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किसान आंदोलन को विदेशी नेताओं का समर्थन, सरकार ने कहा हमारा आंतरिक मामला

जनता जनार्दन संवाददाता , Dec 03, 2020, 10:46 am IST
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किसान आंदोलन को विदेशी नेताओं का समर्थन, सरकार ने कहा हमारा आंतरिक मामला किसान आंदोलन को विदेशी नेताओं का समर्थन, सरकार ने कहा हमारा आंतरिक मामला



लंदन: देश में चल रहे किसान आंदोलन को विदेशी नेताओं का समर्थन मिल रहा है. भारत सरकार ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि यह हमारा आंतरिक मामला है.

ब्रिटिश सिख विपक्षी राजनेताओं ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में आवाज उठाई है और यथाशीघ्र शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है. भारत ने किसानों के विरोध प्रदर्शनों पर विदेशी नेताओं की टिप्पणी को अवांछित बताया है क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित है.

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भी मंगलवार को भारत में किसान आंदोलन के बीच सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे. मोदी सरकार के नए कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ हज़ारों की तादाद में किसान सड़क पर हैं. ट्रूडो ने इन्हीं किसान प्रदर्शनकारियों के साथ भारतीय सुरक्षा बलों के रवैए को लेकर चिंता जताई और कहा है कि उनकी सरकार हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का समर्थक रही है.

ट्रूडो के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्रूडो के बयान को अधकचरा और सच्चाई से परे बताया.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री का बयान ग़ैर-ज़रूरी और एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने जैसा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा था,‘‘हमने भारत में किसानों से संबंधित कुछ गलत जानकारी वाली टिप्पणियां देखी हैं. इस तरह की टिप्पणियां अवांछित हैं खासकर तब जब विषय एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित हैं.”

एक संक्षिप्त संदेश में मंत्रालय ने आगे कहा, “राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राजनयिक बातचीत को गलत ढंग से प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए.” ब्रिटेन में कई विपक्षी सांसद सोशल मीडिया पर इस विषय पर अपनी बात रख रहे हैं और लेबर सांसद विरेंद्र शर्मा ने यथाशीघ्र समाधान का आह्वान किया है. लार्ड इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को हाऊस ऑफ लार्ड्स में यह मुद्दा उठाया था.
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