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संसद का मानसून सत्रः कामकाज के लिहाज से 18 सालों में सबसे अच्छा, लोकसभा में 118 प्रतिशत काम हुआ

जनता जनार्दन संवाददाता , Aug 11, 2018, 17:34 pm IST
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संसद का मानसून सत्रः कामकाज के लिहाज से 18 सालों में सबसे अच्छा, लोकसभा में 118 प्रतिशत काम हुआ नई दिल्लीः संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र कामकाज के लिहाज से पिछले 18 सालों में सबसे अच्छा रहा. इस दौरान 12 विधेयक पारित किए गए. संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार 18 जुलाई से 10 अगस्त के बीच लोकसभा में 118 प्रतिशत काम हुआ. प्रश्नकाल में 84 प्रतिशत काम हुआ. वहीं, राज्यसभा में भी नियत समय के मुताबिक 68 प्रतिशत काम हुआ.

हाल के संसदीय सत्र सफलतापूर्वक नहीं चले थे. बजट सत्र का दूसरा चरण लगभग पूरी तरह बिना काम के गया, खास तौर पर राज्यसभा में. वहीं, इस सत्र में सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की और राज्यसभा ने अपना नया उपसभापति भी चुना. ये दोनों बड़े काम तब हुए जब विपक्ष रफाल विमान समझौते, एनआरसी और आंध्र प्रदेश को लेकर किए गए वादों को लेकर एनडीए सरकार का विरोध कर रहा था.

सत्र के दौरान लोकसभा में कुल 17 विधेयक पेश किए गए. वैधानिक कार्यों के लिए नियत किए गए 102 घंटों में से 49 घंटे इन विधेयकों को पेश करने में लगे. विशेषज्ञों का कहना है कि 16वीं लोकसभा के कार्यकाल में और 2004 के बाद दोनों सदनों द्वारा वैधानिक कार्यों के लिए दिया गया यह सबसे अधिक समय है. शुक्रवार को कांग्रेस ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. लेकिन विरोधों के बावजूद संसद का कार्य बाधित नहीं हुआ. जबकि छुटपुट विरोधों के चलते बजट सत्र के दूसरे चरण में भी खास काम नहीं हुआ था.

इस सत्र में दो काफी अहम विधेयक पास हुए. देश को आर्थिक नुकसान पहुंचा कर विदेश भागने के मामलों के मद्देनजर ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक’ और एससी-एसटी एक्ट को पहले की स्थिति में लाने संबंधी विधेयक सफलतापूर्वक पारित किए गए. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित विधेयक भी संसद में पारित हो गया. हालांकि तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार को केवल लोकसभा में कामयाबी मिली. राज्यसभा में वह इससे संबंधित विधेयक पारित नहीं करवा सकी.

सत्र के दौरान सरकार को लोकसभा में ‘वित्तीय समाधान और निक्षेप बीमा विधेयक’ वापस लेना पड़ा. विधेयक में जमानत संबंधी नियमों को लेकर विवाद था जिसके चलते इसे वापस लिया गया. हालांकि वित्त मंत्रालय ने कहा कि विधेयक को लेकर जाहिर की गईं चिंताओं पर काम करने के बाद इसे वापस पेश किया जा सकता है.

केंद्रीय संसदीय मामलों तथा रसायन व उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने भी यहां कहा कि विधायी कार्यों के संदर्भ में मानसून सत्र 2018 एक सफल सत्र सिद्ध हुआ है। सभी राजनीतिक दलों ने राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मामलों पर हुई बहस में सक्रिय भूमिका निभाई है। केंद्रीय संसदीय मामलों, सांख्यिकी तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री विजय गोयल तथा केंद्रीय संसदीय मामले, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मानसून सत्र 18 जुलाई, 2018 को प्रारंभ हुआ तथा 10 अगस्त, 2018 को समाप्त हुआ। लोकसभा में 118 प्रतिशत तथा राज्यसभा में 68 प्रतिशत कामकाज हुआ। सत्र के दौरान श्रीनिवास केसिनेनी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इसके पक्ष में 135 और विपक्ष में 330 वोट पड़े। इस प्रकार यह अविश्वास प्रस्ताव पराजित हुआ।

सत्र के दौरान 22 विधेयक (21 लोकसभा में तथा 01 राज्यसभा में) प्रस्तुत किए गए। सत्र के दौरान लोकसभा द्वारा 21 विधेयक और राज्यसभा द्वारा 14 विधेयक पारित किए गए। सत्र के दौरान दोनों सदनों द्वारा 20 विधेयक पारित किये गए। हरिवंश राज्यसभा के उपसभापति के रूप में निर्वाचित हुए
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