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हालिया दौर में प्रधानमंत्री मोदी जनता से बेहतर संवाद करने में सबसे दक्ष: राष्ट्रपति मुखर्जी जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 27, 2017
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को जनता से बेहतर संवाद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी जनता से कुछ वैसा ही संवाद करते हैं जैसे जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी करते थे. वह अपनी बात बेहतरीन ढंग से कहने में दक्ष लोगों में शामिल हैं तथा उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है. ....  समाचार पढ़ें
प्रेमचंद मूल रूप से उर्दू के लेखक, उन्हें हिंदी के संस्कार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी से मिले: डॉ केके गोयनका जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 24, 2017
"प्रेमचंद मूल रूप से उर्दू के लेखक थे, उन्हें हिंदी के संस्कार सिखाने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ही थे। हिंदी भाषा को मानक रूप देने में आचार्य द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा और उन्होंने ही प्रेमचंद के बलिदान और पंच परमेश्वर का संशोधन किया था। ....  समाचार पढ़ें
'माँ मुझे आँचल दो' का लोकार्पण हिन्दी भवन में हुआ जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 10, 2017
दिल्ली के प्रसिद्ध सूर्य प्रभा प्रकाशन के तत्वावधान में बंगला की सुप्रसिद्ध लेखिका माधवी विश्वास द्धारा रचित उपन्यास "माँ मुझे आँचल दो" का लोकार्पण हिन्दी भवन नई दिल्ली में पूरे साहित्यिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। पदमश्री डा.श्याम सिंह शशि के मुख्य आतिथ्य, राष्ट्रीय गीतकार डा. जयसिंह आर्य के सान्निध्य व अध्यक्ष महेश चन्द्र शर्मा पूर्व महापौर दिल्ली व आलोचक डा. नृत्य गोपाल व डा. नीलम राठी ने पुस्तक पर चर्चा की. ....  समाचार पढ़ें
राष्ट्रपति ने प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 28, 2017
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 27 अप्रैल, 2017 को नई दिल्ली में प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदय ने कहा कि पद्मभूषण प्रोफेसर शंख घोष एक उत्कृष्ट कवि और समालोचक, विख्यात शिक्षक हैं, जो 1977 में ही साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। ....  समाचार पढ़ें
तो राष्ट्रवादी सरकार ने घुटने टेक ही दिए, कहा केंद्र का हिंदी थोपने का कोई विचार नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 26, 2017
राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय संस्कृति की सरंक्षा का ढिंढोरा पीटने और हर दम हिन्दी - हिन्दी चिल्लाने वाली सरकार ने अंततः अंगरेजी प्रभुत्त्ववर्ग के दबाव में घुटने टेक ही दिए. सरकार ने बाकायदा बयान जारी कर हिन्दी को तरजीह देने वाली राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की कोशिशों से किनारा कर लिया है ....  समाचार पढ़ें
जय हो! राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दूसरे सभी मंत्री अब हिंदी में बोलेंगे जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 17, 2017
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 'आधिकारिक भाषाओं पर संसद की समिति' की इस सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया है कि राष्ट्रपति और ऐसे सभी मंत्रियों और अधिकारियों को हिंदी में ही भाषण देना चाहिए और बयान जारी करने चाहिए, जो हिंदी पढ़ और बोल सकते हों. ....  समाचार पढ़ें
गोवा में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 07, 2017
हेल्पफुल ऑर्गनाइजेशन फॉर लाइकमाइंडेड इंडियंस की तरफ से आगामी दस अप्रैल को कला अकादमी, पणजी गोवा में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है. कवि सम्मेलन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के कला और संस्कृति मंत्री गोविंद गावड़े और गोवा के विधायक सिद्धार्थ कुनकलिनकर मौजूद रहेंगे. ....  समाचार पढ़ें
अभिनव अरुण के दो संग्रहों का लोकार्पण 2 अप्रैल को जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 30, 2017
समकालीन कविता और ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर अभिनव अरुण के दूसरे ग़ज़ल संग्रह ''बादल बंद लिफ़ाफ़े हैं '' एवं प्रथम काव्य संग्रह ''मांद से बाहर '' का लोकार्पण समारोह रविवार, दिनांक 2 अप्रैल 2017 को इलाहाबाद स्थित हिन्दुस्तानी अकादमी सभागार सिविल लाइन में होगा. ....  समाचार पढ़ें
नदी की तरह हमें समाज हित में कार्य करना चाहिएः डा शशीकांत सैईकिया राजु मिश्रा ,  Mar 19, 2017
हमें पूरी लगन से कार्य करते रहना चाहिए. कोशिश करते रहने से सफलता मिलना निश्चित है, कार्य से ही हमारा जीवन सार्थक होगा. मोरान शाखा चाय मजदुर संघ प्रेक्षागृह में आयोजित ग्रंथ विमोचन सभा में डिब्रुगढ़ के कानोई महाविद्यालय के अध्यक्ष डा. शशीकांत सैईकिया ने उक्त बाते कहीं. ....  समाचार पढ़ें
मीना कांथ, गूगल डूडल ने महिला अधिकारों से जुड़ी लेखिका को किया सलाम जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 19, 2017
मीना कांथ का आज जन्मदिन है. गूगल डूडल आज फिनिश राइटर, जर्नलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट मीना कांथ का 173वां जन्मदिवस मना रहा है. उलरिका विल्हेल्मिना कांथ का जन्म 19 मार्च 1844 को फिनलैंड के टाम्परे में हुआ था. कांथ का जन्मदिन फिनलैंड में 'सामाजिक समानता दिवस' के रूप में मनाया जाता है. ....  समाचार पढ़ें
भक्तिधारा के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास: 30 जुलाई, जयंती विशेष मृत्युंजय दीक्षित ,  Jul 30, 2017
हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुआ था। इनके पिता का नाम आत्मा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ ही उनके मुख में 32 दांत थे। ऐसे अद्भुत बालक को देखकर माता- पिता बहुत चिंतित हो गए। ....  लेख पढ़ें
लियो शियाओबो और लियो शिआ: एक नोबेल पुरस्कार विजेता के मोहब्बत और संघर्ष की दास्तां जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 11, 2017
चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता लियो शियाओबो ने अपने देश में राजनीतिक बदलाव की मांग के लिए कई साल जेल में गुज़ार दिए। लियो शियाओबो उस समय न्यूयॉर्क में थे। जब उन्होंने पहली बार तियानानमेन स्क्वेयर से लोकतंत्र की मांग वाले किसी विरोध प्रदर्शन के बारे में सुना। इसके बाद शियाओबो ने इस प्रदर्शन में खुलकर भाग लिया। कहानी एक गुरु-शिष्य के प्यार की। ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
हम जिस दौर में गुजर रहें हैं, वहां तेजी से बदल रहे हैं पत्रकारिता के मानक: शशि शेखर श्रेष्ठ गुप्ता ,  Feb 13, 2017
देश के दूसरे सबसे बड़े पुस्तक मेले यानी "पटना पुस्तक मेला" में जब एक मंच पर दो दिग्गज पत्रकार नजर आए और सवाल-जवाब का सिलसिला चला तो दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने भरपूर आनंद लिया. 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर ने वरिष्ठ टीवी पत्रकार एवं साहित्यकार अनंत विजय के सवालों के खुलकर जवाब दिए. ....  लेख पढ़ें
'वीरप्पन के पास अद्भुत अतिन्द्रिय ज्ञान था' साकेत सुमन ,  Feb 07, 2017
वीरप्पन के मारे जाने के 13 वर्षो बाद 'ऑपरेशन कोकून' के दौरान उसकी हत्या की योजना बनाने और उसे मूर्त रूप देने वाले तमिलनाडु विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के अगुवा रहे एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी ने कहा है कि खूंखार डाकू के पास एक अदभुत अतिन्द्रिय ज्ञान था। ....  लेख पढ़ें
हिंदी को तकनीक के असर से बचाने की पहल जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 04, 2017
बदलते दौर में आम आदमी की जिंदगी का हिस्सा बन गई है तकनीक. इससे जहां सुविधाएं पाना आसान हो रहा है तो वहीं भाषा भी इसके असर से बच नहीं पा रही है, इससे भाषा के हिमायती चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि किताबों का दूर होना और तकनीक का हावी होना भाषा को कमजोर कर रहा है, लिहाजा भाषा (हिंदी) समृद्ध रहे, इसके लिए मध्यप्रदेश की राजधानी में एक पुस्तकालय शुरू किया गया है. ....  लेख पढ़ें
त्रिनिदाद एवं टोबैगो में हिंदुओं-मुस्लिमों में कोई भेद नहीं: आलिया एनियाथ सोमरीता घोष ,  Sep 03, 2016
कैरेबियाई द्वीप समूह के देश त्रिनिदाद एवं टोबैगो की भारतीय मूल की लेखिका आलिया एनियाथ का मानना है कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बारे में पूरी दुनिया को बताए जाने की जरूरत है, क्योंकि वहां हिंदू और मुस्लिमों के बीच कोई भेद नहीं है और भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। ....  लेख पढ़ें
आजीवन वंचितों की मशाल थामे रहीं महाश्वेता देवी जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 30, 2016
लंबे अरसे से मेरे भीतर जनजातीय समाज के लिए पीड़ा की जो ज्वाला धधक रही है, वह मेरी चिता के साथ ही शांत होगी... बांग्ला की सुप्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी के ये शब्द जनजातीय समाज के प्रति उनके प्रेम की झलक पेश करते हैं. ....  लेख पढ़ें
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