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....ताकि दुनिया में रहे अमन-चैन

जनता जनार्दन संवाददाता , Oct 24, 2011, 12:59 pm IST
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....ताकि दुनिया में रहे अमन-चैन

नई दिल्ली: हर कोई चाहता है कि विश्व में अमन-चैन, नि:शस्त्रीकरण, मानवाधिकारों की रक्षा, गरीबी और अशिक्षा से मुक्ति तथा संक्रामण रोगों का उन्मूलन। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 1945 में 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई और 1948 से प्रत्येक वर्ष इस दिन संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर इसके सदस्य देशों में ज्वलंत मुद्दों पर संगोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। मुख्य आयोजन न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में होता है। भारत में नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र सूचना केंद्र भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों फ्रांस, चीन गणराज्य, तत्कालीन सोवियत संघ, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 24 अक्टूबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र को आधिकारिक तौर पर अंगीकार किया था।

इससे पहले जो वैश्विक संगठन था उसे 'लीग ऑफ नेशंस' नाम दिया गया था। द्वितीय विश्वयुद्ध को रोकने में इसके विफल हो जाने पर इस संगठन को भंग कर दिया गया और द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई।

इस दिवस का आयोजन हेग (नीदरलैंड), जिनेवा (स्विट्जरलैंड), वियना (आस्ट्रिया) और नैरोबी (केन्या) स्थित संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालयों में धूमधाम से किया जाता है। इस अवसर पर महत्वपूर्ण भवनों पर संयुक्त राष्ट्र का ध्वज फहराया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र के कार्यो पर बहस-मुबाहिसे होते हैं तथा आधुनिक विश्व परिदृश्यों के परिप्रेक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता पर संगोष्ठियां आयोजित की जाती हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुख्य लक्ष्य हैं शांति की स्थापना, उच्चस्तरीय न्याय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के स्थायी ढांचे का निर्माण। इसके अन्य कार्य भी है, जैसे शांति की स्थापना एवं मानवाधिकारों की रक्षा में सदस्य देशों को मदद देने के लिए वैश्विक मंच के तौर पर मुद्दों पर विचार-विमर्श कर समुचित निर्णय लेना।

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के प्रमुख शहरों में इस अवसर पर रैलियां निकाली जाती हैं। वक्ता संयुक्त राष्ट्र के कार्यो और उपलब्धियों पर रोशनी डालते हैं। संगीत और नृत्य के कार्यक्रमों के साथ उत्सव मनाया जाता है, साथ ही प्रीतिभोज में हजारों लोग शामिल होते हैं।

संयक्त राष्ट्र अपने उद्देश्यों पर अकेले कार्य नहीं करता, बल्कि अपनी विशिष्ट एजेंसियों की मदद लेता है। ये एजेंसिया हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को), संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (यूनिसेफ), अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग (यूएनएचसीआर) तथा सं.रा. मानवाधिकार परिषद् (यूएनएचआरसी)।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने अपने संदेश में कहा है, "आज उठाए गए कदमों को हम तभी सार्थक मानेंगे जब भविष्य में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आइए, हम सब अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समर्पित हों।"

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