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कोरोना काल में अब तक 4 बार देश को संबोधित कर चुके हैं पीएम मोदी

जनता जनार्दन संवाददाता , May 12, 2020, 15:14 pm IST
Keywords: PM Modi Has Addressd The Country   देश में कोरोना काल   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी   
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कोरोना काल में अब तक 4 बार देश को संबोधित कर चुके हैं पीएम मोदी

दिल्ली: देश में कोरोना काल शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबतक चार बार देश को संबोधित कर चुके हैं. आज पीएम मोदी एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करेंगे. लॉकडाउन का तीसरा चरण पांच दिन बाद 17 मई को खत्म होगा. ऐसे में पीएम मोदी लॉकडाउन 4.0 को लेकर कोई एलान कर सकते हैं. जानिए पीएम मोदी ने अपने पिछले चार संबोधन के दौरान क्या-क्या कहा.

19 मार्च- जनता कर्फ्यू

पीएम मोदी ने 19 मार्च को देश के नाम संबोधन में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में संयम और संकल्प का आह्वान करते हुए देशवासियों से जनता कर्फ्यू लागू करने की अपील की थी. उन्होंने करीब 30 मिनट के अपने संबोधन में कोरोना वायरस के खतरे पर जोर देते हुए लोगों से घरों के अंदर रहने और जितना संभव हो सके उतना घर से काम करने के लिए कहा था. उन्होंने कहा था कि दुनिया ने इतना गंभीर संकट पहले कभी नहीं देखा.


24 मार्च- 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान


24 मार्च को कोरोना वायरस को लेकर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, आपके परिवार को बचाने के लिए घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है. हर गली मोहल्ले, कस्बे को लॉकडाउन किया जा रहा है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ‘’जान है तो जहान है.’’


3 अप्रैल- कोरोना वॉरियर्स का सम्मान


तीन अप्रैल को पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करने की अपील की थी. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ‘’5 अप्रैल की रात 9 बजे देशभर के लोग 9 मिनट के लिये अपने घरों की बत्तियां बंद कर दें और उसके बदले में दिये या फिर मोमबत्ती जलाएं.’’ पीएम का मकसद कोरोना के खिलाफ देश को एकता के सूत्र में बांधना था.

14 अप्रैल- लॉकडाउन का विस्तार

पीएम मोदी ने 14 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन में लॉकडाउन को 19 दिन और बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया था. इस दौरान पीएम मोदी ने आम लोगों की दिक्कतों की बात कही और कहा कि संकट के इस दौर में सीमित संसाधनों के बीच हम लॉकडाउन से ही इस बीमारी को हरा सकते हैं. उन्होंने संबोधन में बुजुर्गों का खास ख्याल, सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल और गरीब परिवार की देखरेख करने की अपील की थी.

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