Monday, 06 December 2021  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

स्किन-टू-स्किन टच के बिना सेक्‍सुअल असॉल्‍ट पर बड़ा फैसला

जनता जनार्दन संवाददाता , Nov 18, 2021, 12:47 pm IST
Keywords: Supreme Court   Skin-to-Skin Touch   स्किन-टू-स्किन टच   बॉम्‍बे हाई कोर्ट  
फ़ॉन्ट साइज :
स्किन-टू-स्किन टच के बिना सेक्‍सुअल असॉल्‍ट पर बड़ा फैसला नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 'स्किन-टू-स्किन टच को लेकर दिए गए बॉम्‍बे हाई कोर्ट  के फैसले को खारिज कर दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला 30 सितंबर को सुरक्षित रख लिया था. जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य अपराधी को कानून के जाल से बचने की अनुमति देना नहीं हो सकता.

बता दें कि बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने पहले फैसला सुनाते हुए कहा था कि नाबालिग के अंदरूनी अंग को बिना कपड़े हटाए छूना सेक्सुअल असॉल्ट नहीं है. हाई कोर्ट की नागपुर बेंच की जज पुष्पा गनेडीवाला ने 19 जनवरी फैसला देते हुए कहा कि जब तक 'स्किन-टू-स्किन टच न हो, तब तक यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता है. पुष्पा गनेडीवाला ने कहा था कि किसी हरकत को यौन हमला माने जाने के लिए 'गंदी मंशा से त्वचा से त्वचा (स्किन टू स्किन) का संपर्क होना' जरूरी है.

एक 12 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 39 वर्षीय पुरुष को सेशन कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी, जिस फैसले को संशोधित करते हुए जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने रोक लगा दी थी. उन्होंने अपने फैसले में कहा कि महज छूना भर यौन हमले की परिभाषा में नहीं आता है.

अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से फैसला रद्द करने की गुहार लगाई थी. इसके अलावा राष्‍ट्रीय महिला आयोग की तरफ से भी खास याचिका दायर कर बॉम्‍बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी.

अन्य राष्ट्रीय लेख
वोट दें

क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
सप्ताह की सबसे चर्चित खबर / लेख