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केंद्र ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के अध्यादेश को दी मंजूरी, कांग्रेस ने कहा 'राजनीतिक फुटबाल'

जनता जनार्दन संवाददाता , Sep 19, 2018, 17:27 pm IST
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केंद्र ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के अध्यादेश को दी मंजूरी, कांग्रेस ने कहा 'राजनीतिक फुटबाल'  नई दिल्लीः मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल पर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को तीन तलाक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। तीन तलाक देना अब अपराध माना जाएगा। बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा।

तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी देने के कैबिनेट के फैसले के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया ने इस मामले को विस्तार से छापा है। इस दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक के दबाव में कांग्रेस ने तीन तलाक बिल को समर्थन नहीं दिया।

कांग्रेस के विरोध को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'अगर कांग्रेस पार्टी को इंसाफ और इंसानियत में भी राजनीति दिखाई देती है तो उसे समझाने का काम हमारा नहीं है।' इसके अलावा उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और मायावती को इस मुद्दे पर सरकार का साथ देना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष मुल्क में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ नाइंसाफी हो रही थी। तीन तलाक का यह मुद्दा नारी न्याय और नारी गरिमा का मुद्दा है।' उन्होंने कहा कि अपराध संज्ञेय तभी होगा, जब खुद पीड़ित महिला या उसके परिजन शिकायत करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ पीड़िता पत्नी ही चाहेगी तभी समझौता होगा। मजिस्ट्रेट बेल दे सकता है, मगर वह भी पीड़िता की सहमति से ही। उन्होंने कहा, अन्य प्रावधान के संबंध में, मां/पीड़ित पत्नी को नाबालिग बच्चे की कस्टडी मिलनी चाहिए। वो खुद अपने लिए (पीड़िता) और अपने बच्चे के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित रखरखाव की हकदार होगी।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार इसे मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय का मुद्दा नहीं बना रही है, बल्कि सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

कांग्रेस ने एक बार में तीन तलाक के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से आज अध्यादेश लाए जाने की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस सरकार के लिए यह मामला मुस्लिम महिलाओं को न्याय का नहीं, बल्कि ‘राजनीतिक फुटबाल’ का है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन तलाक एक अमानवीय प्रथा थी जिसे उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया। जब न्यायालय ने इसे रद्द कर दिया तो यह कानून बन गया। हमारे लिए यह हमेशा से मानवीय मामला और महिलाओं को अधिकार दिलाने का मामला रहा है। हमारे कई नेताओं ने न्यायालय में महिलाओं की पैरवी भी की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब मामला मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ते का है। यह पति की संपत्ति से मिलना चाहिए ताकि इन महिलाओं और उनके बच्चों को भरण-पोषण हो सके। जो पति गुजारा-भत्ता नहीं दे उसकी संपत्ति की कुर्क की जाए।’’

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी नहीं चाहते कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय मिले। हमने गुजारा भत्ते का सुझाव दिया। मोदी सरकार ने इसे नहीं माना। मोदी सरकार के लिए यह मामला राजनीतिक फुटबाल है और मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय का मामला नहीं है।’’

गौरतलब है कि लोकसभा से पारित होने के बाद यह बिल राज्यसभा में अटक गया था। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने संसद में विधेयक में संशोधन की मांग की थी। हालांकि संशोधन के बावजूद यह विधेयक राज्यसभा से पारित नहीं हो पाया था। बता दें कि यह अध्यादेश छह महीने तक लागू रहेगा। इस दौरान सरकार को इसे संसद से पारित कराना होगा। तीन तलाक बिल इससे पहले संसद के बजट सत्र और मानसून सत्र में पेश किया गया था
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