काम नहीं तो वेतन नहीं' पर सांसदों की राय बंटी

जनता जनार्दन संवाददाता , Dec 06, 2011, 12:03 pm IST
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काम नहीं तो वेतन नहीं' पर सांसदों की राय बंटी नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र का करीब आधा समय बिना किसी काम के समाप्त हो गया। इस गतिरोध के बावजूद क्या सांसदों को उनके वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए, इस पर संसदों की राय बंटी हुई है।

सांसदों ने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' पर मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी व मुकेश गढ़वी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इस विचार का समर्थन किया है, वहीं 2जी घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पी. सी. चाको का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

चाको के मुताबिक, "सांसद संसद आ रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं। विपक्ष को प्रदर्शन का अधिकार है। खुदरा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) पर गतिरोध समाप्त करने के लिए आम सहमति बनाने की जरूरत है।"

वहीं, मनीष तिवारी का कहना है, "न केवल रोजना के भत्तों, बल्कि संसद की कार्यवाही न चलने देने वाले सांसदों के वेतन में भी कटौती की जानी चाहिए।" तिवारी ने इसका उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान उतने दिन का अपना रोजाना भत्ता (2,000 रुपये) नहीं लिया था, जब विपक्षी दलों ने 2जी घोटाले की जांच की मांग को लेकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी।

भाजपा सांसद अनुराग सिंह भी इसके पक्ष में हैं कि यदि सांसद काम न करें तो उन्हें वेतन न मिले। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पत्र लिखकर कहा भी है कि जितने दिन संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही नहीं चलेगी, वह अपना रोजाना भत्ता नहीं लेंगे।

कांग्रेस सांसद मुकेश गढ़वी भी इसके पक्ष में हैं। लेकिन लोकपाल विधेयक के मसौदे का परीक्षण कर रही विधि एवं न्याय पर संसद की स्थाई समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने बीच का रास्ता अपनाते हुए कहा, "सभी राजनीतिक दल साथ बैठकर इस पर विचार कर सकते हैं।"

उल्लेखनीय है कि महंगाई, काले धन तथा एफडीआई के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे की वजह से 22 नवम्बर को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में अब तक कोई काम नहीं सका है।

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पर प्रतिदिन 2.5 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इस शीतकालीन सत्र में संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अब तक बाधित रहने के कारण तकरीबन 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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