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Chandauli: सोशल मीडिया पर वायरल लिस्ट की जांच करेंगे एएसपी, मुगलसराय कोतवाली पर सोशल मीडिया लिस्ट में अवैध वसूली का लग रहा आरोप

अमिय पाण्डेय , Sep 25, 2020, 19:38 pm IST
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Chandauli: सोशल मीडिया पर वायरल लिस्ट की जांच करेंगे एएसपी, मुगलसराय कोतवाली पर सोशल मीडिया लिस्ट में अवैध वसूली का लग रहा आरोप
चंदौली: मुगलसराय कोतवाली द्वारा अवैध वसूली की कथित लिस्ट सोशल मीडिया में वायरल लिस्ट आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया।लिस्ट सही या गलत इस बात की पुष्टि नही हो पाई है लेकिन पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौप दी है।पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार उक्त लिस्ट रेखा सिंह नाम के फेसबुक आईडी से पोस्ट कर वायरल किया गया है जिसमें इस लिस्ट को सौमित्र नामक व्यक्ति द्वारा तैयार किया जाना बताया गया है। सौमित्र मुखर्जी द्वारा अपनें पद व प्रभाव के कारण वर्ष 2015 में थाना सिगरा जनपद वाराणसी स्थित एक व्यक्ति की जमीन पर दूसरे का कब्जा करा दिया गया था। 
 
जिस सम्बन्ध में उच्चाधिकारीगण द्वारा की गयी जांचोपरान्त मु0अ0सं0- 129/15 धारा 380/384/506/448/120B भादवि में आरोप पत्र प्रेपित कर दिया गया था। उस समय वर्तमान प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय, उस थाने के थानाध्यक्ष थे।तब से ही इस व्यक्ति द्वारा शिवानंद मिश्रा (वर्तमान प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय) को उक्त कार्यवाही का जिम्मेदार मानते हुए अनावश्यक रूप एवं विभिन्न माध्यमों से विभागीय व व्यक्तिगत क्षति पहुचाने की चेष्ठा की जाती रही है। रेखा सिंह नाम के जिस फेसबुक आईडी से वायरल लिस्ट पोस्ट की गयी वह रेखा चौहान नामक महिला की है। जो मैनाताली थाना मुगलसराय जनपद चन्दौली की निवासिनी हैं। इनके द्वारा नगर पालिका की जमीन पर कब्जा करने का विवाद है। जिस सम्बन्ध में थाना मुगलसराय पर एनसीआर 132/19 धारा 427 भादवि, मु0अ0सं0- 230/20 धारा 147/323/452/506 भादवि व मुकदमा संख्या 652/20 धारा 323/352/504/427 भादवि एवं 3(1)(द) एस0सी0/एस0टी0 एक्ट पंजीकृत हुआ था। जिसमें आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।
 
प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय द्वारा इनको नियम विरूद्ध सहयोग न करने पर इन्होनें प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय के विरूद्ध सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्मों पर लिखने व ब्लैकमेल करनें लगीं।असंवैधानिक कार्य में सहयोग करने से फिर भी इनकार करने पर इनके द्वारा ऐसी तथाकथित लिस्ट वायरल की गयी।पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया उक्त कथित वायरल लिस्ट व्यक्तिगत रंजिसवश वायरल किया जाना प्रतीत हो रहा है। फिर भी प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए जांच अपर पुलिस अधीक्षक को दी गयी है। जिसमें किसी भी प्रकार की वास्तविकता/सत्यता पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
 
इन सब के बीच कई सवाल भी खड़े हो रहे है कि लिस्ट में कुछ नाम ऐसे है जिनके नाम आमजन के बीच जाहिर नही है।बावजूद इसके उनके अवैध कार्यो का उल्लेख किया जाना कही न कही विभागीय मनमुटाव के तरफ भी ध्यान आकृष्ट कराता है।देखा जाय तो लिस्ट को लेकर संशय अभी भी बरकरार है।अब देखने वाली बात यह होगी कि अपर पुलिस अधीक्षक की जांच सच्चाई से पर्दा कब तक उठा पाती है.क्योंकि मुगलसराय को हम मिनी बनारस और चंदौली जिले के अच्छे छोटे शहरों में जानते है।
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