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वायरल टेस्टः PAK में स्मार्टफोन से भी सस्ती मिलती है AK-47 राइफल?

जनता जनार्दन संवाददाता , Nov 29, 2018, 14:42 pm IST
Keywords: वायरल टेस्ट   AK-47   पाकिस्तान   35 किलोमीटर  
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वायरल टेस्टः PAK में स्मार्टफोन से भी सस्ती मिलती है AK-47 राइफल?

Desk JJ: अगर आपको अपनी सुरक्षा के लिए एक रिवॉल्वर खरीदनी हो, तो आपको लाइसेंस के लिए पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटने होंगे. यदि लाइसेंस मिल गया, तो एक बढ़िया रिवॉल्वर खरीदने में भी एक से दो लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे. लेकिन क्या आप यह सोच सकते हैं कि कोई देश ऐसा भी है, जहां मोबाइल फोन की कीमत में आपको एके-47 राइफल मिल सकती है? ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि ऐसी ही खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

ये तो सब जानते हैं कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है, जहां आतंकियों का हथियारों के साथ खुलेआम घूमना आम बात है, लेकिन क्या आपको पता है कि पाकिस्तान में एक जगह ऐसा भी है, जहां क्लाशनिकोव (AK-47) और एमपी सब मशीनगन जैसे ऑटोमेटिक हथियार स्मार्टफोन से भी कम कीमत पर बेचे जाते हैं.

social Media पर वायरल हो रही इस खबर की हकीकत का पता लगाने के लिए 'आजतक' ने वायरल टेस्ट करने का फैसला किया. इसके मुताबिक पाकिस्तान के पेशावर शहर से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर एक ऐसा इलाका है, जहां आपको दुनिया की किसी भी बंदूक का मॉडल मिल जाएगा. यह दुनिया की सबसे सस्ती हथियारों की मंडी है. यहां पुलिस भी जाने से डरती है. इस जगह का नाम है दर्रा आदमखेल.

यह छोटा सा शहर पहाड़ों के बीच बसा है, जहां पर हथियारों की मशहूर मंडी लगती है. यहां ऑटोमेटिक और खतरनाक GUN कौड़ियों के भाव बिकते हैं. पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर में ये एक कबाइली कस्बा है, यहां चप्पे-चप्पे पर हथियारों की दुकाने हैं और घर-घर में हथियार बनाने का काम होता है.

 

यहां बड़े से बड़े हथियार और छोटी से छोटी पिस्टल सिर्फ 4500 से 14000 पाकिस्तानी रुपये में मिल जाते हैं. यहां बनी रूस की एके-47 हो या बुल्गारिया की एमपी-5 की हू-ब-हू कॉपी महज 14 हजार पाकिस्तान रुपये में मिल जाती हैं. दर्रा आदमखेल के कारीगर रूसी, तुर्की और बुल्गारिया के हथियारों की टू-कॉपी बनाने में माहिर हैं. इतना ही नहीं, ये हथियार एक साल की गारंटी के साथ बेचे जाते हैं.

यहां के कारीगरों का दावा है कि उनके बनाए हथियार शानदार चलते हैं. पाकिस्तान के एक हथियार कारीगर गुल खिताब दावा करते हैं कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों में 10 हज़ार गन बेची है, जिनमें अभी तक कोई शिकायत नहीं आई. आपको बता दें कि पाकिस्तान में स्मार्ट फोन से भी सस्ते रेट पर बिक रही बुल्गारिया की एमपी-5 गन की एफबीआई स्वैट टीम इस्तेमाल करती है. गुल की बनाई बुल्गारिया की एमपी-5 गन महज 7 हज़ार रुपये में मिलती है, वो भी एक साल की गारंटी के साथ.

pak के दर्रा आदमखेल में अपराध अपने चरम पर है. यहां हथियारों का कारोबार कई पीढ़ियों से चला आ रहा है. हथियार बनाने का काम इस कस्बे में साल 1980 के बाद तेज़ी से बढ़ा. यहीं से हथियार खरीदकर मुजाहिद्दीन सोवियत संघ के खिलाफ अफगानिस्तान में जंग लड़ते थे. नवाज़ शरीफ की सरकार के वक्त हर जगह चेक प्वाइंट्स बना दिए गए थे, जिससे इस बिजनेस पर काफी असर पड़ा था. ये इलाका पाकिस्तान में तालिबान का गढ़ माना जाता है. यहां कबाइली शासन चलता है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह खबर सही पाई गई है.

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