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प्रशांत किशोर एक बार फिर अपने बयान से चर्चा में हैं

जनता जनार्दन संवाददाता , Dec 21, 2019, 11:39 am IST
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प्रशांत किशोर एक बार फिर अपने बयान से चर्चा में हैं

दिल्ली: प्रशांत किशोर ने अब कांग्रेस के ख़िलाफ़ ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सोनिया गांधी से एनआरसी के मुद्दे पर खुल कर सामने आने को कहा है. पीके ने कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से नीतीश कुमार के फ़ार्मूले पर चलने की अपील की है. गौरतलब है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि वे एनआरसी को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगे. प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के वीडियो पर कमेंट करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है. उनका आरोप है कि कांग्रेस बस दिखावा कर रही है. सोनिया ने कहा था कि कांग्रेस के कार्यकर्ता देश भर में CAA और NRC का विरोध कर रहे हैं. प्रशांत किशोर कहते हैं कि कांग्रेस के नेता ग़ायब हैं. वे सिर्फ़ फ़ोटो खिंचाने के लिए ही कुछ जगहों पर नज़र आए.

जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होते हुए भी प्रशांत किशोर यानी पीके अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ चले गए. मामला नागरिकता संशोधन बिल का था. वे चाहते थे कि जेडीयू संसद में इसके ख़िलाफ़ वोट करे, लेकिन नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर अपने सहयोगी बीजेपी का साथ देने का फ़ैसला किया. इस पर पार्टी में खूब हंगामा भी हुआ. जेडीयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने पीके को भला बुरा कहा. लेकिन पीके अपने स्टैंड पर अड़े रहे. बाद में उन्होंने नीतीश कुमार से पटना में मुलाक़ात की. उन्हें NRC का विरोध करने के लिए मना लिया. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और अरविंद केजरीवाल का चुनाव प्रबंधन देख रहे पीके अब ग़ैर बीजेपी मुख्य मंत्रियों को गोल बंद करने में जुटे हैं. इस मामले में वे काफ़ी आगे बढ़ चुके हैं. कहा जा रहा है कि कई मुख्यमंत्रियों से उन्होंने बातचीत की है.

 इससे पहले संसद में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करने वाली बीजेडी ने अब यू टर्न ले लिया है. ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने NRC के विरोध का एलान किया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र बघेल भी इसके ख़िलाफ़ हैं. लेकिन प्राणांत किशोर को लगता है जिस तरह से कांग्रेस को इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरना चाहिए था. वैसा नहीं हो पाया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का भी इसमुद्दे पर गोल मोल रवैया रहा है. बंगाल में ममता बनर्जी लगातार रैलियां कर CAA और NRC का विरोध कर रही हैं. प्रशांत किशोर चाहते हैं इसी मुद्दे के बहाने कम से कम विपक्ष एकजुट हो. इसीलिए उन्होंने सभी कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने अपने राज्यों में NRC न लागू करने का एलान करें.
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