मेजर सहित चार जवान शहीद, घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों से जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़

 मेजर सहित चार जवान शहीद, घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों से जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ गुरेज: सेना के चार जवान मंगलवार सुबह आतंकवादियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में शहीद हो गए. इस मुठभेड़ में 4 आतंकवादी भी मारे गए. आपको बता दें कि, जम्मू कश्मीर के गुरेज में एलओसी के पास मंगलावर सुबह आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ करने की कोशिशों के बाद हुई मुठभेड़ में आर्मी के 3 जवान और एक मेजर शहीद हो गए.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना इकाई ने घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को एलओसी पर गोविंद नल्लाह में 36 राष्ट्रीय राइफल्स के पास चुनौती दी थी. आतंकियों की तरफ से हो रही गोलीबारी के बीच सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की. आर्मी ऑफिसर के मुताबिक इस मुठभेड़ में 4 आतंकी भागने में काम्याब रहे. माना जा रहा है कि वो चारों आतंकी वापस पीओसी की तरफ चले गए. आतंकी पाकिस्तान की तरफ से हो रही फायरिंग के बीच घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे.

सेना के अधिकारियों का कहना है कि घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को पाकिस्तानी सेना की तरफ से की जा रही गोलीबारी के जरिए कवर दिया जा रहा था. जिसके तहत आतंकियों का समूह देर रात 1 बजे गुरेज के बक्तोर में एलओसी पार करने की कोशिश कर रहा था. बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान द्वारा की गई फायरिंग के बाद से ही सभी आर्मी पोस्ट को हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

आतंकवादियों को चुनौती देने के बाद सैनिकों पर गोलीबारी की गई जिससे आतंकियों और सेना के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई. हालांकि, सेना ने घुसपैठ के प्रयास को विफल कर दिया और चार आतंकवादियों को गोली मार दी और चार आतंकी भागने को मजबूर हो गए लेकिन इस मुठभेड़ में तीन जवान और एक मेजर शहीद हो गए.

शहीदों की पहचान मेजर के पी राणे, हवलदार जैमी सिंह और विक्रमजीत तथा राइफलमैन मनदीप के तौर पर हुई है. अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार आठ लोगों का एक समूह देश में घुसने की कोशिश कर रहा था. इनमें से चार पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में वापस भाग गए.

इस बीच, कश्मीर में सेना के एक मुठभेड़ के दौरान चार जवानों के शहीद होने पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध और घुसपैठ एक साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा, 'अगर अपने शहीद हो गए हैं तो हमको ये देखना चाहिए कि इसका मुकाबला हमें ही करना होगा. अगर पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहता है, तो ये जरूरी है कि घुसबैठ को रोका जाए.'

इस घटना पर केंद्र और महाराष्ट्र में सरकार की सहयोगी शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, 'हमारे जवान जितने शहीद पिछले चार साल में हुए हैं, उतने पिछले 50 साल में नहीं हुए .
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