#चन्दौली: राष्ट्रपति का नाम नहीं जानती प्रिंसिपल

#चन्दौली: राष्ट्रपति का नाम नहीं जानती प्रिंसिपल
चन्दौली: भले ही शिक्षा को लेकर के सरकार कितने ही दावे क्यों ना कर रही हो लेकिन आज भी ऐसे कई स्कूल हैं जो उन दावों के पोल खोलते नजर आ रहे हैं। एक तरफ तो पीएम मोदी आज के बच्चों को कल का भविष्य बताते हैं। पर दूसरी तरफ इनके हो भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है मगर इस बात की सुध लेने वाला दूर- दूर तक कोई नहीं है।अध्यापक और उच्च अधिकारी अपनी ही रोटी सेंकने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला चंदौली जिले के एक सरकारी स्कूल का है। जहां बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है.
 
आपको बता दें कि जिले के अति पिछड़े बरहनी ब्लॉक के जलालपुर प्राथमिक विद्यालय में ऐसा ही कुछ नजारा हमें देखने को मिला।जहां बच्चों के भविष्य को ताक पर रखकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था। इस स्कूल में अध्यापिकाओं से पूछे गए कुछ सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के उत्तर तक सही नहीं मिलें। हैं ना आश्चर्य करने वाली बात, मगर यही सच्चाई है। आधे-अधूरे जानकारी के सहारे ये अध्यापिकाएं बच्चों के भविष्य से कितनी आसानी से खेल रही हैं मगर प्रशासन इस बात से बेखबर है.
 
सबसे आश्चर्य वाली बात यहाँ पर यह है कि अध्यापिकाएं तो ऐसी थी ही,लेकिन प्रधानाध्यापिकाओं तक को नहीं पता कि हमारे देश के राष्ट्रपति कौन हैं।चंदौली के केवल ये एक स्कूल का मामला नहीं है बल्कि ऐसे कई स्कूल चंदौली जिले में चल रहे हैं जो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते मिल जायेंगे। प्रशासन और शिक्षा के आला अधिकारियों को इसकी भनक भी नहीं है।बंद कमरे में बैठकर बदहाल शिक्षा प्रणाली को सुधरने की कोशिश कितनी जायज है ये तो सबको सामने से दिखाई दे रहा है।अगर यही हाल रहा अध्यापिकाओं का तो बच्चों का भविष्य तो अंधकार में कहीं लुप्त हो जायेगा.
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