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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन प्रति-उपहार, वाराणसी को 557.40 करोड़ रुपए की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन प्रति-उपहार, वाराणसी को 557.40 करोड़ रुपए की सौगात वाराणसी: अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रमों और योजनाओं की झड़ी लगा दी है. इसे उनके जन्मदिन के 'रिटर्न गिफ्ट' के तौर पर भी देखा जा सकता है. कल से ही वाराणसी दौर पर  पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे दिन मंगलवार को यहां की जनता को 557.40 करोड़ रुपए को सौगात दी. बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी पूर्वी भारत का दरवाजा बनेगा.

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र में बन रहे अस्पताल के कारण आने वाले समय में वाराणसी को हेल्थ हब के रूप में जाना जाएगा। पीएम ने कहा कि बीएचयू वर्ल्ड नॉलेज सेंटर बनाया जाएगा। काशी की धरोहरों को संजोने का काम किया जा रहा है।

पीएम मोदी के साथ मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय मौजूद हैं। महेंद्र नाथ पाण्डेय ने भोजपुरी भाषा में पीएम मोदी का स्वागत किया। बीएचयू में प्रधानमंत्री मोदी की सभा में शामिल होने के लिए एम्फीथिएटर चौराहे के समीप दोनों तरफ लंबी कतार लगी रही।

कल वाराणसी पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में स्कूली बच्चों के साथ लगभग 90 मिनट तक बातचीत की। नरूर गांव के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानमंत्री के पहुंचने पर बच्चों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने भी विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर बच्चों को बधाई दी और कहा कि विभिन्न तरह के कौशल को सीखना महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी के रूप में प्रश्न पूछना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया वे प्रश्न पूछने में किसी तरह का भय महसूस नहीं करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्न पूछना सीखने का एक पहलू है। प्रधानमंत्री बच्चों के साथ काफी समय तक रहे। इन बच्चों को लाभकारी संगठन ‘रूम टु रीड’ द्वारा सहायता दी जा रही है।

बाद में प्रधानमंत्री ने डीएलडब्ल्यू वाराणसी में गरीब और वंचित वर्गों के बच्चों के साथ बातचीत की। इन बच्चों की सहायता काशी विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने बच्चों से मेहनत के साथ पढ़ाई करने और साथ-साथ खेलकूद में दिलचस्पी विकसित करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री शाम में वाराणसी में विकास कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए शहर के विभिन्न मार्गों पर गए। प्रधानमंत्री पूजा के लिए कुछ मिनट काशी विश्वनाथ मंदिर में भी रुके। प्रधानमंत्री अचानक मंडुआडीह रेलवे स्टेशन भी गए।

कैंपस में पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ सीआरपीएफ मुस्तैद रही। कैंपस के प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस फोर्स के साथ अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए थे। विश्वविद्यालय के हेलीपैड से एम्फीथिएटर तक सड़क पर दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई।  

भाषण की मुख्य बातें-

-हम काशी में जो भी बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं वो उसकी परंपराओं को संजोते हुए, उसकी पौराणिकता को बचाते हुए किया जा रहा है। अनंत काल से जो इस शहर की पहचान रही, उसे संरक्षित करते हुए, इस शहर में आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश किया जा रहा है।

-काशी आज हेल्थ हब के रूप में उभरने लगा है। बीएचयू में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर हजारों लोगों के जीवन को बचाने का काम कर रहा है।

-नए कैंसर और सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल लोगों को इलाज की आधुनिक सुविधाएं देंगे। बीएचयू ने एम्स के साथ एक वर्ल्ड क्लास हेल्थ इंस्टीट्यूट बनाने के लिए समझौता किया है।

-चार वर्ष पहले जब काशीवासी, बदलाव के इस संकल्प को लेकर निकले थे, तब और आज में अंतर स्पष्ट दिखता है। वरना आप तो उस व्यवस्था के गवाह रहे हैं जब हमारी काशी को भोले के भरोसे, अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।

-पहले भी जब मैं यहां आता था, तो शहर भर में बिजली के लटकते तारों को देखकर हमेशा सोचता था, कि आखिर कब बनारस को इससे मुक्ति मिलगी? आज शहर के एक बड़े हिस्से से लटकते हुए तार गायब हो गए हैं। बाकी जगहों पर भी इन तारों को जमीन के भीतर बिछाने का काम तेज़ी से जारी है।

-वाराणसी शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों को भी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। सांसद के रूप में जिन गांवों को विशेष रूप से विकसित करने का जिम्मा मेरे पास है उनमें से एक नागेपुर गांव के लिए आज पानी के एक बड़े प्रोजेक्ट का लोकार्पण हुआ है।

-आज यहां एक तरफ वैदिक विज्ञान केंद्र का शिलान्यास हुआ है तो दूसरी तरफ अटल इनक्यूबेशन सेंटर की भी शुरुआत हुई है। हम सभी को जितना अपनी पुरातन संस्कृति और सभ्यता पर गर्व है उतना ही भविष्य की तकनीक के प्रति हमारा आकर्षण है।

-आज यहां 550 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का या तो लोकार्पण हुआ है या फिर शिलान्यास हुआ है। विकास के ये कार्य बनारस शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों से भी जुड़े हैं।

-मेरे लिए ये सौभाग्य की बात है देश के लिए समर्पित एक और वर्ष की शुरुआत मैं बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के शुभ आशीष से कर रहा हूं। आप सभी का ये स्नेह, ये आशीर्वाद मुझे हर पल प्रेरित करता है।
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