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गूगल ने महादेवी वर्मा को समर्पित किया डूडल, आज के दिन ही मिला था उन्हें ज्ञानपीठ जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 27, 2018
सर्च इंजन गूगल आज स्वतंत्रता सेनानी, मशहूर हिंदी कवयित्री, महिला अधिकारों की कार्यकर्ता और समाजसेवी महादेवी वर्मा को विशेष डूडल बनाकर याद कर रहा है. इस दिन महादेवी वर्मा को भारतीय साहित्य में अतुलनीय योगदान के लिए 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था. आज गूगल ने इसी यादगार दिन को फिर से याद किया है. ....  समाचार पढ़ें
उपवास कब... अमित मौर्य ,  Apr 13, 2018
यह कविता लिखा है गूंज उठी रणभेरी साप्ताहिक अख़बार के संपादक अमित मौर्या ने,अमित मौर्या अक्सर बेबाक लेखनीय के लिए जाने जाते है,वाराणसी से इनका अखबार प्रकाशित होता है और तेजी से आगे बढ़ रहा है,वाराणसी से अमित मौर्या की कलम से जनता जनार्दन वेबसाइट में भी.... ....  समाचार पढ़ें
रवीन्द्रनाथ त्यागी स्मृति सम्मान 2018: डाॅ. शेरजंग गर्ग को शीर्ष सम्मान, डॉ लालित्य ललित को सोपान सम्मान जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 09, 2018
प्रख्यात साहित्यकार श्रीमती चित्रा मुद्गल की अध्यक्षता में 7 अप्रैल को रवीन्द्रनाथ त्यागी स्मृति सम्मान निर्णायक- समिति की बैठक हुई। बैठक में निर्णायक समिति के सदस्य डॉ कमलकिशोर गोयनका, डॉ प्रताप सहगल, डॉ हरीश नवल, डॉ प्रेम जनमेजय तथा श्रीमती शारदा एवं श्रीमती इंदु त्यागी, फोन पर, चर्चा के लिए उपस्थित थे। दो घंटे चली इस बैठक में खुली चर्चा हुई। बैठक में सर्व सम्मति से डॉ शेरजंग गर्ग को शीर्ष सम्मान एवं डॉ लालित्य ललित को सोपान सम्मान से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। ....  समाचार पढ़ें
नोबेल पुरस्कार विजेता गेब्रियल गार्सिया मारक्वेज की 91वीं जयंती पर गूगल ने बनाया डूडल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 06, 2018
आज कोलंबियन मूल के महान लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता गेब्रियल गार्सिया की 91 वीं जयंती है. गूगल ने लेखन की कृतियों के प्रति सम्मान जताते हुए आज का डूडल उन्हें समर्पित किया है. 6 मार्च, 1927 को कोलंबिया में जन्मे गेब्रियल को उनके प्रशंसक गैबो के नाम से भी पुकारते हैं. ....  समाचार पढ़ें
जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 26, 2018
दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ती पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए साहित्य को ज़रिया बनाने की प्रतिबद्धता के तहत ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 11वें संस्करण में समुद्रों, नदियों, पहाड़ों, वनों, वन्य जीवन और ऐसी प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षण के लिए गंभीर संवाद शुरू किया है। इसके लिए संरक्षण एवं पर्यावरण संबंधी मुद्दे पर केंद्रित सत्रों का आयोजन किया गया। ....  समाचार पढ़ें
ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 में साहित्य, थिएटर, नृत्य और कविताओें की प्रस्तुति जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 26, 2018
ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 साहित्य और प्रदर्शन कलाओं के संबंधों की संभावनाएं तलाशने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके विभिन्न सत्र थिएटर, संगीत, नृत्य और प्रदर्शन कविताओं के स्वाद से समृद्ध होंगे। भारत की स्वतंत्रता के 70 वर्षों और यूके भारत संस्कृति वर्ष के उत्सवों के अंतर्गत अपने विश्वस्तरीय प्रीमियर के मौके पर भारतीय नृत्य के यूके के प्रमुख निर्माता एकेडमी द्वारा पेश किया जाने वाला द ट्राथ 1915 की लघु कथा चंद्रधर शर्मा गुलेरी की उसने कहा था पर आधारित है। ....  समाचार पढ़ें
वर्जिनिया वुल्फ का 136वां जन्मदिनः गूगल ने डूडल बनाकर किया याद अजय पुंज ,  Jan 25, 2018
गूगल ने अंग्रेजी उपन्यासकार वर्जिनिया वुल्फ को उनके 136 वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर याद किया.वर्जिनिया वुल्फ २०वीं सदी की एक प्रतिभाशाली अंग्रेजी साहित्यकार और निबंधकार थीं. ए रूम ऑफ वन्स ओन की लेखिका वर्जिनिया वुल्फ प्रसिद्ध लेखिका, आलोचक और पर्वतारोही पिता सर स्टीफन और मां जूलिया स्टीफन की बेटी थीं. एडलीन वर्जिनिया वुल्फ का जन्म 25 जनवरी 1882 को हुआ था. ....  समाचार पढ़ें
जयपुर बुकमार्क 2018: जहां किताबों का मतलब है कारोबार जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 20, 2018
भारतीय प्रकाशन उद्योग की ओर दुनिया भर का ध्यान केंद्रित है. नीलसन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में भारतीय पुस्तक बाजार का आकार 4.6 अरब डॉलर का था, जिसके कारण भारत दुनिया में अंग्रेजी भाषा के पब्लिशिंग उद्योग का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया। जयपुर बुकमार्क (जेबीएम) का पूरा ध्यान किताबों और अनुवाद के कारोबार की ओर केंद्रित है और यह ऐसे प्रमुख लोगों को एक साथ ले आता है जो इस उद्योग की वृद्धि के पीछे अहम कारण हैं। ....  समाचार पढ़ें
गूगल ने महाश्वेता देवी के 92वें जन्मदिन पर बनाया डूडल अजय पुंज ,  Jan 14, 2018
सर्च इंजन गूगल ने आज अपना डूडल बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को समर्पित किया है. गूगल ने महाश्वेता देवी का 92वां जन्मदिन शीर्षक से डूडल बनाया है. महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में ढाका में हुआ. उनके पिता मनीष घटक जाने माने कवि और उपन्यासकार थे. वे कल्लोल आंदोलन से भी जुड़े हुए थे. वे फिल्ममेकर रित्विक घट के भाई थे. ....  समाचार पढ़ें
'साहित्य और पर्यावरण' पर 'रेखना मेरी जान' के संदर्भ में रत्नेश्वर सिंह और मनीषा कुलश्रेष्ठ की खास चर्चा जय प्रकाश पाण्डेय ,  Jan 11, 2018
मुझे यह कहने में कत्तई संकोच नहीं कि 'रेखना मेरी जान' पढ़ते समय आपको यह किताब बेशकीमती मालूम होगी. किसी शब्दचित्र, इतिहास और साइंस फिल्म की तरह यह आपको आर्कटिक से बंगलादेश तक, प्रेम से बिछोह तक, अमीरी से गरीबी तक, निर्माण से ध्वंस तथा साइंस से प्रकृति और मानवीय संवेदना से जोड़ती है. ....  समाचार पढ़ें
किस्सा-ए-बैरागी जी! गौरव अवस्थी की श्रद्धांजलि गौरव अवस्थी ,  May 14, 2018
देश के सुप्रतिष्ठित कवि और उससे भी अधिक हंसमुख एवं सभी के सहयोग में तत्पर रहने वाले सरलता से हमेशा लबरेज रहने वाले आदरणीय बालकवि बैरागी जी हमारे पिता की तरह थे. जो स्नेह हमें अपने पिता से मिला वही बैरागी जी से भी लगातार मिलता रहा. ऐसे स्नेहिल स्वभाव के बैरागी जी से जुड़ा यह किस्सा डॉ शिवमंगल सिंह सुमन के मुंह से कभी बाल्यकाल में सुना था. ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
राष्ट्रपति बनने की अनिच्छा, दोस्तों की बीवियों पर डोरेः फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस- पुस्तक अंश जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 05, 2018
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनना नहीं चाहते थे. ये दावा अमेरिकी पत्रकार ने अपनी किताब में किया है. अमेरिकी पत्रकार की किताब के मुताबिक, पिछले साल आश्चर्यजनक चुनावी जीत के बाद अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की आंखों में आंसू थे, लेकिन वो खुशी के आंसू नहीं थे. ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
सर मार्क टुली: पत्रकारिता से कथा लेखन की ओर साकेत सुमन ,  Nov 10, 2017
अधिकांश भारतीयों से भी ज्यादा भारतीय परिवेश में रचे-बसे सर मार्क टुली का लालन-पालन भले ही अंग्रेजियत के साथ हुआ, लेकिन उनको भारत से लगाव बचपन से ही रहा है। जीवन के अस्सी से ज्यादा वसंत देख चुके जानेमाने ब्रॉडकास्टर व लेखक कभी पादरी बनने की आकांक्षा रखते थे और इसके लिए उन्होंने धर्मशास्त्र में डिग्री भी हासिल की। लेकिन बाद में घटनाक्रम कुछ ऐसा बदला उन्हें भारत वापस लौटना पड़ा। ....  लेख पढ़ें
भक्तिधारा के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास: 30 जुलाई, जयंती विशेष मृत्युंजय दीक्षित ,  Jul 30, 2017
हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुआ था। इनके पिता का नाम आत्मा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ ही उनके मुख में 32 दांत थे। ऐसे अद्भुत बालक को देखकर माता- पिता बहुत चिंतित हो गए। ....  लेख पढ़ें
लियो शियाओबो और लियो शिआ: एक नोबेल पुरस्कार विजेता के मोहब्बत और संघर्ष की दास्तां जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 11, 2017
चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता लियो शियाओबो ने अपने देश में राजनीतिक बदलाव की मांग के लिए कई साल जेल में गुज़ार दिए। लियो शियाओबो उस समय न्यूयॉर्क में थे। जब उन्होंने पहली बार तियानानमेन स्क्वेयर से लोकतंत्र की मांग वाले किसी विरोध प्रदर्शन के बारे में सुना। इसके बाद शियाओबो ने इस प्रदर्शन में खुलकर भाग लिया। कहानी एक गुरु-शिष्य के प्यार की। ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
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