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'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ से झूम उठा बेगूसराय साहित्य-प्रेमी समुदाय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 05, 2018
विप्लवी पुस्तकालय, प्रलेस बेगूसराय एवं नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों गोदरगावां के चर्चित विप्लवी पुस्तकालय में 'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ का शानदार आयोजन किया गया. ....  समाचार पढ़ें
डॉ शम्भुनाथ सिंह की 27वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी, सम्मान और काव्यांजलि जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 06, 2018
हिंदी साहित्य में नवगीत को महत्त्वपूर्ण स्थान दिलाने में डॉक्टर शम्भुनाथ सिंह की बेहद खास भूमिका रही, इसीलिए उन्हें नवगीत का शिखर पुरूष माना जाता है. उन्होंने ही सर्वप्रथम 1954-55 में इलाहाबाद में परिमल की गोष्ठी में नवगीत शब्द का प्रयोग किया था जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है. ....  समाचार पढ़ें
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की किताब 'मूविंग आन मूविंग फारवर्ड, ए इयर इन ऑफिस' के विमोचन के मौके पर जुटी हस्तियां जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 02, 2018
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में वेंकैया नायडू की पहली पुस्तक 'मूविंग आन मूविंग फारवर्ड, ए इयर इन ऑफिस' का विमोचन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे. ....  समाचार पढ़ें
 इस्मत चुग़ताई की याद में गूगल ने बनाया डूडल, पर क्या वाकई उनका जन्मदिन आज है? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 21, 2018
उर्दू की मशहूर और सबसे विवादित लेखिकाओं में शुमार इस्मत चुग़ताई के 107वें जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है. कुछ लोग मानते हैं कि उनका जन्म 15 अगस्त, 1915 को हुआ था. पता नहीं कब और कैसे यह 21 अगस्त हो गया. इस्मत चुग़ताई का 107वां जन्मदिन नाम का टाइटल देकर गूगल ने बिंदास और बोल्ड लेखनी के लिए मशहूर 'इस्मत आपा' को श्रद्धांजलि दी है. ....  समाचार पढ़ें
गूगल ने आधुनिक एटलस के पहले निर्माता अब्राहम ओर्टेलियस की याद में बनाया डूडल जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 20, 2018
दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने अपने होमपेज पर आज से करीब 400 साल पहले, 20 मई 1570 को बनाए गए दुनिया के पहले मॉडर्न मानचित्र को दिखा कर उसके एक निर्माता को याद किया है. इस आधुनिक विश्व मानचित्र को 'थिएट्रम ओर्बिस टेरारम' टाइटल से प्रकाशित किया गया था. ....  समाचार पढ़ें
मृणालिनी साराभाई के 100वें जन्मदिन पर गूगल ने बनाया क्लासिकल डांस डूडल जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 11, 2018
सर्च इंजन गूगल ने डूडल बनाकर भारत की मशहूर क्लासिकल डांसर, कोरियोग्राफर और शिक्षक मृणालिनी विक्रम साराभाई को श्रद्धांजलि दी है. दुनिया भर में अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विख्यात रहीं साराभाई ने बचपन से ही डांसर बनने की ड्रेनिंग लेना शुरू कर दी दी थी. ....  समाचार पढ़ें
गूगल ने फ्रांस के इलूज़निस्ट जॉर्जेस मेलिएस की याद में बनाया 360 डिग्री जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 03, 2018
गूगल ने फ्रांस के इलूज़निस्ट और फिल्म प्रोड्यूसर जॉर्जेस मेलिएस की याद में अनोखा डूडल तैयार किया. जॉर्जेस मेलिएस के सबसे प्रसिद्ध काम 'À la conquête du pôle' की 106वीं एनिवर्सरी पर इसे बनाया गया. जॉर्जेस मेलिएस ने सिनेमा के शुरुआती दौर में कई तरह के नए प्रयोग किए. ....  समाचार पढ़ें
दादासाहब फाल्के: भारतीय फिल्म जगत के पितामह के 148वें जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 30, 2018
सर्च इंजन गूगल ने आज अपना डूडल दादासाहब फाल्के के को समर्पित किया है. भारतीय फिल्म उद्योग के पितामह दादासाहब फाल्के का जन्म 1870 में आज ही के दिन यानी 30 अप्रैल को हुआ था. 16 फरवरी, 1944 को नाशिक में उनका निधन हुआ था. दादासाहब फाल्के के सम्मान में भारत सरकार ने 1969 में 'दादासाहब फाल्के अवॉर्ड' देना शुरू किया. ....  समाचार पढ़ें
गूगल ने महादेवी वर्मा को समर्पित किया डूडल, आज के दिन ही मिला था उन्हें ज्ञानपीठ जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 27, 2018
सर्च इंजन गूगल आज स्वतंत्रता सेनानी, मशहूर हिंदी कवयित्री, महिला अधिकारों की कार्यकर्ता और समाजसेवी महादेवी वर्मा को विशेष डूडल बनाकर याद कर रहा है. इस दिन महादेवी वर्मा को भारतीय साहित्य में अतुलनीय योगदान के लिए 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था. आज गूगल ने इसी यादगार दिन को फिर से याद किया है. ....  समाचार पढ़ें
उपवास कब... अमित मौर्य ,  Apr 13, 2018
यह कविता लिखा है गूंज उठी रणभेरी साप्ताहिक अख़बार के संपादक अमित मौर्या ने,अमित मौर्या अक्सर बेबाक लेखनीय के लिए जाने जाते है,वाराणसी से इनका अखबार प्रकाशित होता है और तेजी से आगे बढ़ रहा है,वाराणसी से अमित मौर्या की कलम से जनता जनार्दन वेबसाइट में भी.... ....  समाचार पढ़ें
किस्सा-ए-बैरागी जी! गौरव अवस्थी की श्रद्धांजलि गौरव अवस्थी ,  May 14, 2018
देश के सुप्रतिष्ठित कवि और उससे भी अधिक हंसमुख एवं सभी के सहयोग में तत्पर रहने वाले सरलता से हमेशा लबरेज रहने वाले आदरणीय बालकवि बैरागी जी हमारे पिता की तरह थे. जो स्नेह हमें अपने पिता से मिला वही बैरागी जी से भी लगातार मिलता रहा. ऐसे स्नेहिल स्वभाव के बैरागी जी से जुड़ा यह किस्सा डॉ शिवमंगल सिंह सुमन के मुंह से कभी बाल्यकाल में सुना था. ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
राष्ट्रपति बनने की अनिच्छा, दोस्तों की बीवियों पर डोरेः फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस- पुस्तक अंश जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 05, 2018
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनना नहीं चाहते थे. ये दावा अमेरिकी पत्रकार ने अपनी किताब में किया है. अमेरिकी पत्रकार की किताब के मुताबिक, पिछले साल आश्चर्यजनक चुनावी जीत के बाद अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की आंखों में आंसू थे, लेकिन वो खुशी के आंसू नहीं थे. ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
सर मार्क टुली: पत्रकारिता से कथा लेखन की ओर साकेत सुमन ,  Nov 10, 2017
अधिकांश भारतीयों से भी ज्यादा भारतीय परिवेश में रचे-बसे सर मार्क टुली का लालन-पालन भले ही अंग्रेजियत के साथ हुआ, लेकिन उनको भारत से लगाव बचपन से ही रहा है। जीवन के अस्सी से ज्यादा वसंत देख चुके जानेमाने ब्रॉडकास्टर व लेखक कभी पादरी बनने की आकांक्षा रखते थे और इसके लिए उन्होंने धर्मशास्त्र में डिग्री भी हासिल की। लेकिन बाद में घटनाक्रम कुछ ऐसा बदला उन्हें भारत वापस लौटना पड़ा। ....  लेख पढ़ें
भक्तिधारा के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास: 30 जुलाई, जयंती विशेष मृत्युंजय दीक्षित ,  Jul 30, 2017
हिंदी साहित्य के महान कवि संत तुलसीदास का जन्म संवत 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्तमूल नक्षत्र में हुआ था। इनके पिता का नाम आत्मा रामदुबे व माता का नाम हुलसी था। जन्म के समय तुलसीदास रोये नहीं थे अपितु उनके मुंह से राम शब्द निकला था। साथ ही उनके मुख में 32 दांत थे। ऐसे अद्भुत बालक को देखकर माता- पिता बहुत चिंतित हो गए। ....  लेख पढ़ें
लियो शियाओबो और लियो शिआ: एक नोबेल पुरस्कार विजेता के मोहब्बत और संघर्ष की दास्तां जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 11, 2017
चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता लियो शियाओबो ने अपने देश में राजनीतिक बदलाव की मांग के लिए कई साल जेल में गुज़ार दिए। लियो शियाओबो उस समय न्यूयॉर्क में थे। जब उन्होंने पहली बार तियानानमेन स्क्वेयर से लोकतंत्र की मांग वाले किसी विरोध प्रदर्शन के बारे में सुना। इसके बाद शियाओबो ने इस प्रदर्शन में खुलकर भाग लिया। कहानी एक गुरु-शिष्य के प्यार की। ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
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