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अविश्वास प्रस्ताव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राहुल पर तंज, उन्हें सत्ता में आने की जल्दी है

अविश्वास प्रस्ताव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राहुल पर तंज, उन्हें सत्ता में आने की जल्दी है नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ टीडीपी और कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा में पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव 126 के मुकाबले 325 मतों से गिर गया. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए जिनके पीएम मोदी ने सिलसिलेवार जवाब दिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को खुद पर अविश्वास है, यह अविश्वास ही उनकी कार्यशैली और संस्कृति का हिस्सा है। उसे स्वच्छ भारत, योग दिवस, प्रधान न्यायाधीश और रिजर्व बैंक पर विश्वास नहीं है। देश के बाहर पासपोर्ट की ताकत बढ़ रही है, इस भी विश्वास नहीं। उसे चुनाव आयोग पर विश्वास नहीं, ईवीएम पर विश्वास नहीं। क्योंकि उन्हें अपने पर विश्वास नहीं है। यह अविश्वास इसलिए बढ़ा क्योंकि सत्ता को वह अपना विशेष अधिकार मानते थे, जब जनाधिकार बढ़ने लगा तो परेशानी बढ़ने लगी।

राफेल और डोकलाम जैसे मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने आगाह किया। उन्होंने कहा कि जब डोकलाम पर स्थिति संभाल रहे थे तो आप चीन के राजदूत से बात कर रहे थे। देश के विषयों पर गंभीरता होनी चाहिए, हर जगह बचकानी हरकत से बचना चाहिए। देश की सुरक्षा के विषयों पर इस प्रकार का खेल देश माफ नहीं करेगा। राफेल के साथ भी ऐसा ही हुआ। यह समझौता दो देशों के बीच हुआ है और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है। प्रार्थना है कि इतने संवेनदशील मुद्दे पर बचकाने बयान से बचा जाए। सर्जिकल स्ट्राइक को जुमला बताना भी बचकाना है।

एनपीए की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को कठघरे में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 2009 से 2014 तक देश के बैंकों को खाली कर दिया। आजादी के 60 साल में देश के बैंकों ने 18 लाख करोड़ रुपये कर्ज दिए थे। लेकिन 2008 से 2014 तक छह साल में यह राशि 52 लाख करोड़ रुपये हो गई। कांग्रेस जब तक सत्ता में रही बैंकों को लूटती रही। दुनिया में नेट बैंकिग शुरू होने से पहले भारत में कांग्रेस ने टेलीफोन बैंकिंग शुरू कर दी। अपने चहेतों के लिए बैंकों को लुटा दिया गया। लोन चुकाने के समय दूसरा लोन दे दिया गया। यह एनपीए का जंजाल पूरी तरह कांग्रेस का है। अब हमने इसकी जांच शुरू की। 12 बड़े मामलों में तीन लाख करोड़ रुपये की राशि फंसी है। यह राशि कुल एनपीए का 25 फीसद है। तीन बड़े मामलों में 45 फीसद रिकवरी भी हो चुकी है।
 
राहुल का सवाल-राफेल विमान सौदे के विभिन्न आयामों को लेकर प्रधानमंत्री के दबाव में आकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश से असत्य बोला?
मोदी का जवाब- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय पर इस तरह ‘बचकाना रवैया’ ठीक नहीं है. राफेल सौदे को लेकर समझौता जिम्मेदार सरकारों के बीच और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ. यह दो जिम्मेदार सरकारों के बीच सौदा है, दो कारोबारी पार्टियों के बीच नहीं. देश की सुरक्षा के मुद्दे पर तो ‘यह बचकाना रवैया’ नहीं अपनाएं. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की बात करना ठीक नहीं है, ‘‘नामदार के आगे तो मैं प्रार्थना ही कर सकता हूं.’’ देश के सेनाध्यक्ष के बारे में टीका-टिप्पणी करना ठीक नहीं है. जो देश के लिए मर मिटने को तत्पर होते हैं, उनके बारे में इस तरह की बात करना ठीक नहीं है. सर्जिकल स्ट्राइक को ‘जुमला स्ट्राइक’ कहने पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आपको अगर गाली देना है, तो मोदी तैयार है लेकिन देश के जवानों के पराक्रम पर प्रहार नहीं करें. सर्जिकल स्ट्राइक की तुलना जुमला स्ट्राइक से करना देश की सेना का अपमान है.’’ इससे पहले चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर इस सौदे को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया था जिसे सीतारमण ने खारिज कर दिया था.

राहुल का सवाल- हर नागरिक के खाते में क्यों नहीं पहुंचे 15-15 लाख रुपये?
मोदी का जवाब- भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था को बल दिया है. भारत आज दुनिया की 6 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है. हमने काले धन के खिलाफ लड़ाई छेड़ी. यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है. इसके कारण कैसे-कैसे लोगों को परेशानी हो रही है. हमनें टेक्नोलॉजी का उपयोग किया. इसके माध्यम से सरकारी खजाने से निकलने वाले 90 हजार करोड़ रुपये को कहीं और जाने से रोका. ढाई लाख से ज्यादा शेल कंपनियों को ताला लगाया गया. दो लाख कंपनियों पर कभी भी ताला लग सकता है, क्योंकि इसको पहले की सरकार ने पनपाया था. बेनामी संपत्ति का कानून सरकार ने पारित किया. 20 साल तक इसे रोका गया था क्यों, किसको बताना चाहते थे. अभी तक 4.5 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की गई. देश और दुनिया को विश्वास है लेकिन जो खुद पर विश्वास नहीं कर सकते हैं वह हम पर कैसे करेंगे. इस प्रकार की मानसिकता वालों के लिए हमारे शास्त्रों में कहा गया- जब तक पक्षी के मुंह में बारिश की बूंद सीधे नहीं गिरती तो इसमें बारिश का क्या दोष? कांग्रेस को खुद पर अविश्वास है. अविश्वास उनकी कार्यशैली का हिस्सा है. उनको विश्वास नहीं है स्वच्‍छ भारत, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, आरबीआई पर विश्वास नहीं, सीजेआई पर भी विश्वास नहीं. देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कैसे हो रहा विश्वास नहीं. इनको ईवीएम पर भरोसा नहीं, चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं. यह अविश्वास क्यों बढ़ गया है? क्योंकि कुछ मुट्ठी भर लोग यह मानते थे कि यह सिर्फ उनका अधिकार है और यह जनअधिकार बनने लगा तो उन्हें तकलीफ हुई. भ्रष्टाचार पर हमला हुआ तो उनकी बेचैनी बढ़ी. भ्रष्टाचार की कमाई रुकी तो तकलीफ बढ़ी.

राहुल का सवाल- सरकार द्वारा दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का दावा गलत. क्या आपने सिर्फ 4 लाख लोगों को रोजगार नहीं दिया?
मोदी का जवाब- सितंबर 2017 से मई 2018 तक नौ महीने में संगठित क्षेत्र में 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है. एक साल के लिए यह आंकड़ा जोड़ें तो यह संख्या 70 लाख होगी. संगठित और असंगठित क्षेत्र में एक साल में एक करोड़ लोगों से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है और यह एक स्वतंत्र एजेंसी का आंकड़ा है.

राहुल का सवाल- क्या आप सिर्फ कुछ उद्योगपतियों को ही मदद नहीं करते हैं?
मोदी का जवाब- हमारी सरकार देश के किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुना करने के लिए काम कर रही है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं. देशभर में 15 करोड़ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया गया है, लेकिन विपक्ष को इस पर भी विश्वास नहीं हो रहा है. हमारी सरकार ने यूरिया की कमी नहीं होने दी, लेकिन इस पर भी विपक्ष को विश्वास नहीं है. जनधन योजना के तहत 32 करोड़ बैंक खाते खोले गए और उज्‍जवला योजना के तहत 4.5 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया."
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