पश्चिम बंगाल में हिंसा पर EC सख्त, गृह सचिव भी हटाए गए

जनता जनार्दन संवाददाता , May 15, 2019, 21:30 pm IST
Keywords: Election Commission   West Bengal   Scheduled Deadline   North Kolkata   Election Commission India   पश्चिम बंगाल   बीजेपी अध्यक्ष   
फ़ॉन्ट साइज :
पश्चिम बंगाल में हिंसा पर EC सख्त, गृह सचिव भी हटाए गए

पश्चिम बंगाल: कल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग सख्त हो गया है. आज चुनाव आयोग ने बड़ा एलान किया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार एक दिन पहले यानी 24 घंटे पहले ही खत्म हो जाएगा. जो चुनाव प्रचार शुक्रवार को खत्म होना था वो कल रात 10 बजे से थम जाएगा. राज्य में किसी भी प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधि नहीं की जा सकेगी.

इसके अलावा चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव को भी सेवा मुक्त कर दिया है. चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को गृह सचिव की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश दिया है.

पश्चिम बंगाल में सातवें चरण के तहत 19 मई को 9 सीटों पर वोटिंग होनी है और इसके लिए प्रचार 17 मई को खत्म होना था लेकिन अब ईसी ने आदेश जारी कर पश्चिम बंगाल के नौ लोकसभा क्षेत्रों में बृहस्पतिवार की रात दस बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है. नौ लोकसभा सीटों में दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हॉर्बर, दक्षिणी कोलकाता और उत्तरी कोलकाता में 19 मई को मतदान होना है.

आज चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी. इसके अलावा चुनाव आयोग ने विद्यासागर कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने पर भी रोष व्यक्त किया है. इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि राज्य प्रशासन द्वारा विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ने वालों को जल्द पकड़ा जाएगा.

पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी हिंसा के मद्देनजर राज्य की नौ लोकसभा सीटों पर आगामी 19 मई को होने वाले मतदान के लिये निर्धारित अवधि से एक दिन पहले ही प्रचार अभियान प्रतिबंधित हो जायेगा. चुनाव आयोग ने बुधवार को इस आशय का आदेश जारी करते हुये कहा कि पश्चिम बंगाल में 16 मई को रात दस बजे से हर प्रकार का प्रचार अभियान प्रतिबंधित हो जायेगा. उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब आयोग को चुनावी हिंसा के मद्देनजर किसी चुनाव में निर्धारित अवधि से पहले चुनाव प्रचार प्रतिबंधित करना पड़ा हो.

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को होने वाले मतदान में पश्चिम बंगाल की नौ सीटें भी शामिल हैं. पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इस चरण के मतदान से 48 घंटे पहले, 17 मई को शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार थम जायेगा. लेकिन पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का हवाला देते हुये आयोग ने राज्य में निर्धारित अवधि से एक दिन पहले, 16 मई को रात दस बजे से किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार प्रतिबंधित कर दिया है यह प्रतिबंध राज्य की सभी नौ सीटों पर 19 मई को शाम पांच बजे मतदान पूरा होने तक जारी रहेगा.

चंद्रभूषण कुमार ने ये भी कहा कि मंगलवार को कोलकाता में समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चुनाव आयोग ने गंभीर नाराजगी प्रकट करते हुये यह कार्रवाई की है. उन्होंने कहा, ‘‘यह संभवत: पहला मौका जब आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इस तरह की कार्रवाई करनी पड़ी हो.’’

इस बीच आयोग ने राज्य में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजय नायक को विशेष पर्यवेक्षक और पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी विवेक दुबे को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है. इसके अलावा आयोग ने आईपीएस अधिकारी और पश्चिम बंगाल की खुफिया शाखा सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को सेवा मुक्त कर केन्द्रीय गृह मंत्रालय से संबद्ध कर दिया है. उन्हें 16 मई को सुबह दस बजे तक मंत्रालय को रिपोर्ट करने को कहा गया है. साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को भी सेवामुक्त कर उनका प्रभार राज्य के मुख्य सचिव को सौंपने का आदेश दिया है.

अन्य चुनाव लेख
वोट दें

क्या 2019 लोकसभा चुनाव में NDA पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ सकती है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack