उत्तराखंड के सांस्कृतिक कलाकारों पर पड़ा लॉकडाउन का असर

उत्तराखंड के सांस्कृतिक कलाकारों पर पड़ा लॉकडाउन का असर
दिल्ली: वैश्विक महामारी कोरोना (कोविड-19) के कारण लॉकडाउन का असर राजधानी दिल्ली और एनसीआर में रह रहे सैकड़ों उत्तराखंड मूल के सांस्कृतिक कलाकारों पर भी पड़ा है। इन कलाकारों के पास न तो रोजगार के साधन हैं और न ही दो वक्त की रोटी जुटाने के साधन।

कलाकारों की इस समस्या से टेलीकांफ्रेंसिंग के जरिए रु-ब-रु हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कमेटी के महासचिव हरीश रावत। कलाकारों ने लॉकडाउन के दौरान हो रही आर्थिक समस्याओं से पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

हरीश रावत ने कलाकारों को अवगत कराया कि उन्होनें राजधानी दिल्ली में उत्तराखंड मूल के तकरीबन सवा सौ सांस्कृतिक कलाकारों को मासिक वित्तीय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया से पत्र लिखकर किया है। उन्होंने कहा कि वे कलाकारों को हो रही आर्थिक दिक्कतों के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड के सांस्कृतिक मंत्री सतपाल महाराज को पत्र लिखकर उत्तराखंड के सांस्कृतिक कलाकारों की आर्थिक समस्या का समाधान ढूंढने का अनुरोध कर चुके हैं।

इस मुहिम में कलाकारों का साथ दे रहे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह-सचिव हरिपाल रावत ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के सांस्कृतिक कलाकारों की एक फेडरेशन बनाने का भी प्रस्ताव of आया है। जिसके bhi अंतर्गत सभी कलाकारों का पंजीकरण किया जाएगा। फेडरेशन कलाकारों के हितों की रक्षा के अलावा वक्त-बेवक्त आर्थिक कठिनाइयों में भी मदद करेगी।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में दिल्ली एनसीआर के इन वरिष्ठ कलाकारों जिसमें श्री कैलाश चंद द्विवेदी, श्रीमती संयोगिताध्यानी, कुसुम चौहान,मोहन मंडराल ,गीता गोसाई, खुशहाल सिंह बिस्ट,कौशल पांडे, महेश प्रकाश ,सतेंद्र नेगी राही ,वीरेंद्र नेगी राही ,राजेश मालगुडी, विशन हरियाला, हरीश मधुर अनिल पंत, वेदप्रकाश भदोला, नरेंद्र रौथान,नरेंद्र पांथरी,सुमन गौड़, कुसुम बिष्ट ,विजय सैलानी, जनार्दन नौटियाल , जगदीश आगरी,सुशीला रावत, मीना राणा ,डॉक्टर सतीश कालेश्वरी, और श्री राकेश भारद्वाज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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