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लोकसभा में UAPA बिल पास हुआ, शाह-ओवैसी के बीच तीखी बहस

जनता जनार्दन संवाददाता , Jul 24, 2019, 16:13 pm IST
Keywords: Loksabha   Amit Shah Home Minister   Amit Shah Bjp President   Unlawful Activities (Prevention) Amendment Act Bill बिल  
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लोकसभा में UAPA बिल पास हुआ, शाह-ओवैसी के बीच तीखी बहस

दिल्लीः संसद का बजट सत्र चल रहा है और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही है. आज लोकसभा में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण संशोधन बिल यानी UAPA बिल पास हो गया है. अधीर रंजन चौधरी ने इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी में भेजने की मांग की और इस मांग के साथ कांग्रेस ने लोकसभा में वॉकआऊट किया. बिल पर विपक्ष ने डिवीजन ऑफ वोट की मांग की जिसके बाद वोटिंग के जरिए इस बिल को पास किया गया. बिल के पक्ष में 287 वोट पड़े और बिल के विरोध में 8 वोट पड़े.

आज जब गृहमंत्री अमित शाह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम विधेयक 2019 बिल यानी Unlawful Activities (Prevention) Amendment Act Bill पर जवाब दे रहे थे तो एक बार फिर ओवैसी ने अमित शाह के बोलने के दौरान टोकाटोकी की. इस पर अमित शाह ने कहा ओवैसी दोहरा मापदंड अपना रहे हैं. अमित शाह ने ओवैसी से कहा कि कल से अब तक पूरी चर्चा हुई है. लेकिन आपके वोट करने से यदि आपका वोट बैंक खराब हो रहा है और इसलिए आप वोट नहीं करना चाहते , तो कुछ नहीं किया जा सकता है. कुछ दिन पहले भी संसद में एनआईए बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच जोरदार नोंकझोंक हुई थी. 

विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि हम विपक्ष में थे तब भी कहते थे कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कानून होना चाहिए. हम जो ये कानून लेकर आये हैं वो हमारे एजेंसियों को आतंकी और आतंक से 4 कदम आगे ले जाने का काम करेंगे. गृहमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक फर्ज है कि आतंकवाद को समूल नष्ट किया जाए. आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों को आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रावधान की बहुत जरूरत है. पाकिस्तान तक में इसका प्रावधान है. व्यक्ति के मन में आतंकवाद है तो सिर्फ संस्था पर प्रतिबंध लगाने से नहीं होगा.

लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए देश में कठोर से कठोर कानून की जरूरत है और अर्बन माओइज्म के लिए जो काम कर रहे हैं, उनके प्रति जरा भी संवेदना नहीं है. एनआईए का अधिकार पूरे देश में है, राज्यों के एसपी के अधिकार के साथ इस कानून में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. किसी की संपत्ति को केवल अटैच करने का अधिकार होगा न कि कुर्क करने का, कुर्क करने का अधिकार कोर्ट का है.

उत्तर प्रदेश के अमरोहा केस पर बोले शाह

सीआरपीसी के तहत जब किसी को पकड़ा जाता है और उसे बेगुनाह होने पर छोड़ दिया जाता है तो क्या करना चाहिए. क्या सीआरपीसी को भी खत्म कर दिया जाये? अमरोहा में 14 लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर गिरफ्तार किया गया. जबकि 10 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. 4 के खिलाफ जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुए इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एनआईए को जांच न करने न दिया जाए.

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