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हर तरफ गूंज रहा है 5 ट्रिलियन का शब्द, वाराणसी में बोले मोदी

जनता जनार्दन संवाददाता , Jul 06, 2019, 16:00 pm IST
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हर तरफ गूंज रहा है 5 ट्रिलियन का शब्द, वाराणसी में बोले मोदी

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी के देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरूआत की है. यहां बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जबसे देश का बजट पेश हुआ है तभी से हर तरफ ‘पांच ट्रिलियन’ का शब्द गूंज रहा है. मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन तक ले जाना है. ये हमारा लक्ष्य है, लेकिन कुछ लोग हमारे इस लक्ष्य पर शक कर रहे हैं.

बीजेपी सदस्यता अभियान की शुरूआत करने के बाद पीएम मोदी ने कहा, ‘’हमारे प्रेरणापुंज डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर इस कार्यक्रम की शुरुआत होना सोने पर सुहागा है.’’ उन्होंने कहा, ‘’डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को मैं आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं, ये संयोग है कि ये भवन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के नाम पर है और इस कार्यक्रम का शुभारंभ हमारी काशी से शुरु हो रहा है.’’

कुछ लोग हैं जो हम भारतीयों के सामर्थ्य पर शक कर रहे हैं- मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ''कल आपने बजट के बाद टीवी पर और आज अखबारों में एक बात पढ़ी सुनी और देखी होगी- वो है ‘पांच ट्रिलियन इकॉनमी.' इस फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य का मतलब क्या है? एक आम भारतीय की जिंदगी का इससे क्या लेना-देना है, ये आपके लिए, सबके लिए जानना बहुत जरूरी है.'' उन्होंने कहा, ''इसके विषय में जानना सबके लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि कुछ लोग हैं जो हम भारतीयों के सामर्थ्य पर शक कर रहे हैं, वो कह रहे हैं कि भारत के लिए ये लक्ष्य प्राप्त करना बहुत मुश्किल है.''

इस दौरान पीएम मोदी ने एक कविता पढ़ी, ''वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है. चुनौतियों को देखकर, घबराना कैसा इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है. विकास के यज्ञ में जन-जन के परिश्रम की आहुति यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है.'' इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा, ''बात होगी हौंसले की, नई संभावनाओं की, विकास के यज्ञ की, मां भारती की सेवा की और न्यू इंडिया के सपने की. ये सपने बहुत हद तक फाइव ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य से जुड़े हुए हैं.''

अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी जितना बड़ा होगा, देश की समृद्धि उनती ही ज्यादा होगी- मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ''अंग्रेजी में एक कहावत है कि size of the cake matters, यानि जितना बड़ा केक होगा उसका उतना ही बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा. अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी जितना बड़ा होगा, देश की समृद्धि उनती ही ज्यादा होगी.'' उन्होंने कहा, ''आज जिस लक्ष्य की मैं आपसे बात कर रहा हूं वो आपको नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर करेगा, नया लक्ष्य और नया उत्साह भरेगा. नए संकल्प और नए सपने लेकर हम आगे बढ़ेंगे और यही मुश्किलों से मुक्ति का मार्ग है.''

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