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प्रियंका जिद्द पर अड़ी हैं कि वह सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाएंगी

अमिय पाण्डेय , Jul 20, 2019, 11:18 am IST
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प्रियंका जिद्द पर अड़ी हैं कि वह सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाएंगी

वाराणसी: घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में हुए खून खराबा के बाद अब सियासी संग्राम शुरू हो गया है. कांग्रेस महासचिव शुक्रवार को बीएचयू के ट्रामा सेंटर में गोलीकांड के घायलों से मिलने के बाद सोनभद्र के लिए रवाना हुई तो मिर्जापुर बॉर्डर पर अदलहाट थाने की पुलिस ने प्रियंका को हिरासत में ले लिया. दरअसल सोनभद्र में जिस जगह घटना हुई वहां धारा 144 लागू है और लोगों को वहां जाने की इजाजत नहीं है.

हिरासत में लिए गए प्रियंका गांधी समेत दस कांग्रेसियों को चुनार किले में रखा गया है. रातभर वह वहां बिना बिजली और बिना पंखे के रहीं. हालांकि वहअपनी जिद्द पर अड़ी हैं कि वह पीड़ितों से मिलकर ही वापस जाएंगी. देर रात उन्होंने ट्वीट भी किया कि वह पीड़ितों से मिलने आईं हैं और उनका निर्णय अडिग है.

फिलहाल प्रियंका चुनारा गेस्ट हाउस में ही हैं और अपने निर्णय पर अड़ी हुई हैं. आइए जानते हैं कल से लेकर आज तक के घटना क्रम के बारे में कि कैसे प्रियंका दिल्ली से पीड़ितों से मिलने के लिए रवाना हुईं लेकिन रास्ते में ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया..

सोनभद्र में हुए नरसंहार के मृतकों के परिजनों से मिलने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दिल्ली से रवाना हुई. प्रियंका गांधी ने वाराणसी के ट्रामा सेंटर में सोनभद्र की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. इस दौरान सोनभद्र हत्याकांड के घायलों के परिनजनों ने प्रियंका गांधी से आपबीती सुनाई.

वहां से उनका काफिला आगे बढ़ा लेकिन प्रशासन ने उसे रास्ते में रोक लिया. मिर्जापुर बॉर्डर पर उनके काफिले को रोक दिया गया.

इसके विरोध में प्रियंका गांधी मिर्जापुर में ही धरने पर बैठ गईं. धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी ने कहा, 'हम बस पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं. मैं तो यहां तक कहा कि मेरे साथ सिर्फ 4 लोग होंगे. फिर भी प्रशासन हमें वहां जाने नहीं दे रहा है. उन्हें हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका जा रहा है. हम यहां शांति से बैठे रहेंगे.

बाद में पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार हैं. लेकिन झुकेंगे नहीं.''

चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी फिर धरने पर बैठ गईं और कहा कि जब तक उन्हें पीड़ित परिवारों से नहीं मिलने दिया जाता है तब तक वह वापस नहीं जाएंगी.

प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ऊपर से ऑर्डर है.' प्रियंका ने एक और ट्वीट किया और लिखा, 'मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूं. जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी. उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है. मगर इसके बावजूद यूपी सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है. जनता सब देख रही है.''

वहीं, कांग्रेस नेता लल्लू सिंह ने दावा किया है कि जिस चुनार गेस्ट हाऊस में प्रियंका गांधी रुकी हुई हैं, वहां अभी भी बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं हैं. उन्होंने बताया कि रात में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने खर्च से जेनरेटर लेकर आए, लेकिन उसने भी काम नहीं किया. हालांकि प्रियंका ने कहा कि रात में कुछ अधिकारी वहां आए और उन्हें एसी वाले घर में चलने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

प्रियंका गांधी के कमरे का दरवाजा सुबह काफी देर तक बंद रहा. शायद वह देर रात तक जागने के कारण देर तक सो रही थीं. उनके कमरे के बाहर पुलिसवाले रातभर पहरा देते रहे. वहीं, कार्यकर्ता फर्श पर दरी बिछाकर सोए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा है कि अंतिम दिन तक यह लड़ाई जारी रहेगी और प्रियंका जी पीड़ितों से बिना मिले वापस नहीं जाएंगी.

प्रियंका गांधी मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में ही रात में रुकी. प्रियंका गांधी ने अपनी गिरफ्तारी और सोनभद्र जाने से रोके जाने पर ट्वीट किया, 'मैंने न कोई कानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है. बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गांव जाने को तैयार हूं, या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूं. लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है.''

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