चंदौली: कर्मनाशा नदी वैकल्पिक मार्ग बनाना 10 दिन में आसान नहीं, लग सकता अभी वक़्त, सांसद ने कार्यवाही की बात कही लेकिन?

चंदौली: कर्मनाशा नदी वैकल्पिक मार्ग बनाना 10 दिन में आसान नहीं, लग सकता अभी वक़्त, सांसद ने कार्यवाही की बात कही लेकिन?
चंदौली: कर्मनाशा नदी क्षतिग्रस्त पुल के बाद वैकल्पिक मार्ग बनने में अभी कुछ दिन का वक़्त लग सकता है तब तक अगर आप भारी वाहनों के मालिक है तो अपने लिए डायवर्जन रूट ही तय करे जाये,जैसा की रामनगर वाराणसी टेंगरा मोड़ होते रॉबर्ट्सगंज और उसके बाद दुद्धी चोपन झारखण्ड के गढ़वा होते हरिहरगंज और बिहार के औरंगाबाद होते NH-2 पकड़ कोलकाता ठीक वैसे ही औरंगाबाद बिहार होते हरिहरगंज के गढ़वा रास्ते  टेंगरा मोड़.

गौरतलब: यूपी बिहार बॉर्डर पर बना कर्मनाशा नदी पुल 10 सालो  में ही क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन इन सभी के बावजूद सांसद चंदौली डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने जांच के आदेश के बाद दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की बात कही है.अब देखना यह दिलचस्प होगा की दोषी कौन? वह पुल बनाने वाली संस्था या इस रोड पर चलने वाले ओवर लोड गाड़िया या इस ओवर लोड गाड़ियों को चलवाने वाले साहेब! या प्रशासनिक अमला क्योकि सवाल यह भी उठता की बिहार से आने वाली ओवरलोड गाड़िया यहां तक बगैर रास्ते में चेक किये कैसे पहुँचती और पहुंच भी जाती है  तो यूपी में कैसे इंट्री कर आगे निकल जाती।  यह तो जांच का विषय बनता है.और ईमानदार सांसद ने कहा है तो कार्यवाही तो होकर रहेंगी.
अन्य हादसा लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack