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साहित्य
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40 वर्ष बाद...हाथों में हिंदी की सरस्वती गौरव अवस्थी ,  Oct 18, 2020
सरस्वती। आपने सही पढ़ा। हां! वही सरस्वती जिसके संपादन से महावीर प्रसाद द्विवेदी को "आचार्य" पद प्राप्त हुआ। हिंदी साहित्य के प्रथम आचार्य माने और जाने गए। ऐसी "पद प्रतिष्ठा" उनके पहले हिंदी साहित्य में किसी को भी प्राप्त नहीं हुई। महाप्राण निराला उन्हें 'आचार्य' कहते-लिखते थे। जाने-माने आलोचक डॉ. नामवर सिंह ने भी इस बात पर मुहर लगाई कि महावीर प्रसाद द्विवेदी ही हिंदी के प्रथम 'आचार्य' माने गए। उनके पहले इस 'पद' पर केवल संस्कृत के विद्वान ही प्रतिष्ठित किए जाते रहे। ....  समाचार पढ़ें
पुस्तक समीक्षा: आकाश में कोरोना घना हैं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 29, 2020
अब आकाश में कोरोना घना है..." यह कहानी संग्रह वह पुस्तक है जो दर्द से भरी सत्य कथाओं के द्वारा कालांतर में अनदेखे काले अध्याय के द्वारा मानव समाज को झंझोड़ता रहेगा. सभी कहानियों के लेखकों ने ....  समाचार पढ़ें
मुंशी प्रेमचंद की याद में सच की दस्तक ने कराया कांफ्रेंस अमिय पाण्डेय ,  Jul 31, 2020
साहित्य के शिखर पुरुष मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर सच की दस्तक के तत्वाधान में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में भाग लेते हुए प्रसिद्ध रंगकर्मी,साहित्यकार कृष्ण कांत श्रीवास्तव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद  के लिए उनकी पुस्तकों की पाठशाला में पढ़ना जरूरी है ।उनके मानसरोवर में डूब कर यह समझना जरूरी है कि यथार्थ क्या होता है, त्रासदी क्या होती है ?उन्होंने अपनी जिंदगी में जो कुछ भी लिखा वह कल्पना नहीं थी बल्कि जो उन्होंने देखा उसी को लिखा ।सामाजिक बुराइयों को मुंशी प्रेमचंद ने पहले ही भांप लिया था और उसी पर अपनी लेखनी चलाई थी ।उन्होंने दशकों पहले जो अपनी लेखनी के माध्यम से ....  समाचार पढ़ें
वरदान मांगूंगा नहीं..कर्तव्य पथ से किंतु भागूंगा नहीं.. गौरव अवस्थी ,  Jul 25, 2020
देश के श्रेष्ठ गीतकार एवं राजनेता बालकवि बैरागी ने इन पंक्तियों के लेखक को खुद एक संस्मरण ने बताया था की सुमन जी की वजह से ही वह उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाए. अगर उन्होंने आर्थिक एवं  शिक्षा में मदद ना की होती तो वह डिग्री धारी ना बन पाते. गुरु शिष्य के पवित्र रिश्ते का एक उदाहरण बैरागी जी के शब्दों में सुनिए- " तब हम मध्यप्रदेश शासन में उप मंत्री बन गए थे. उज्जैन के सरकारी दौरे पर जाना हुआ. उज्जैन जाएं और सुमन जी से नहीं मिले ऐसा हो नहीं सकता था. गेस्ट ....  समाचार पढ़ें
कोरोना काल में पत्रिका का प्रकाशन एक अति प्रशंसनीय प्रयास: कृष्णकांत श्रीवास्तव अमिय पाण्डेय ,  May 22, 2020
कोरोना काल में कला साहित्य संस्कृति वह सामाजिक सरोकार की मासिक पत्रिका सच की दस्तक का प्रकाशित संयुक्तांक एक अति प्रशंसनीय प्रयास है ।इस प्रकाशन के लिए पत्रिका के संरक्षक सम्पादक सहित समस्त सहयोगी बधाई के पात्र हैं ।मैं इनकी उत्तर उत्कर्ष की कामना करता हूं । उक्त बातें नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी व कलम चलती रहे पुस्तक के लेखक कृष्णकांत श्रीवास्तव ने एकल लोकार्पण करते हुए अभिव्यक्त किया ।उन्होंने बताया कि कोविड-19 विश्वव्यापी बीमारी में सामाजिक एवं भौतिक ....  समाचार पढ़ें
मैथिली भाषा के साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार तथा बाल साहित्य पुरस्कार-2019 घोषित अजय पुंज ,  Jul 13, 2019
साहित्य अकादेमी मैथिली भाषा में अमित पाठक कृत राग-उपराग (कविता) पुस्तक को वर्ष 2019 का साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार और ऋषि बशिष्ठ कृत ई फूलक गुलदस्ता (कथा-संग्रह) को बाल साहित्य पुरस्कार देने की घोषणा करती है। ....  समाचार पढ़ें
शिव का संदेश था कि केदारनाथ में मंदिर के सिवा कुछ और नहीं: पत्रकार मंजीत नेगी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 11, 2019
केदारनाथ हिंदुओं के चार धाम में एक धाम है. वहां की यात्रा बहुत दुर्गम है. साल 2013 में वहां एक ऐसी आपदा घटी, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. आजतक के पत्रकार मंजीत नेगी ने केदारनाथ हादसे की आंखोंदेखी रिपोर्टिंग की और पुनर्निर्माण के दौरान भी वह लगातार केदारनाथ जाते रहे. फिर अपने अनुभवों पर उन्होंने एक किताब लिखी, नाम रखा 'केदारनाथ से साक्षात्कार.' ....  समाचार पढ़ें
'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ से झूम उठा बेगूसराय साहित्य-प्रेमी समुदाय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 05, 2018
विप्लवी पुस्तकालय, प्रलेस बेगूसराय एवं नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों गोदरगावां के चर्चित विप्लवी पुस्तकालय में 'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ का शानदार आयोजन किया गया. ....  समाचार पढ़ें
डॉ शम्भुनाथ सिंह की 27वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी, सम्मान और काव्यांजलि जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 06, 2018
हिंदी साहित्य में नवगीत को महत्त्वपूर्ण स्थान दिलाने में डॉक्टर शम्भुनाथ सिंह की बेहद खास भूमिका रही, इसीलिए उन्हें नवगीत का शिखर पुरूष माना जाता है. उन्होंने ही सर्वप्रथम 1954-55 में इलाहाबाद में परिमल की गोष्ठी में नवगीत शब्द का प्रयोग किया था जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है. ....  समाचार पढ़ें
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की किताब 'मूविंग आन मूविंग फारवर्ड, ए इयर इन ऑफिस' के विमोचन के मौके पर जुटी हस्तियां जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 02, 2018
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में वेंकैया नायडू की पहली पुस्तक 'मूविंग आन मूविंग फारवर्ड, ए इयर इन ऑफिस' का विमोचन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे. ....  समाचार पढ़ें
रिश्ता बनारस से बुनकर का माइटी इक़बाल  ,  Sep 27, 2020
चलते चलते यह भी कहता चलूं की प्रदेश सरकार के मुखिया बुनकर हित मे बिजली की या अन्य जो भी योजना लाएं,यह तय तो होना ही चाहिए कि इसका लाभ उन गरीब बुनकरों को प्राप्त हो जो रोज कमाने खाने वाले बुनकर हैं ,या जो बुनकर दो एक पावर लूम चला कर अपना धंधा करते है ना कि उन अ ....  लेख पढ़ें
बी.एच.यू मेरी साँसों में बसता है डॉ महबूब हसन ,  Jun 01, 2020
अज़ीज़ दोस्तों! बी.एच.यू. मेरे लिए हसीन यादों का एक बेश-किमती एल्बम है..कोलाज़ है, जिस में ज़िन्दगी के सारे रंग मौजूद हैं। बी.एच.यू. मेरी साँसों में बसता है! मेरे दिल की धड़कनों में शामिल है। बी.एच.यू. मेरी मुहब्बत है, मेरा इश्क़ है, मेरा जुनून है। ऐसा इश्क़ जिस ने मुझेख़ुशी व कामयाबी की नई न ....  लेख पढ़ें
ऐसा देश है मेरा: डॉ महबूब हसन ने क्या खूब लिखा   Desk JJ ,  Apr 24, 2020
ज़रा गौर से इन तस्वीरों को देखिए। इन तस्वीरों में हज़ारों बरस की मिली जुली आपसी तहज़ीब, संस्कृति, भाईचारा और प्रेम की एक लंबी दास्तान सिमट आई है। इसे गंगा जमुनी तहजीब भी कहते हैं। यहां की मिट्टी और कण कण में ये खुशबु रची बसी है। हिंदुस्तानी समाज का ताना बाना प्रेम और सौहार्द के धागों से ही तैयार हुआ है। हमने पूरी दुनियाँ को विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुम्बकम का जैसा प्यारा संदेश दिया। होली, ईद, दशहरा, दीवाली और मोहर्रम जैसे त्योहार इस धागे को और मजबूत करते हैं। अनेकता में एकता की ऐसी खूबसूरत मिसाल पूरी दुनिया में कहीं भी नज़र नहीं आती। यहां हज़ारों भाषाएं और बोलियों में देश की एकता और अखण्डता के सुरीले गीत बजते हैं। संतों, सन्यासियों और फकीरों ने अपने पैगाम के जरिए इंसानियत और धार्मिक सौहार्द के दीप जलाए। प्रकृति ने भी सुंदर पहाड़ियों, ....  लेख पढ़ें
साहित्यकार भी, समाजसेवी भी और सबसे बढ़कर मां: महाश्वेता देवी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 14, 2019
आज महाश्वेता का जन्मदिन है. अगर वह जिंदा होतीं, तो 93 की होतीं. अपने नाम की ही तरह साफ, उजली और सफ्फ़ाक. उन्होंने ताउम्र लेखन व संघर्ष उनके लिए किया जो जूझ रहे थे अपनी पहचान के लिए. इसीलिए वह बड़ी साहित्यकार थीं. शिक्षक भी समाजसेवी भी. किसी एक खांचे में उन्हें अलग करना मुश्किल है. वह मां थी, एक दो की नहीं हजार चौरासी की मां... अनगिनत की मां. ....  लेख पढ़ें
किस्सा-ए-बैरागी जी! गौरव अवस्थी की श्रद्धांजलि गौरव अवस्थी ,  May 14, 2018
देश के सुप्रतिष्ठित कवि और उससे भी अधिक हंसमुख एवं सभी के सहयोग में तत्पर रहने वाले सरलता से हमेशा लबरेज रहने वाले आदरणीय बालकवि बैरागी जी हमारे पिता की तरह थे. जो स्नेह हमें अपने पिता से मिला वही बैरागी जी से भी लगातार मिलता रहा. ऐसे स्नेहिल स्वभाव के बैरागी जी से जुड़ा यह किस्सा डॉ शिवमंगल सिंह सुमन के मुंह से कभी बाल्यकाल में सुना था. ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
राष्ट्रपति बनने की अनिच्छा, दोस्तों की बीवियों पर डोरेः फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस- पुस्तक अंश जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 05, 2018
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनना नहीं चाहते थे. ये दावा अमेरिकी पत्रकार ने अपनी किताब में किया है. अमेरिकी पत्रकार की किताब के मुताबिक, पिछले साल आश्चर्यजनक चुनावी जीत के बाद अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की आंखों में आंसू थे, लेकिन वो खुशी के आंसू नहीं थे. ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
सर मार्क टुली: पत्रकारिता से कथा लेखन की ओर साकेत सुमन ,  Nov 10, 2017
अधिकांश भारतीयों से भी ज्यादा भारतीय परिवेश में रचे-बसे सर मार्क टुली का लालन-पालन भले ही अंग्रेजियत के साथ हुआ, लेकिन उनको भारत से लगाव बचपन से ही रहा है। जीवन के अस्सी से ज्यादा वसंत देख चुके जानेमाने ब्रॉडकास्टर व लेखक कभी पादरी बनने की आकांक्षा रखते थे और इसके लिए उन्होंने धर्मशास्त्र में डिग्री भी हासिल की। लेकिन बाद में घटनाक्रम कुछ ऐसा बदला उन्हें भारत वापस लौटना पड़ा। ....  लेख पढ़ें
भक्तिधारा के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास: 30 जुलाई, जयंती विशेष मृत्युंजय दीक्षित ,  Jul 30, 2017
हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुआ था। इनके पिता का नाम आत्मा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ ही उनके मुख में 32 दांत थे। ऐसे अद्भुत बालक को देखकर माता- पिता बहुत चिंतित हो गए। ....  लेख पढ़ें
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