कोई दिक्कत है इसे यूज करना छोड़ दें वॉट्सऐप: दिल्ली हाई कोर्ट

जनता जनार्दन संवाददाता , Jan 19, 2021, 12:45 pm IST
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कोई दिक्कत है इसे यूज करना छोड़ दें वॉट्सऐप: दिल्ली हाई कोर्ट

व्हाट्सएप ने हाल ही में अपने उपयोक्ताओं को सेवा की शर्तों और गोपनीयता की नीति के बारे में अपडेट देना शुरू किया था। व्हाट्सएप ने इसमें बताया था कि वह कैसे उपयोक्ताओं के डेटा का प्रसंस्करण करती है और उन्हें (डेटा को) फेसबुक के साथ किस तरह से साझा करती है। अपडेट में यह भी कहा गया कि व्हाट्सएप की सेवाओं का उपयोग जारी रखने के लिये उपयोक्ताओं को 8 फरवरी, 2021 तक नई शर्तों और नीति से सहमत होना होगा। इसने इंटरनेट पर व्हाट्सएप के फेसबुक के साथ उपयोगकर्ताओं की जानकारियां साझा करने को लेकर बहस की शुरुआत कर दी। इसके बाद सिग्नल और टेलीग्राम जैसे प्रतिद्वंद्वी ऐप के डाउनलोड में वृद्धि देखी जा रही है। टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क भी इस बहस में कूद पड़े और उन्होंने लोगों से व्हाट्सएप का इस्तेमाल बंद करने की अपील भी की। व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथार्ट ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए इस बारे में अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी नीति ‘पारदर्शी होने और पीपुल-टू-बिनजस के वैकल्पिक फीचर की जानकारी देने' के लिए अपडेट की है। उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि यह अपडेट कारोबार संबंधी जानकारियां देने के लिये है। इससे फेसबुक के साथ डेटा साझा करने की हमारी नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।’ हालांकि लोगों की चिंताएं बढ़ती देख व्हाट्सएप को अपने प्लान को रोकना पड़ा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी पर सोमवार को कहा कि ये एक प्राइवेट ऐप है, और अगर आपको इससे किसी तरह की कोई दिक्कत है इसे यूज करना छोड़ दें. वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वॉट्सऐप प्राइवेट ऐप है अगर आपको कोई दिक्कत है तो उसका इस्तेमाल ना करें. अब दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुवनाई 25 जनवरी को होगी. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि उन्हें संदेह है कि आपने किसी भी ऐप की कोई भी नीतियां पढ़ी है. अगर आप नहीं चाहते हैं, तो इस ऐप का इस्तेमाल ना करें. साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा आपको लगता है कि डेटा से क्या समझौता किया जा रहा है?
इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि वॉट्सऐप सब कुछ इकट्ठा करता है और उसको विश्व स्तर पर शेयर किया जाता है. यूरोपीय देशों और अमेरिका में व्हाट्सएप नई प्राइवेसी पॉलिसी के इस्तेमाल के लिए ऑप्शन देता है, लेकिन भारत में इसके इस्तेमाल के लिए कोई ऑप्शन नहीं दिया गया है.
वॉट्सऐप की ओर से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि ऐप पूरी तरह से उपयोग करने के लिए सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि वो याचिकाकर्ता को आश्वस्त करते हैं कि मित्रों, रिश्तेदारों, आदि के बीच सभी बातचीत एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित रहेगी. उधर वॉट्सऐप ने अब 8 फरवरी की अपनी डेडलाइन को बढ़ाकर 15 मई तक कर दिया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि.

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