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इंडोनेशिया में भयंकर भूकंप और सूनामी, अब तक 400 की मौत

इंडोनेशिया में भयंकर भूकंप और सूनामी, अब तक 400 की मौत जकार्ता: इंडोनेशिया में भयंकर भूकंप और सूनामी की चपेट में आए लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को मची इस तबाही से अबतक मौत का आंकड़ा 384 पहुंच चुका है, वहीं करीब 540 लोग जख्मी हैं और सैंकड़ों लापता हैं। वहां के अस्पताल घायलों और उन्हें देखनेवाले लोगों से पूरे भर चुके हैं। बता दें कि शु्क्रवार को आए भूकंप का केंद्र पालू शहर से 78 किलोमीटर की दूरी पर था।

अमेरिकी भूगर्भ सर्वे के मुताबिक, शुक्रवार को मध्य सुलावेसी के डोंग्गाला कस्बे में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.5 थी। यह तीव्रता इस साल की शुरुआत में लोमबोक द्वीप में आए भूकंप से कहीं अधिक थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।

भूकंप के बाद पालू के अस्पतालों में इस समय घायलों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि बहुत से लोगों का इलाज खुले में किया जा रहा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने बताया कि त्रासदी वाली जगह पर मदद के लिए सेना को बुलाया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, इस तबाही में हजारों घर और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक 80 कमरों वाला होटेल भी शामिल है। इसके अलावा कुछ मस्जिदों, शॉपिंग मॉल्स आदि के गिरने की भी खबर है। सावधानी बरतते हुए पालू एयरपोर्ट को शनिवार शाम तक बंद रखने का आदेश भी दिया गया था।

करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले शहर पालू में शुक्रवार को सुनामी की 1.5 मीटर (पांच फुट) ऊंची लहरें उठी थीं। कई लोगों के शव समुद्र तट पर नजर आए। आपदा एजेंसी ने बताया कि उस रात वहां समुद्र तट पर कोई जश्न होना था और लोग उसी की तैयारियों में लगे थे। फिलहाल वहां और शवों की तलाश जारी है। एक व्यक्ति को समुद्र तट के पास एक छोटे बच्चे का रेत से सना शव निकालते देखा भी गया था।

 29 सितंबर को इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप और इसके आसपास के इलाके को भूकंप और सूनामी ने दहला दिया। इंडोनेशिया की एक डिज़ास्टर एजेंसी के मुताबिक इस आपदा में अभी तक 384 लोग मारे गए हैं। भूकंप का केंद्र पालू शहर से 78 किमी दूर था। देखिए आपदा के बाद की कुछ तस्वीरें और इस मामले की और जानकारी...

पालू मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी है। भूकंप की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि पालू से करीब 900 किमी दूर माकासर तक इसका असर महसूस किया गया। माकासर सुलावेसी द्वीप का सबसे बड़ा शहर है।

अमेरिका के ज़मीन संबंधी मामलों के वैज्ञानिकों ने बताया कि सुलावेसी के डोंग्गाला कस्बे में 10 किमी की गहराई से तेज़ भूकंप आया। इससे करीब आधे घंटे पहले इसी इलाके में कम तीव्रता का भूकंप आया था।

इंडोनेशिया में 29 सितंबर को आए इस भूकंप की तीव्रता इसी साल की शुरुआत में लोमबोक द्वीप में आए भूकंप से कहीं ज़्यादा है। हालांकि, लोमबोक आपदा में भी सैकड़ों की तादाद में लोग मारे गए थे।

पालू से करीब 175 किमी दूर तोराजा में रहने वाली लीसा सोबा ने बताया कि उन्होंने भी अपने इलाके में भूकंप के कई झटके महसूस किए। लीसा सोबा बताती हैं कि भूकंप का आखिरी झटका सबसे ज़ोर का था। इंडोनेशिया की भौगोलिक स्थिति की वजह से यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है।

दिसंबर 2004 में पश्चिमी इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसकी वजह से आई सूनामी के चलते हिंद महासागर के कई देशों में दो लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे। पालू शहर का एक वीडियो इंटरनेट पर घूम रहा है, जो एक पार्किंग रैंप की सबसे ऊपरी मंज़िल पर खड़े होकर शूट किया गया है। इसमें पानी की तेज़ लहरें उठती दिख रही हैं, जिन्होंने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई।

पालू और इसके आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके इतने ज़ोर थे कि उन्होंने लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इनमें से कुछ और बदकिस्मत रहे, जिनका घर पूरी तरह तबाह हो गया। इंडोनेशिया में इस आपदा के दौरान तमाम लोग फेसबुक से लाइव कर रहे थे, जिनमें दिख रहा था कि कहीं बहुत लंबा जाम लगा हुआ था या लोग कार-ट्रक जैसी ऊंची चीज़ों पर जाकर बैठ गए थे।

इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो ने बताया कि जो इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, वहां बचाव टीम को सबसे पहले पहुंचाया गया है। इंडोनेशिया में इस आपदा की वजह से इतने ज़्यादा लोग प्रभावित हो गए हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है। ऐसे में कमरों के अलावा घायलों का इलाज हॉस्पिटल के बाहर भी घायलों का इलाज किया जा रहा है और उनकी मदद की जा रही है।

इंडोनेशियाई सरकार अपनी आपदा एजेंसी के ज़रिए लोगों की मदद करने की कोशिश कर रही है। बचाव दल को ज़रूरी सामग्रियों के साथ प्रभावित इलाकों में भेजा रहा है।  भूकंप की तीव्रता कितनी रही होगी और लोग किस कदर चोट खाए होंगे, इसका अंदाज़ा आप ये तस्वीर देखकर लगा सकते हैं।

इंडोनेशिया की भौगोलिक स्थिति के कारण वहां भूकंप का खतरा हरदम बना रहता रहता है। दिसंबर 2004 में पश्चिमी इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके कारण आई सूनामी के कारण हिंद महासागर क्षेत्र के कई देशों में 2,20,000 लोग मारे गए थे।
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