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विजय माल्या के वित्त मंत्री से मिलने के दावे के बाद जेटली ने माना हां संसद में जबरिया मिला था

विजय माल्या के वित्त मंत्री से मिलने के दावे के बाद जेटली ने माना हां संसद में जबरिया मिला था नई दिल्लीः भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या और देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली के बीच हुई मुलाकात को लेकर राजनीति गरमा गई है.  लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी।

उधर, वित्त मंत्री ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया।

जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने गुरुवार को दावा किया कि एक मार्च, 2016 को संसद के केंद्रीय कक्ष में शराब कारोबारी विजय माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ ‘विधिवत मुलाकात’ हुई थी और इसके वह साक्षी हैं।

पुनिया ने चुनौती दी कि अगर उनका यह दावा सच साबित नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पुनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक मार्च, 2016 को केंद्रीय कक्ष में जेटली जी और माल्या की मुलाकात हुई। पांच-सात मिनट दोनों ने खड़े होकर बात की और फिर बैठकर बात की। 2016 के बजट सत्र में माल्या सिर्फ एक दिन संसद आए थे और वह सिर्फ जेटली से मिलने आए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मीडिया के साथ बातचीत में कई मौकों पर इसका उल्लेख करता रहा। ढाई साल तक जेटली चुप्पी साधे रहे। अब वह मुलाकात की बात मान रहे हैं। सच्चाई यह है कि दोनों बीच विधिवत मुलाकात हुई थी।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरी चुनौती है कि केंद्रीय कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उनकी फुटेज देखी जाए। सब पता चल जाएगा। या तो जेटली जी राजनीति छोड़ दें या मैं छोड़ दूंगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि माल्या वित्त मंत्री से ‘सलाह-मशविरा करके’ देश से भागा था।

इससे पहने पुनिया ने 'भाषा' के साथ बातचीत में कहा, 'जब माल्या के देश से भागने की खबर आई तो उससे दो दिन पहले ही मैंने संसद के केंद्रीय कक्ष में उसे जेटली जी के साथ बातचीत करते देखा था। दोनों ने काफी देर तक बातचीत की थी।' दरअसल, माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने माल्या के दावे को 'अति गंभीर आरोप' करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए और जांच पूरी होने तक जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए।

माल्या जब भारत से भागा था, उस वक्त अरूण जेटली वित्त मंत्री थे। लंदन की अदालत में पेश होने पहुंचे माल्या से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या उसे देश से भागने के लिए आगाह किया गया था, उसने कहा, "मैं भारत से रवाना हुआ क्योंकि मेरी जिनिवा में एक मुलाकात का कार्यक्रम था। रवाना होने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला था और निपटारे (बैंकों के साथ मुद्दे) की पेशकश दोहराई थी। यही सच्चाई थी।"
 
माल्या ने मंत्री का नाम लिए बगैर यह कहा। धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना कर रहे 62 वर्षीय माल्या अपने प्रत्यर्पण के एक मामले के सिलसिले में अदालत पहुंचा था।

किंगफिशर एयरलाइन के मालिक रहे माल्या ने अदालत में चल रहे अपने प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई के दौरान भोजनावकाश के दौरान सिगरेट का कश लेते हुए कहा , "मैंने पहले भी कहा था कि मैं एक राजनीतिक फुटबॉल हूं। इस बारे में मैं कुछ नहीं कर सकता। मेरी अंतरात्मा साफ है और मैंने लगभग 15,000 करोड़ रूपये की संपत्ति कर्नाटक उच्च न्यायालय की मेज पर रख दी थी।" यह एयरलाइन अब बंद हो चुकी है।

माल्या ने कहा कि मीडिया को बैंकों से यह पूछना चाहिए कि रकम का भुगतान करने की कोशिशों में वे : बैंक: उसकी सहायता क्यों नहीं कर रहे हैं। शराब कारोबारी ने कहा, "मैं निश्चित रूप से बलि का बकरा हूं, मैं बलि का बकरा जैसा महसूस कर रहा हूं। दोनों ही राजनीतिक दल मुझे पसंद नहीं करते।"

माल्या ने मुंबई के आर्थर रोड जेल स्थित बैरक 12 के वीडियो का व्यंग्यपूर्ण लहजे में जिक्र करते हुए उसे बहुत ही प्रभावशाली बताया। दरअसल, इसे उसके लिए ही बनाया गया है। संवाददाताओं के सवालों पर उसने कहा, "मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी, आप अदालत में सबकुछ सुन रहे हैं।"

माल्या पिछले साल अप्रैल में अपनी गिरफ्तारी के बाद से एक प्रत्यर्पण वारंट पर जमानत पर है। वह 9,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों को लेकर भारत प्रत्यर्पित किए जाने का एक मुकदमा लड़ रहा है।
 
प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई लंदन की अदालत में पिछले साल चार दिसंबर को शुरू हुई थी।
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