वसंत पंचमी का त्यौहार, ऐसे हुआ मां सरस्वती का अवतार

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 14, 2021, 13:10 pm IST
Keywords: Saraswati   Basant Panchmi 2021   Basant Panchami  
फ़ॉन्ट साइज :
वसंत पंचमी का त्यौहार, ऐसे हुआ मां सरस्वती का अवतार

हर साल की तरह इस साल भी वसंत पंचमी के आगमन को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. देशभर में 16 फरवरी को वसंत पंचमी मनाई जाएगी. इसी दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना भी की जाएगी. कहा जाता है कि मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान का विस्तार होता है. मान्यता है कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुईं थी और इसीलिए इस तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है. ज्ञान की देवी होने और इस तिथि को प्रकट होने की वजह से मां सरस्वती की पूजा की जाती है.

इस दिन के लिए पीले रंग का विशेष महत्व माना गया है. वसंत पंचमी के दिन पीले फूल, पीले मिष्ठान अर्पित करना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है. इस दिन पीले वस्त्र पहनने और भेंट करने चाहिए. इस दिन लोग सुबह उठाकर स्नान करते हैं. इसके बाद शिक्षा से जुड़ी चीजों की पूजा करते हैं. इस दिन जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है. साथ ही साथ मां सरस्वती की आरती की जाती है.

पूजन सामग्रियों की लिस्ट पर एक नजर

मां सरस्वती की पूजा के दौरान विशेष रूप से दूध, दही, मक्खन, धान का लावा, तिल के लड्डू, गन्ने का रस, पका हुआ गुड़, चंदन, शुद्ध घी, अदरक, सफेद धान के अक्षत, श्वेत चंदन, पीला वस्त्र, शर्करा, नारियल, श्रीफल, बदरीफल, गुलाल आदि का इस्तेमाल किया जाता है.

वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार वसंत पंचमी शुभ मुहूर्त निकाला जाता है. इस बार 16 फरवरी को सुबह 03 बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि आरंभ होगी और इसका समापन 17 फरवरी को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा.

वसंत पंचमी के दिन लगाएं भोग

इस दिन के लिए पीले रंग का विशेष महत्व माना गया है. वसंत पंचमी के दिन पीले फूल, पीले मिष्ठान अर्पित करना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है. इस दिन पीले वस्त्र पहनने और भेंट करने चाहिए.

अन्य धर्म-अध्यात्म लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack