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16603 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद नहीं बना एक भी स्मार्ट शहर: आरटीआई के तहत सरकार ने माना

16603 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद नहीं बना एक भी स्मार्ट शहर: आरटीआई के तहत सरकार ने माना
वाराणसी: प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ,शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना का बुरा हाल है ,अभी तक भारत का एक भी शहर स्मार्ट सिटी नहीं बन पाया है,यह जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कुमार "एडवोकेट" को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है। संतोष  कुमार पाठक "एडवोकेट "ने दिनांक 16- 5- 2018 को प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली से स्मार्ट सिटी के बारे में पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी.

उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से पूछा था कि केंद्र सरकार द्वारा कितने शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है ?किन- किन कार्यों के पूरा हो जाने पर वह शहर स्मार्ट सिटी कहलाएगा ? प्रस्तावित मानक बताइए ?संतोष कुमार पाठक ने यह भी पूछा था कि अब तक कितने शहरों के स्मार्ट सिटी बनाया जा चुका है ? किन किन विकास कार्यों को शहरों में किया गया जा चुका है ? इन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने में भारत सरकार ने कितनी धनराशि अब तक खर्च की हि?कौन-कौन शहर स्मार्ट सिटी बनाने की प्रक्रिया में है? इन शहरों में कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके हैं  ? और कौन-कौन से कार्य चल रहे हैं ?यह शहर कब तक स्मार्ट सिटी बन पाएंगे ?और अब तक कितनी धनराशि स्मार्ट सिटी के लिए दी जा चुकी है? और कितनी खर्च हो चुके हैं?

इस प्रश्न के जवाब के लिए संतोष कुमार पाठक" एडवोकेट " की RTI को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सीपीआईओ/अवर सचिव ॥  संजय शर्मा ने दिनांक 16-5-2018 को अपने उत्तर में बताया कि स्मार्ट सिटी का जहां तक संबंध है शहरी कार्य मंत्रालय के नियंत्रणाधीन उपरोक्त योजना चलाई जा रही है ,100 शहरों को सरकार द्वारा स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित करने के लिए 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया गया था.

अभी तक 99 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने हेतु चयनित किया गया है ।जनवरी 2016 में पहले दौर में 20 शहर ,मई 2016 में फास्ट्रैक दौर में 13 शहर, सितंबर 2016 में दूसरे दौर में 27 शहर, जून 2017 में तीसरे दौर में30 शहर, और जनवरी 2018 में चौथे दौर में 9 शहरों को कुल मिलाकर 99 शहरों को मिशन के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकास करने हेतु चयन किया गया  है।पूरी आरटीआई में यह तो बताया गया कितना धन दिया गया है मिशन के शुभारंभ से अब तक मिशन के अंतर्गत स्मार्ट शहरों के रूप में शहरों के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा राज्यों को जो हर बार पैसे जारी किए गए उसकी सूची भी दी गई.

यह बताया गया कि 2015 -16 में 1496• 20 करोड रुपए ,2016-17 में 4598.50 करोड रुपए, 2017-18 में 4509•50और 2018-19 में 6000 करोड़ रुपए यानि 15जून2018तक कुल  16603 करोड़ रुपए भारत सरकार द्वारा भारत के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए दिए गए, लेकिन अब तक कोई भी शहर मानक के अनुरूप स्मार्ट शहर नहीं बन पाया ।पूरी आरटीआई में यह कहीं नहीं बताया गया कि अब तक कितने स्मार्ट शहर बन चुके हैं । प्रधानमंत्री के शहर वाराणसी के लिए भी 10111 करोड रुपए स्मार्ट शहर हेतु दिए गए, परंतु वाराणसी भी अभी तक स्मार्ट शहर नहीं बन पाया ।
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