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आंचलिक पत्रकार पत्रिका की छांव में.. गौरव अवस्थी ,  Sep 21, 2021
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के समकालीन पंडित माधव राव सप्रे की स्मृति में देश के प्रखर पत्रकार और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर जी ने 40 वर्ष पहले भोपाल में सप्रे संग्रहालय की स्थापना के साथ पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा-दिशा सुधारने के लिए ....  समाचार पढ़ें
भारत के रजत द्विवेदी और अमेरिका के ओजस ने जीती काव्य पाठ प्रतियोगिता जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 12, 2021
आचार्य द्विवेदी के व्यक्तित्व-कृतित्व पर आधारित कहूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पटना की यातुषी इंदुरत्न ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अमेरिका के ओजस दूसरे और ईशा तीसरे स्थान पर ....  समाचार पढ़ें
जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 22, 2021
साहित्य अकादेमी द्वारा वेबलाइन साहित्य श्रृंखला के अंतर्गत अस्मिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें चार भारतीय अंग्रेजी लेखिकाओं ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की. कार्यक्रम में भाग लेने वाली यह रचनाकार थीं - मिताली मधुस्मिता, नीलम चंद्रा, नेहा बंसल एवं नीतू. ....  समाचार पढ़ें
जागो, हिंदी प्रेमियों जागो...हिंदी 100 रत्नमाला में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी हैं ही नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 07, 2021
केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा ने हिंदी साहित्य के हजार वर्ष के इतिहास को संजोने के लिए "हिंदी 100 रत्नमाला" योजना के तहत हिंदी के विशिष्ट साहित्यकारों के नाम पर पुस्तक छापने की प्रक्रिया प्रारंभ की है. इन विशिष्ट साहित्यकारों में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का नाम चयनित नहीं है. आप खुद सोचें, केंद्रीय हिंदी संस्थान साहित्यकारों की विशिष्टता तय करेगा ....  समाचार पढ़ें
विटामिन ज़िन्दगी पुरस्कारों की घोषणा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 15, 2021
'विटामिन ज़िन्दगी पुरस्कार' की घोषणा भी की है। इस पुरस्कार के लिए प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 30 जून 2021 है। अधिक जानकारी कविता कोश की वेबसाइट पर उपलब्ध है।  ....  समाचार पढ़ें
अब नहीं होते शब्दों पर शास्त्रार्थ  Gaurav Awasthi ,  Apr 09, 2021
आज एक बार फिर ऐसे आचार्य संपादकों की जरूरत महसूस हो रही है जो हिंदी हित में आलोचना निंदा से परे होकर भाषाई और शाब्दिक एकरूपता पर आपस में शास्त्रार्थ करके भविष्य की भाषा को शुद्ध रूप प्रदान कर सकें. ऐसा नहीं है कि हिंदी में ऐसे विद्वान चिंतक-विचारक व्यक्ति या संपादक वर्तमान में है नहीं. ....  समाचार पढ़ें
स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर साहित्य अकादेमी ने किया इंडिया@75 हिंदी कवि सम्मेलन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 23, 2021
भारत की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यक्रमों की शृंखला में साहित्य अकादेमी ने इंडिया@75 हिंदी कवि सम्मिलन के रूप में पहले कार्यक्रम का आयोजन किया. कवि सम्मिलन में देश के जाने माने हिंदी कवियों कुँवर बेचैन, अशोक चक्रधर, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, सरिता शर्मा एवं उपेंद्र कुमार पांडेय ने अपनी देशभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया. ....  समाचार पढ़ें
चन्दौली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, आज की नारी शक्ति विषयक संगोष्ठी व सम्मान समारोह का हुआ आयोजन अमिय पाण्डेय ,  Mar 07, 2021
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं एक मासिक पत्रिका के चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर सैयदराजा स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज सैयदराजा के प्रांगण में शनिवार को आज की नारी शक्ति विषयक एक संगोष्ठी तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मासिक पत्रिका के संपादक ब्रजेश कुमार एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या सुशीला देवी द्वारा ....  समाचार पढ़ें
रेल राजभाषा विभाग मालदा ने हिंदी साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती मनाई  जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 24, 2021
राजभाषा विभाग, मालदा द्वारा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में स्थित हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती मनाई गई। ज्ञात हो कि 21 फरवरी को उनकी जयंती थी, परंतु उक्त दिवस को कार्यालय अवकाश होने के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन 24 फरवरी को किया गया। इस शुभ अवसर ....  समाचार पढ़ें
हिंदी साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 23, 2021
हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की पुण्यतिथि के अवसर पर आज हिंदी विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय और अंक विचार मंच, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। अंक विचार मंच की पहल के अनुसार सबसे पहले प्रेमचंद वाटिका में स्थित अमृतलाल नागर की मूर्ति की साफ सफाई की गई। इसके बाद हिंदी विभाग ....  समाचार पढ़ें
साहित्य अकादेमी का साहित्योत्सव 2021 संपन्न जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 14, 2021
साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित किए जा रहे 'साहित्योत्सव 2021' के अंतिम दिन अनुवाद पुरस्कार 2019 से पुरस्कृत अनुवादकों ने अपने रचनात्मक अनुभव साझा किए। इस अनुवाद सम्मिलन की अध्यक्षता ....  लेख पढ़ें
ओड़िया कहानी: खोज   मूलः वरदा प्रसन्न महांति, अनुवाद- सुजाता शिवेन ,  Dec 31, 2020
कॉलेज के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का आखिरी साल हमेशा भविष्य के सपनों को लेकर उलझा रहता है. प्रशासनिक सेवाओं के आकर्षण ने शोध जैसे महत्त्वपूर्ण अकादमिक कार्य को कैसे हाशिए पर डाला है, उसे ही उजागर करती विचारोत्तेजक कहानी ....  लेख पढ़ें
रिश्ता बनारस से बुनकर का माइटी इक़बाल  ,  Sep 27, 2020
चलते चलते यह भी कहता चलूं की प्रदेश सरकार के मुखिया बुनकर हित मे बिजली की या अन्य जो भी योजना लाएं,यह तय तो होना ही चाहिए कि इसका लाभ उन गरीब बुनकरों को प्राप्त हो जो रोज कमाने खाने वाले बुनकर हैं ,या जो बुनकर दो एक पावर लूम चला कर अपना धंधा करते है ना कि उन अ ....  लेख पढ़ें
बी.एच.यू मेरी साँसों में बसता है डॉ महबूब हसन ,  Jun 01, 2020
अज़ीज़ दोस्तों! बी.एच.यू. मेरे लिए हसीन यादों का एक बेश-किमती एल्बम है..कोलाज़ है, जिस में ज़िन्दगी के सारे रंग मौजूद हैं। बी.एच.यू. मेरी साँसों में बसता है! मेरे दिल की धड़कनों में शामिल है। बी.एच.यू. मेरी मुहब्बत है, मेरा इश्क़ है, मेरा जुनून है। ऐसा इश्क़ जिस ने मुझेख़ुशी व कामयाबी की नई न ....  लेख पढ़ें
ऐसा देश है मेरा: डॉ महबूब हसन ने क्या खूब लिखा   Desk JJ ,  Apr 24, 2020
ज़रा गौर से इन तस्वीरों को देखिए। इन तस्वीरों में हज़ारों बरस की मिली जुली आपसी तहज़ीब, संस्कृति, भाईचारा और प्रेम की एक लंबी दास्तान सिमट आई है। इसे गंगा जमुनी तहजीब भी कहते हैं। यहां की मिट्टी और कण कण में ये खुशबु रची बसी है। हिंदुस्तानी समाज का ताना बाना प्रेम और सौहार्द के धागों से ही तैयार हुआ है। हमने पूरी दुनियाँ को विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुम्बकम का जैसा प्यारा संदेश दिया। होली, ईद, दशहरा, दीवाली और मोहर्रम जैसे त्योहार इस धागे को और मजबूत करते हैं। अनेकता में एकता की ऐसी खूबसूरत मिसाल पूरी दुनिया में कहीं भी नज़र नहीं आती। यहां हज़ारों भाषाएं और बोलियों में देश की एकता और अखण्डता के सुरीले गीत बजते हैं। संतों, सन्यासियों और फकीरों ने अपने पैगाम के जरिए इंसानियत और धार्मिक सौहार्द के दीप जलाए। प्रकृति ने भी सुंदर पहाड़ियों, ....  लेख पढ़ें
साहित्यकार भी, समाजसेवी भी और सबसे बढ़कर मां: महाश्वेता देवी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 14, 2019
आज महाश्वेता का जन्मदिन है. अगर वह जिंदा होतीं, तो 93 की होतीं. अपने नाम की ही तरह साफ, उजली और सफ्फ़ाक. उन्होंने ताउम्र लेखन व संघर्ष उनके लिए किया जो जूझ रहे थे अपनी पहचान के लिए. इसीलिए वह बड़ी साहित्यकार थीं. शिक्षक भी समाजसेवी भी. किसी एक खांचे में उन्हें अलग करना मुश्किल है. वह मां थी, एक दो की नहीं हजार चौरासी की मां... अनगिनत की मां. ....  लेख पढ़ें
किस्सा-ए-बैरागी जी! गौरव अवस्थी की श्रद्धांजलि गौरव अवस्थी ,  May 14, 2018
देश के सुप्रतिष्ठित कवि और उससे भी अधिक हंसमुख एवं सभी के सहयोग में तत्पर रहने वाले सरलता से हमेशा लबरेज रहने वाले आदरणीय बालकवि बैरागी जी हमारे पिता की तरह थे. जो स्नेह हमें अपने पिता से मिला वही बैरागी जी से भी लगातार मिलता रहा. ऐसे स्नेहिल स्वभाव के बैरागी जी से जुड़ा यह किस्सा डॉ शिवमंगल सिंह सुमन के मुंह से कभी बाल्यकाल में सुना था. ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
राष्ट्रपति बनने की अनिच्छा, दोस्तों की बीवियों पर डोरेः फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस- पुस्तक अंश जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 05, 2018
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनना नहीं चाहते थे. ये दावा अमेरिकी पत्रकार ने अपनी किताब में किया है. अमेरिकी पत्रकार की किताब के मुताबिक, पिछले साल आश्चर्यजनक चुनावी जीत के बाद अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की आंखों में आंसू थे, लेकिन वो खुशी के आंसू नहीं थे. ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
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