पीएम मोदी को सार्क समिट के लिए आएगा पाकिस्तान से बुलावा

जनता जनार्दन डेस्क , Nov 27, 2018, 21:57 pm IST
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पीएम मोदी को सार्क समिट के लिए आएगा पाकिस्तान से बुलावा नई दिल्ली: पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी को सार्क समिट के लिए निमंत्रण भेजा जाएगा. विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इस्लामाबाद में फैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने जीत के बाद अपने भाषण में कहा था कि भारत अगर एक कदम आगे बढ़ेगा तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ाएगा।

डान अखबार ने फैसल को उद्धृत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिये आमंत्रित किया जाएगा। बता दें दक्षेस शिखर सम्मेलन 2016 इस्लामाबाद में होना था लेकिन उसी साल सितंबर में जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘‘मौजूदा परिस्थितियों’’ का हवाला देते हुए सम्मेलन में शामिल होने में अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी थी।

बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इसमें हिस्सा लेने से इनकार करने बाद इस्लामाबाद सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था। मालदीव और श्रीलंका दक्षेस के सातवें और आठवें सदस्य हैं।

बता दें करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर दोनों देशों के रिश्तों में कुछ नरमी आती दिख रही है. पाकिस्तान ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पाक आने का न्योता दिया था.

सुषमा स्वराज के अलावा पाकिस्तान ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को भी कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था. वहीं सुषमा स्वराज ने इस न्योते के लिए पाकिस्तान को शुक्रिया कहा था. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि पहले से तय कार्यक्रम के कारण वह इस कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हो सकती हैं.

वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने सीमा पार स्थित करतारपुर साहिब गुरूद्वारा के लिए एक कॉरीडोर के शिलान्यास समारोह में शामिल होने का पाकिस्तान का न्योता रविवार को स्वीकार कर लिया था.  दूसरी तरफ पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान जाने से इनकार दिया था. उन्होंने कहा था कि कहा कि उनके द्वारा (पाकिस्तान) भारतीय सैनिकों और नागरिकों को मारा जा रहा है तो ऐसे में वह ऐसा करने के बारे नहीं सोच सकते है.

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (23 नवंबर) को उम्मीद जताई थी कि करतारपुर गलियारा भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच एक सेतु का काम करेगा. प्रधानमंत्री ने बर्लिन की दीवार के गिरने का हवाला देते हुए ‘लोगों से लोगों के संपर्क’ के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि यह गलियारा बेहतर भविष्य की ओर जाएगा.

सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री ने विभाजन का जिक्र करते हुए कहा था कि,‘1947 में जो हुआ सो हुआ. दोनों देशों की सरकारों और सेनाओं के बीच मुद्दे बने रहेंगे और सिर्फ समय ही हमें इससे बाहर निकलने का मार्ग दिखाएगा.’

बता दें भारत की कैबिनेट ने पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरूद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने के लिए को पंजाब के गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारे के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी.
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