सिद्धू शांतिदूत, उन्हें निशाना बनाने वाले अमन को नुकसान पहुंचा रहे हैं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान

सिद्धू शांतिदूत, उन्हें निशाना बनाने वाले अमन को नुकसान पहुंचा रहे हैं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने को लेकर भारत में जारी विवाद पर माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर कहा, "मेरे शपथग्रहण समारोह में शिरकत के लिए मैं (नवजोत सिंह) सिद्धू को शुक्रिया कहता हूं. वह शांति के दूत थे, और उन्हें पाकिस्तान की जनता की ओर से प्यार और लगाव ही दिया गया. भारत में जो लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं, वे उपमहाद्वीप में शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. शांति के बिना हमारे लोग तरक्की नहीं कर सकते हैं."

आपको बता दें कि इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी सफाई दी थी. उन्होंने कहा कि पहले भी तनाव के बीच दोनों देशों के नेता मिलते रहे हैं. कमर जावेद बाजवा से उनकी मुलाकात सिर्फ चंद मिनटों की थी. बेवजह इस पर बवाल खड़ा किया जा रहा है. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी शांति का संदेश लेकर पाकिस्तान गए थे. उनके लौटने के तुरंत बाद ही जनरल मुशर्रफ ने कारगिल में युद्ध छेड़ दिया था. बाद में उसी परवेज को भारत में निमंत्रण दिया गया. वाजपेयी और मुशर्रफ के बीच आगरा में वार्ता भी हुई.

दूसरी तरफ, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को बुलाया गया था और उनका मधुर स्वागत किया गया था. इस पर संबित पात्रा ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ने जिस प्रकार अपनी प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से भारत को कटघरे में खड़ा करने का जो काम किया है उसके लिए राहुल गांधी देश को जवाब दें.

इमरान खान ने अगले ट्वीट में कहा, "आगे बढ़ने के लिए पाकिस्तान और भारत को बातचीत करनी होगी, और कश्मीर समेत सभी मुद्दों को सुलझाना होगा. उपमहाद्वीप से गरीबी को दूर करने तथा लोगों का जीवनस्तर सुधारने का बेहतरीन रास्ता यही है कि बातचीत के ज़रिये मतभेद दूर किए जाएं, और व्यापार शुरू किया जाए."

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी शांति का संदेश लेकर पाकिस्तान गए थे. उनके लौटने के तुरंत बाद ही जनरल मुशर्रफ ने कारगिल में युद्ध छेड़ दिया था. बाद में उसी परवेज को भारत में निमंत्रण दिया गया. वाजपेयी और मुशर्रफ के बीच आगरा में वार्ता भी हुई. दूसरी तरफ, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को बुलाया गया था और उनका मधुर स्वागत किया गया था.

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यही नहीं, पीएम मोदी एक विवाह समारोह में शामिल होने अचानक लाहौर गए. यह सब तनाव के बीच होता रहा. मेरी संक्षिप्त यात्रा के संबंध में आलोचना-उंगली उठाई गई. जहां तक कमर जावेद बाजवा का संबंध है तो उनसे मेरी मुलाकात सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह में हुई. उन्होंने मुझे पहली कतार में बैठे देखा और आकर गले मिले. यह मानव स्वभाव है. सिद्धू ने कहा कि बाजवा ने मुझे कहा कि वे वहां के गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं के बेरोकटोक आने के लिए कदम उठा रहे हैं. मैंने देखा है कि लोग वहां के गुरुद्वारों में जाने के लिए तरस जाते हैं. सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की यह मेरे दिल को छू गई और मैं भावुक हो गया.

सिद्धू ने कहा कि बाजवा की इसी बात से मेरा स्नेह उत्पन्न हुआ. शपथ ग्रहण समारोह के बाद मेरी उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई. ये चंद लम्हे थे. इस संबंध में आलोचकों की तरफ से आरोप लगे. इसका खेद है. दो दिन की यात्रा के दौरान वहां के पत्रकारों और अन्य लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया गया. मैं ओत प्रोत हूं. इस प्यार से मेरी आस की डोर और अधिक मजबूत हुई है. आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की संभावना जगी है. पीएम बनने के बाद इमरान खान की तरफ से कहा गया कि शांति के लिए पड़ोसी देशों से बात की जाएगी. इससे भी मुझे आशा जगी है.

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने का काम कर रहें है. उन्‍होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू प्रेस कांफ्रेंस करके कहते है कि दो दिनों में पाकिस्तान ने मुझे वो दे दिया जो मुझे पूरी उम्र नहीं मिला हिन्दुस्तान में, हम राहुल गांधी जी से पूछना चाहते है कि आपके नेताओं को पाकिस्तान जाकर ऐसा क्या मिल जाता है? उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तान के षड्‍यंत्र में कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी आग में घी डालने का काम कर रहें है.
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