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सुषमा स्वराज जैसी महिला ने चीन के सामने घुटने टेक जवानों को दिया धोखाः राहुल गांधी का डोकलाम पर बयान

सुषमा स्वराज जैसी महिला ने चीन के सामने घुटने टेक जवानों को दिया धोखाः राहुल गांधी का डोकलाम पर बयान नई दिल्लीः संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को लोकसभा में डोकलाम विवाद पर बयान दिया. सुषमा ने साफ तौर पर कहा कि डोकलाम अब कोई विवाद नहीं है, ये पहले ही सुलझा लिया गया है. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को सुषमा पर ही सवाल उठा दिए.

गुरुवार सुबह राहुल ने ट्वीट किया, ''ये चौंकाने वाला है कि सुषमा स्वराज जैसी महिला चीनी ताकत के सामने घुटने टेक दिए. सरकार का इस तरह चीन के सामने इस तरह सरकार का घुटने टेकना बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ विश्वासघात है.''

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सुषमा ने कहा था कि डोकलाम अब कोई मुद्दा नहीं है, ये विवाद पहले ही सुलझ चुका है. सुषमा ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि बार-बार इस मुद्दे को क्यों उठाया जा रहा है.

बता दें कि सुषमा स्वराज एक सांसद के सवाल का जवाब दे रही थी. उन्होंने कहा कि सरकार की कूटनीतिक परिपक्वता से सुलझा गया है. उन्होंने कहा कि जो विवाद है वह मुख्य रूप से भूटान और चीन के बीच है, जिसमें भारत का कोई रोल नहीं है.

विदेश मंत्री ने कहा कि डोकलाम में विवाद से पहले वाली स्थिति बहाल कर दी गई है. कूटनीतिक सूझबूझ के जरिए इस विवाद का हल निकाल लिया गया है.  विवादित जगह की भौगोलिक स्थिति में न तो कोई बदलाव हुआ है और न ही वहां किसी प्रकार का नया निर्माण ही हुआ है. उन्होंने चीनी सेना के विवादित स्थल में फिर से प्रवेश करने और सिलिगुड़ी तक पहुंचने के दावे को निराधार बताया.

सुषमा ने चीन के वुहान शहर में बीते 27-28 अप्रैल को पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई अनौपचारिक शिखर वार्ता में छिपे एजेंडे पर चर्चा के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह किसी खास एजेंडे से जुड़ा नहीं था. बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और बेहद सफल रही. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत में इसी तरह की अनौपचारिक शिखर वार्ता का निमंत्रण दिया, जिसे जिनपिंग ने स्वीकार कर लिया.

विदेश मंत्री ने कहा कि डोकलाम को लेकर जो मामला था, वह सिर्फ फेस ऑफ साइट का था. जो पिछले साल सुलझ गया था. आपको बता दें कि अभी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी डोकलाम विवाद का जिक्र किया था. राहुल गांधी ने डोकलाम विवाद को मोदी सरकार की नाकामी बताया था.

सुषमा के बयान को लेकर कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि दक्षिणी डोकलाम क्षेत्र में चीन की ओर से किये जा रहे सैन्य ढांचे और सड़क के निर्माण पर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने चुप्पी साध ली है.

सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर कहा, 'दक्षिणी डोकलाम क्षेत्र में चीन की ओर से किये जा रहे सैन्य ढांचे और सड़क के निर्माण पर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने चुप्पी साधे रखी. स्वराज ने डोकलाम में भारतीय सैन्य चौकी से महज 10 मीटर की दूरी पर चीन के सैन्य परिसर के निर्माण पर कुछ नहीं कहा.'

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से ब्रिक्स शिखर बैठक से इतर मिले. चार महीने के भीतर दोनों की तीसरी शिखर स्तरीय बैठक थी. निराशाजनक बात यह है कि मोदी सरकार डोकलाम गतिरोध के संदर्भ में आई उन खबरों पर तार्किक प्रतिक्रिया भी नहीं दे सकी जिनमें कहा गया है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हुआ है और सामरिक हितों के लिये खतरा पैदा हुआ है.'

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी की और उत्तरी एवं दक्षिणी डोकलाम में चीनी सैन्य निर्माण के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया.

गौरतलब है कि सिक्किम सीमा सेक्टर के पास डोकलाम में भारत और चीनी सेना करीब 73 दिन तक आमने-सामने थीं. यह गतिरोध तब शुरू हुआ था जब इस इलाके में चीनी सेना द्वारा किए जाने वाले सड़क निर्माण कार्य को भारतीय सैनिकों ने रोक दिया. हालांकि, पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले इस विवाद को सुलझा लिया गया था. 28 अगस्त, 2017 को डोकलाम विवाद सुलझाया गया था.
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