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केरल बाढ़ से बेहालः हर ओर पानी, सेना के तीनों अंग युद्धस्तर पर बचाव में जुटे, राहुल ने पीएम को किया फोन

केरल बाढ़ से बेहालः हर ओर पानी, सेना के तीनों अंग युद्धस्तर पर बचाव में जुटे, राहुल ने पीएम को किया फोन कोच्चीः केरल के कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गयी है. कोच्चि हवाई अड्डे पर शनिवार तक विमानों का परिचालन रोक दिया गया है. इस बीच, बुधवार को राज्य में 27लोगों की मौत होने के साथ बारिश और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 113 पहुंच गयी. हालांकि अंगरेजी अखबारों में यह गिनती 79 है. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 14 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

राज्य में उत्तर में कासरगोड से लेकर दक्षिण में तिरूवनंतपुरम तक सभी नदियां उफान पर हैं. मुल्लापेरियार समेत 35 बांधों के फाटक खोल दिये गये हैं. बुधवार को मुख्मयंत्री पिनारयी विजयन ने बताया था कि 25 लोगों की मौत होने के साथ ही राज्य में बारिश के चलते हुई घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 67 हो गयी है. दूसरी ओर कर्नाटक में भी भारी बारिश शुरू हो गई है.

केरल को 'ईश्वर का अपना देश' भी कहा जाता है. लेकिन फिलहाल यह राज्य को 94 साल की 'सबसे बड़ी बाढ़' का सामना करना पड़ रहा है. केरल के कई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है.

पिछले दो हफ़्तों में केरल के 14 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 67 हो गई है. सरकारी अधिकारियों ने बुधवार शाम को बताया कि 15 अगस्त के दिन बाढ़ की वजह से 25 लोगों की मौत हुई.

बाढ़ से प्रभावित सभी ज़िलों में राहत शिविर लगाए गए हैं. बताया गया है कि एक लाख से अधिक लोग घरबार छोड़कर इन राहत शिविरों में रह रहे हैं.

तिरप्पली, पोनमुढी और मन्नार समेत कई बड़े पर्यटन केंद्र बंद कर दिये गये हैं जहां ओणम उत्सव के मौके पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद होती है.कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में पानी घुस जाने के कारण उसे शनिवार तक बंद करने की घोषणा की गयी है. इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइस जेट ने कोच्चि हवाई अड्डा से अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है.

बारिश और बाढ़ का सामना कर रही केरल सरकार ने फैसला किया कि इस साल ओणम उत्सव मनाने के बजाए इस पर खर्च होने वाली राशि का इस्तेमाल राहत कार्यों के लिए किया जाएगा. आठ अगस्त से 20,000 मकानों और 10,000 किलोमीटर सड़क को नुकसान पहुंचा है.

राज्य के विभिन्न हिस्सों में विद्युत आपूर्ति, संचार प्रणाली और पेयजल आपूर्ति बाधित है. यहाँ ट्रेन सेवाएं बाधित हैं और सड़क परिवहन सेवाएं भी अस्त-व्यस्त हैं. जगह-जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं.

अधिकारियों के अनुसार, कासरगोड़ को छोड़कर बाकी सभी ज़िलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. कॉलेजों और महाविद्यालयों ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. पलक्कड, वायनाड और कोच्चि कुछ ऐसे ज़िले हैं जिन्होंने कभी ऐसी आपदा का सामना नहीं किया.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है और राज्य में बाढ़ के हालात पर उनसे विस्तार से चर्चा हुई है.

विजयन ने मंगलवार को इस साल के ओणम उत्सव को रद्द करने की घोषणा कर दी थी. ये उत्सव राज्यभर में मनाए जानेवाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. लेकिन केरल सरकार ने राज्यभर में सांस्कृतिक समारोह आयोजित करने के लिए दी जानेवाली 30 करोड़ रुपये की राशि को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दिए जाने का फ़ैसला किया है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों से बाढ़ राहत कोष में मदद करने का आग्रह भी किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर एक बयान जारी कर लोगों से मदद मांगी है. केरल सरकार ने राज्य के सभी छोटे-बड़े 27 बाँध खोल दिए हैं. इस वजह से रबर, चाय और ताड़ के खेतों में पानी भर गया है.

उन्होंने बताया, "हम नहीं जानते कि हमारी ज़मीन कहाँ है. पूरे इलाक़े में इतना पानी है कि खेतों की पहचान नहीं हो पा रही. इस साल की हमारी पूरी उपज बर्बाद हो जाएगी."

सड़कें डूबने की वजह से राज्य में खाने-पीने के सामान की सप्लाई भी बाधित हो गई है. सुंदरम नाम के एक व्यापारी ने बताया कि उनका काम ठप हो गया है. उन्होंने बताया कि इडुक्की ज़िले में बांध के क़रीब स्थित पूरा बाज़ार पानी में डूब गया है.
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