Wednesday, 14 April 2021  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

...और राकेश टिकैत के आंसू ने दे दी किसान आंदोलन को संजीवनी

जनता जनार्दन संवाददाता , Jan 29, 2021, 10:01 am IST
Keywords: Farmers Protest   Farmer Unions   End Protest   Ghazipur Border   Protest End   किसान आंदोलन   किसान संगठन   गाजीपुर बोर्डर  
फ़ॉन्ट साइज :
...और राकेश टिकैत के आंसू ने दे दी किसान आंदोलन को संजीवनी नई दिल्लीः किसान आंदोलन लाल किला पर हिंसा के बाद की शुरुआती बदनामी और झटके से उबर गया है. किसान फिर एकजुट हो गए हैं और दिल्ली की दूसरे राज्यों से सटी सीमाओं पर किसानों का जमावड़ा बढ़ने लगा है.

गाजीपुर सीमा पर गुरुवार देर शाम से आधी रात तक किसान व सरकार के बीच दबाव का खेल चलता रहा. गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस और फोर्स की मौजूदगी इस ओर इशारा कर रही थी कि कल की रात आंदोलन के लिए निर्णायक रात होगी, मगर तभी राकेश टिकैत के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने माहौल को बदल दिया.

गाजियाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों को गुरुवार आधी रात तक यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया था, वहीं किसान नेता राकेश टिकैत अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि वह आत्महत्या कर लेंगे लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टिकैत फूट-फूटकर रोते नजर आए.

यूपी सरकार द्वारा आंदोलन खत्म कराने के मौखिक आदेश के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे. टिकैत ने रोते हुए कहा कि वे आत्महत्या कर लेंगे, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं करेंगे. टिकैत ने बताया कि शुक्रवार सुबह से बड़ी संख्या में किसान धरनास्थल पर जुटना शुरू होंगे.

इस सिलसिले में मुजफ्फरनगर में शुक्रवार सुबह पंचायत भी बुलाई गई है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से देर रात में किसानों ने दिल्ली की तरफ कूच करना शुरू कर दिया है.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत पत्रकारों से बातचीत करते हुए रो पड़े. भावुक होते हुए टिकैत ने कहा, ''यहां अत्याचार हो रहा है, लेकिन हमारा आंदोलन जारी रहेगा. ये कानून वापस होंगे. यदि ये कानून वापस नहीं हुए तो राकेश टिकैत आत्महत्या करेगा.''

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को मारने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी के विधायक यहां 300 लोगों के साथ लाठी डंडे लेकर आए हैं. इससे पहले, टिकैत ने सरेंडर करने को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वे सरेंडर नहीं करने जा रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा जिसने भी लाल किले पर तिरंगे के अलावा झंडा फहराया था, उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को जांच करनी चाहिए. उन्होंने कोर्ट से कमेटी के गठन की भी मांग की.

सरकार द्वारा किसानों का धरना समाप्त कराने की घोषणा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर जारी अफरा-तफरी के बीच गाजियाबाद से जुड़ी नोएडा की सीमाओं को सील कर दिया गया है. नोएडा पुलिस ने एनएच-24 से जुड़ी सीमाओं पर भारी संख्या में पुलिस को तैनात कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारी किसान गाजीपुर बॉर्डर से नोएडा में प्रवेश न कर सकें.

नोएडा पुलिस को आशंका है कि किसान गाजीपुर बॉर्डर से नोएडा में प्रवेश कर सकते हैं.इसके तहत गाजियाबाद से जुड़ी नोएडा की सीमाओं को सील कर दिया गया है. सीमाओं पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस ने सेक्टर-62 गोल चक्कर, एफएनजी मोड और एनआईबी क्षेत्र में बैरिकेड्स लगा दिए हैं. तीनों जगहों पर थाना प्रभारी सहित पुलिस को तैनात किया गया है. पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि किसी भी सूरत में किसानों को नोएडा में प्रवेश न करने दिया जाए। यदि कोई जबरन प्रवेश करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारी किसानों को जल्द से जल्द हटाने का आदेश जारी किया है. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसा को लेकर तीन किसान संगठनों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन वापस ले लिया है. इसके बाद प्रशासन ने यह मौखिक निर्देश दिया है. जिले के एक अधिकारी ने कहा कि गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने दिल्ली सीमा पर यूपी गेट पर डेरा डाले प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें रात तक प्रदर्शनस्थल खाली करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन उन्हें हटा देगा।
अन्य राष्ट्रीय लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack