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लेफ्ट, राइट, सेंटर हर जगह रेप हो रहे हैं, देश में ये चल क्या रहा है? नाराज उच्चतम न्यायालय की तल्ख टिप्पणी

लेफ्ट, राइट, सेंटर हर जगह रेप हो रहे हैं, देश में ये चल क्या रहा है? नाराज उच्चतम न्यायालय की तल्ख टिप्पणी नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने देश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर मंगलवार को गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि जिधर देखो, उधर ही, महिलाओं का बलात्कार हो रहा है. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह का संचालन करनेवाले गैर सरकारी संगठन को वित्तीय सहायता देने पर बिहार सरकार को आड़े हाथ लिया. इस आश्रय गृह की लड़कियों से कथित रूप से बलात्कार और उनके यौन शोषण की घटनाएं हुई हैं.

पीठ ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में हर छह घंटे में एक महिला बलात्कार की शिकार हो रही है. ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में भारत में 38,947 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ. इस स्थिति पर नाराजगी और चिंता वयक्त करते हुए पीठ ने कहा, 'इसमें क्या करना होगा? लड़कियां और महिलाएं हर तरफ बलात्कार की शिकार हो रही हैं.'

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस की जांच जारी है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलावर को इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, 'लेफ्ट, राइट, सेंटर... हर जगह रेप हो रहे हैं. देश में ये चल क्या रहा है?

 इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त वकील अपर्णा भट ने पीठ को सूचित किया कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में यौन उत्पीड़न की कथित पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस आश्रय गृह में बलात्कार का शिकार हुई लड़कियों में से एक अब भी लापता है.

मुजफ्फरपुर आश्रय गृह का निरीक्षण करनेवाले टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने न्यायालय को बताया कि बिहार में इस तरह की 110 संस्थाओं में से 15 संस्थाओं के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की गयी हैं. इस पर बिहार सरकार ने न्यायालय से कहा कि विभिन्न गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित इन 15 संस्थानों से संबंधित यौन उत्पीड़न के नौ मामले दर्ज किये गये हैं.

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने बलात्कार और यौन हिंसा का शिकार हुईं इन पीड़िताओं के चेहरे ढंकने के बाद भी उन्हें दिखाने से इलेक्ट्रानिक मीडिया को रोक दिया था. पीठ ने साफ शब्दों में कहा था कि उसने पुलिस को जांच करने से नही रोका है और यदि वह कथित पीड़ितों से सवाल-जवाब करना चाहें, तो उन्हें इसके लिए बाल मनोविशेषज्ञों की सहायता से ऐसा करना होगा.

राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त गैर सरकारी संगठन का मुखिया बृजेश ठाकुर इस आश्रय गृह का संचालन करता था. इस आश्रय गृह में 30 से अधिक लड़कियों के साथ कथित रूप से बलात्कार और उनका यौन शोषण किये जाने के आरोप हैं. इस मामले में ठाकुर सहित 11 व्यक्तियों के खिलाफ 31 मई को प्राथमिकी दर्ज हुई थी और बाद में यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया था.

कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों से यौन शोषण की घटनाओं पर केंद्र और बिहार सरकार से जवाब मांगा था. जिसपर आज सुनवाई हुई. वहीं, बिहार की नीतीश सरकार ने इस घटना की हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को महिला कांगेस की कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों के जरिये केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया. दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में महिला कांग्रेस के कार्यक्रम 'महिला अधिकार सम्मेलन' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "बीजेपी ने बड़े भाषणों के बाद 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' प्रोग्राम की शुरुआत की. बेटियों को बचाने के लिए हर जिले में 40 लाख रुपये दिए गए. लेकिन, जो हुआ क्या? मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला देखिए. अब तो बेटियों को बीजेपी के विधायकों से बचाना है.'

इस बीच बिहार पुलिस ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से गायब एक महिला को ब्रजेश ठाकुर के घर से बरामद किया है. इस शेल्टर होम से 11 महिलाएं गायब थीं. इनमें से एक को पुलिस ने आज रिकवर किया है.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस दौरान बिहार सरकार को फटकार लगाया. कोर्ट ने नीतीश सरकार से पूछा कि शेल्टर होम चलाने के लिए फंड कहा से आता है? बिना शेल्टर होम की असलियत जानें फंड क्यों रिलीज किया गया?

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के देवरिया में भी बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस जैसी घटना सामने आई है. दोनों मामले मंगलवार को राज्यसभा में भी उठाए गए. शेल्टर होम में बच्चियों और लड़कियों के साथ हो रहे रेप और यौन अपराध आरजेडी, एसपी और सीपीआई सांसदों ने संसद परिसर में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

मामले पर जवाब देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देवरिया मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और डीएम को भी तुरंत हटाया गया. उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बक्शा नहीं जाएगा. सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएगी.
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