हम पहुँचे प्रयागराज तीर्थस्थल: जहाँ गंगा जमुना और सरस्वती नदियों का एक जगह मिलन होता

अमिय पाण्डेय , Jan 24, 2021, 16:56 pm IST
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हम पहुँचे प्रयागराज तीर्थस्थल: जहाँ गंगा जमुना और सरस्वती नदियों का एक जगह मिलन होता हम आज आपको प्रयागराज के बारे में सटीक जानकारी देंगे क्योंकि अभी मैं प्रयागराज में ही हूं आपने कुम्भ स्नान,गंगा नदी संगम इन सभी नामों से इलाहाबाद को जानते होंगे जो अब प्रयागराज हो गया है।हमने इलाहाबाद में एक पुरुष मिले जो यहाँ के बारे में बताने लगे तो चलिए हम चर्चा करते।गंगा ,यमुना, सरस्वती,इलाहाबाद प्रयागराज एक ऐसा जगह है जहां संगम देखने के साथ आपको तीनो नदिया एक साथ एक ही दिशा में बहते हुए नज़र आएंगे।गंगा का रंग सफेद यानी यमुना का हल्का कालेपन व सरस्वती का हल्का रेड वाइट।और यह तीनों नदिया धर्म और अध्यात्म को जोड़ती जो हिन्दू धर्म मे विश्वास रखते है। यहां आने का मार्ग सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग भी है पास में किराए के रूम भी आपको यही मिल जाएगी।तो अगर आप यूपी आना चाहते घूमने के दृष्टिकोण से तो प्रयागराज संगम, बड़े हनुमान से,इस्कोन टेम्पल जरूर घूमें।और आपको बतादे की यहाँ यूपी का हाईकोर्ट भी हैं।

दरअसल इसके पीछे एक कथा है यह कथा श्रीमद्भागवत पुराण में बड़े ही बड़े विस्तार से मिलती है। सरस्वती पूर्व काल में स्वर्ण भूमि में बहा करती थी।स्वर्णभूमि का बाद में नाम स्वरणराष्ट्र पड़ा। धीरे धीरे कालांतर में यह सौराष्ट्र हो गया। किंतु यह सौराष्ट्र प्राचीन काल मे पूरा मारवाड़ भी अपने अंदर समेटे हुए था।सरस्वती यहां पर बड़े ही प्रेम से बहती थी।नित्य इनकी पूजा व अर्चना होती थी।सरस्वती ब्रह्मा जी से आज्ञा लेकर प्रयाग में आकर रहने लगी।जब सौराष्ट्र छोड़कर प्रयागराज में सरस्वती आयी तो वह स्थल मरुस्थल हो गया जिसे राजस्थान के नाम से जानते है।।यह बड़े हनुमान जी के पुजारी गिरी महाराज ने बताया हैं।
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