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सट्टादार कर्मचारी संघ का 43वां वर्षगांठ सम्पन्न

सट्टादार कर्मचारी संघ का 43वां वर्षगांठ सम्पन्न सासाराम: बिहार राज्य सट्टादार (लम्बरदार) कर्मचारी संघ सिचाई विभाग का 43वां वर्षगांठ आज संघ के स्थानीय कार्यालय आर.पी.एलौन नगर में सत्यनारायण स्वामी की अध्यक्षता तथा मुक्तिनारायन मिश्रा के संचालन में सम्पन्न हुआ। उदघाटन नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुग्रीव प्रसाद सिंह,बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष डा. वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया।राज्य के सिचाई विभाग में पटवन कर वसूली में विभागीय अधिकारियों का सहयोग करने वाले सट्टादार कर्मचारियों को पटना हाइकोर्ट के दो-दो आदेश के बाद भी उनके बकाये परिश्रमिक (कमीशन) का सरकार द्वारा पूर्ण रूप से भुगतान नही किये जाने से उनमे काफी रोष देखा गया।संघ के संस्थापक महामंत्री रामायण पांडेय एलौन ने बताया की किसानों की सिचाई सुविधा के लिए बिहार में सन 1876 से ही सट्टा प्रथा लागू थी जिसे 1976 में सरकार ने समाप्त कर दिया था।

संघ द्वारा लम्बे संघर्ष के बाद 1988 में दुबारा इसे लागू करवाया गया।सभी सट्टादार नियनानुसार कार्य करते रहे लेकिन उनका कमीशन का भुगतान नही किया गया।जिससे बाध्य होकर पटना हाईकोर्ट में वाद संख्या CWJC 8662/98 , MJC 1269/01  तथा CWJC18649/12 दायर करना पड़ा जिसमें माननीय न्यायालय ने सभी बकाया ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश सरकार को दिया है।लेकिन अबतक उसका भुगतान नही हो सका है।बहुत सारे पुराने सट्टादार अब हमारे बीच नही रहे, बकाये राशी का उनके परिजनों को भुगतान करवाने के लिए संघ का संघर्ष जारी है ।

उन्होंने सभी बकाया ब्याज समेत भुगतान करने,परमीत निर्गत करने,द्वितीय सिचाई आयोग की सिफारिशें लागू कर सट्टादारों को चतुर्थवर्गीय कर्मचारी घोषित करने,नहरों का स्वामित्व व नियंत्रण कृषक समितियों के सौपने के नाम पर किसानों को गुमराह करना बंद करने,सभी लम्बित सिचाई परियोजनायों को पूरा कराने की मांग सरकार से किया।मौके पर  इंदरचंद प्रसाद गुप्ता,अजय कुमार,जमुना सिह,दशरथ सिह,सुनील कुमार,मो.इम्तियाज आलम,विजय कुमार राम,शिवशंकर प्रसाद,अमित चौरसिया,शिवमूरत सिह,कमलेश सिह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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