भी सूख जाएंगी जहां से सिंचाई के लिए पानी आता ....  लेख पढ़ें
हर एक घंटे देश में एक विद्यार्थी कर रहा है खुदकुशी देवानिक साहा ,  Apr 10, 2017
मेडिकल जर्नल लांसेट की 2012 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से 29 साल के बीच के किशोरों-युवाओं में आत्महत्या की ऊंची दर के मामले में भारत शीर्ष के कुछ देशों में शामिल है। इसलिए समस्या को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। ....  लेख पढ़ें
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आक्रामक रुख से दुनिया क्या तीसरे विश्वयुद्ध के कगार पर है?

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