ओलिंपिक में डाव केमिकल प्रायोजक?

जनता जनार्दन संवाददाता , Nov 29, 2011, 17:49 pm IST
Keywords: London Olympic Games   Sponsor   Union Carbide   Resistance   Dow Chemical   डाव केमिकल   लंदन ओलिंपिक   प्रायोजक   यूनियन कार्बाइड   विरोध   
फ़ॉन्ट साइज :
ओलिंपिक में डाव केमिकल प्रायोजक?  भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 27 वर्ष पहले हुई दुनिया की बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक के लिए जिम्मेदार डाव केमिकल को लंदन ओलिंपिक में प्रायोजक बनाए जाने पर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। खेल जगत से जुड़े लोग मानते हैं कि इससे खेल बदनाम होगा।

डाव केमिकल को वर्ष 2012 के लंदन ओलिंपिक का मुख्य प्रायोजक बनाया गया है। यह वही कम्पनी है, जिसके भोपाल स्थित कारखाने 'यूनियन कार्बाइड' से तीन-चार दिसंबर, 1984 की रात को हुए जहरीले गैस के रिसाव के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई और उसके दुष्परिणाम आज भी लोग भुगत रहे हैं।

पूर्व ओलम्पिक खिलाड़ी डाव केमिकल को लंदन ओलिंपिक का मुख्य प्रायोजक बनाए जाने के खिलाफ हैं। उन्होंने इसे लेकर पूरे देश में अभियान भी चला रखा है। पूर्व ओलिंपिक खिलाड़ी जलालुद्दीन रिजवी का कहना है कि ओलिंपिक खेल का आयोजन लोगों को जोड़ने के लिए किया जाता है। इसमें किसी अपराधी या आरोपी को शामिल नहीं किया जाता। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डाव केमिकल को लंदन ओलिंपिक का प्रायोजक बनाया गया है, जो हजारों लोगों की मौत और लाखों की गम्भीर बीमारियों का दोषी है। इससे खेल बदनाम होगा।

रिजवी के अनुसार, ऐसी कम्पनी को न केवल प्रायोजकों की सूची से हटाया जाना चाहिए, बल्कि उसे तो काली सूची में डाल देना चाहिए। इस कम्पनी ने गैस रिसाव से प्रभावित लोगों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लंदन ओलिंपिक में डाव केमिकल की हिस्सेदारी का विरोध किया है, जो स्वागत योग्य है। केंद्र सरकार को भी इस पर सख्त रवैया अपनाना चाहिए।

खेल प्रशिक्षक विकास खराटकर भी लंदन ओलिंपिक में डाव केमिकल की हिस्सेदारी के खिलाफ आवाज उठाने को वाजिब मानते हैं। उनका कहना है कि इस कम्पनी ने भोपाल को जो पीड़ा दी है, उसे आज तक नहीं भुलाया जा सका है। भोपाल हादसे के लिए जिम्मेदार कम्पनी को प्रायोजक की सूची से हटाया जाना चाहिए।

पूर्व ओलम्पिक खिलाड़ी समीर दाद के अनुसार लंदन ओलिंपिक में डाव केमिकल को प्रायोजक बनाना भोपाल के लोगों की भावनाओं का अपमान है। यूनियन कार्बाइड हादसे के जख्म आज भी भरे नहीं हैं। हजारों लोगों की जिंदगी छीनने वाले डाव केमिकल को लंदन ओलिंपिक का प्रायोजक बनाया जाना गलत है। इसका विरोध किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान ने इसका विरोध कर एक सार्थक पहल की है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन को पत्र लिखकर न केवल एतराज जताया है, बल्कि इसके लिए ओलिंपिक का बहिष्कार करने को भी कहा है। कम्पनी को लंदन ओलिंपिक का प्रायोजक बनाए जाने के खिलाफ खिलाड़ी गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर दो दिसंबर को सड़क पर उतरेंगे।
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack