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गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने लगा यास, 185 किमी प्रति घंटे हो सकती है रफ्तार

जनता जनार्दन संवाददाता , May 24, 2021, 13:19 pm IST
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गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने लगा यास, 185 किमी प्रति घंटे हो सकती है रफ्तार नई दिल्लीः बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की गति लगातार बढ़ती जा रही है. उसका असर आज से ही इस पूरे इलाके में दिखने की संभावना है. हालांकि यास पश्चिम बंगाल और उत्तर ओड़िशा के समुद्र तट से 26 मई की शाम को टकराएगा. फिलहाल उससे निबटने की तैयारियों में केंद्र व राज्य सरकारें लगी हैं. सेना के तीनों अंग सतर्क हैं. सतर्कता बैठकें जारी हैं.

केंद्र और राज्य सरकारों के कई मंत्रालय एक दूसरे के साथ जुड़े हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय भी लगातार इस पर नजर बनाए हुए है. नौसेना के चार जंगी जहाज और हेलिकॉप्टर,  वायुसेना के 11 मालवाहक विमान और चीता, चेतक व एमआई-17 जैसे 25 हेलिकॉप्टरों की तैनाती की गई है.

उधर, चक्रवाती तूफान 'यास' के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए बांग्लादेश में 75,000 से ज्यादा स्वयंसेवकों को तैयार किया गया है. तूफान अब बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में विकसित हो रहा है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. इस वक्त 'यास' बालासोर से लगभग 650 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पूर्व में है. यह उत्तर दिशा में ओड़िशा तट की ओर बढ़ रहा है. 25 मई की सुबह तक तूफान प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा.

26 मई की शाम तक बालासोर और मिदिनीपुर पहुंचेगा. आज कुछ जगहों पर 90-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. कल करीब 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी. इसके बाद इसकी गति जमीन से टकराने के पहले तक बढ़ती ही जाएगी.

आईएमडी के मुताबिक 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाला यास 26 मई की शाम को 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल और उत्तर ओड़िशा के समुद्र तटों से टकरा सकता है. इससे बंगाल तथा उत्तर ओड़िशा के तटीय जिलों में भारी वर्षा हो सकती है.

अभी सटीक तौर पर यह बता पाना मुश्किल है कि चक्रवाती तूफान यास कितने बड़े क्षेत्र से ये टकराएगा लेकिन उत्तरी ओड़िशा यानी बालासोर और तटीय पश्चिम बंगाल यानी दीघा के बीच इसका सबसे ज्यादा असर दिखेगा. इस तूफान के चलते 25 तारीख की शाम से ही तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो जाएगी.

उसी दिन पूर्णिमा और चंद्रग्रहण होने से समुद्र का पानी भी बढ़ा होगा, ऐसे में खतरा दोगुना है. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव की वजह से उठने वाला तूफान यास को लेकर मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले 24 घंटे में यास 'गंभीर चक्रवाती तूफान' में बदल सकता है.

यास से निबटने के लिए कोलकाता में शहर के 74 पंपिंग स्टेशनों की जांच की गई है. वहीं, ओड़िशा के 8 जिलों में भी रेड वार्निंग जारी की गई है. ओड़िशा-बंगाल में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है.

इस बीच यास तूफान की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं. बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सेना के बड़े अधिकारियों के अलावा ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल भी शामिल हैं.

इससे पहले  रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चक्रवात यास को लेकर समीक्षा बैठक की थी. इस बैठक में भी गृहमंत्री अमित शाह शामिल थे.

प्रधानमंत्री ने जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने को कहा साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को राज्यों के साथ निकट सहयोग के साथ काम करने की अपील भी की. उन्होंने सभी विभागों को बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क में कटौती का समय कम करने और बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क की तेजी से बहाली के निर्देश दिए.

तूफान के असर से ओड़िशा, बंगाल, सिक्किम, बिहार और झारखंड में भारी बारिश का अनुमान है. तटीय इलाकों में  पानी भरने का खतरा है. नदियों में पानी भी भरेगा. लोगों को हिदायत दी गई है कि वे कमजोर छतों वाले घर को या तो ठीक कर लें या छोड़ दें. खाने पीने की चीजें खासकर सूखे खाने का इंतजाम करके रख लें. बिजली नहीं रहेगी तो उसका भी विकल्प रख लें.

भारतीय तटरक्षक बल भी तटीय इलाकों में लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं. वहीं, मानवीय मदद के लिए सात जहाज और आपदा राहत टीमों को पश्चिमी तट पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.

पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा समुद्र में सभी तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने तथा जहाजों को सुरक्षित बंदरगाह पर लाने के कदम उठाए गए हैं. बिजली मंत्रालय ने आपात प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी है और ट्रांसफॉर्मरों और संबंधित उपकरणों को तैयार रखा है, ताकि बिजली की फौरन बहाली की जा सके.

दूरसंचार मंत्रालय टावरों और एक्सचेंजों पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित होने वाले राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रभावित इलाकों में कोविड की स्थिति से निपटने के लिए परामर्श जारी किया है.  

पश्चिम बंगाल और ओडिशा पर मंडरा रहे चत्रवाती तूफान यास के खतरे को देखते हुए पूर्वी रेलवे ने 24 मई से 29 मई के बीच 25 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस फैसले की जानकारी दी और रद्द की गई ट्रेनों की सूची भी साझा की.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान लगाया है कि 24 मई को उत्तर और दक्षिण गोवा में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. बिहार का भी मौसम इससे बदल सकता है.

इतना ही नहीं, ताउते के बाद अब बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान यास से उत्तर प्रदेश का मौसम भी बदलेगा. आने वाले 48 घंटों में प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं.

मई के महीने में इस तरह से बदलते मौसम को देखते हुए लोग कयास लगा रहे हैं कि इस बार मानसून जल्द आ सकती है लेकिन मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि समय से पहले मानसून नहीं आएगा. राजधानी दिल्ली का मौसम पहले ही बदला हुआ है.

स्काईमेट वेदर ने पहले दावा किया था कि ओमान द्वारा नामित चक्रवात यास का जीवनकाल केवल 48 घंटों का होगा. इस अवधि के दौरान तूफान के गंभीर होने और उत्तर-पश्चिम की ओर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है.
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